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दूध भुगतान में देरी पर भड़के किसान, खरीद सीमा पर भी उठाए सवाल, आंदोलन की दी चेतावनी

दुग्ध उत्पादकों ने आरोप लगाया कि समय पर उनका भुगतान नहीं हो रहा है. जिससे जरूरी खर्चों का प्रबंध करना मुश्किल हो गया है.

MILK FAREMRS PAYMENT DELAY UNA
विधायक के साथ मिल्क प्लांट पहुंचे दर्जनों किसान (ETV BHARAT)
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By ETV Bharat Himachal Pradesh Team

Published : July 6, 2026 at 8:49 PM IST

3 Min Read
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ऊना: दूध के भुगतान में लगातार हो रही देरी और प्रतिदिन केवल 20 लीटर दूध खरीदने की सीमा तय किए जाने से नाराज दुग्ध उत्पादकों का गुस्सा सोमवार को खुलकर सामने आया. जिला ऊना के झलेड़ा स्थित हिमाचल मिल्क फेडरेशन प्लांट में दर्जनों किसान भाजपा विधायक सतपाल सिंह सत्ती के साथ पहुंचे और अपनी समस्याएं अधिकारियों के सामने रखीं. किसानों का कहना है कि मिल्क फेडरेशन की मौजूदा व्यवस्था से डेयरी व्यवसाय प्रभावित हो रहा है और उनकी आर्थिक स्थिति लगातार कमजोर होती जा रही है.

भुगतान में देरी से बढ़ी आर्थिक परेशानी

दुग्ध उत्पादकों ने आरोप लगाया कि मिल्क फेडरेशन समय पर दूध का भुगतान नहीं कर रहा है. इससे पशुओं के चारे, दवाइयों और अन्य जरूरी खर्चों का प्रबंध करना मुश्किल हो गया है. किसान मनोज कुमार ने कहा कि डेयरी व्यवसाय पूरी तरह नियमित भुगतान पर निर्भर करता है, लेकिन भुगतान में लगातार देरी होने से परिवारों पर आर्थिक दबाव बढ़ रहा है.

20 लीटर की सीमा पर किसानों की नाराजगी

किसानों ने सबसे अधिक नाराजगी प्रतिदिन केवल 20 लीटर दूध खरीदने की सीमा तय किए जाने पर जताई. किसान विजय कुमार ने कहा कि कई किसान रोजाना 50 से 150 लीटर तक दूध का उत्पादन करते हैं. ऐसे में सिर्फ 20 लीटर दूध खरीदने से बाकी दूध बेचने में भारी दिक्कत आ रही है. उन्होंने सवाल उठाया कि यदि सरकार अतिरिक्त दूध नहीं खरीदेगी तो उसका क्या किया जाए. यह फैसला डेयरी व्यवसाय करने वाले किसानों के लिए बड़ा झटका है.

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किसानों से बात करते भाजपा विधायक सतपाल सिंह सत्ती (ETV BHARAT)

दुग्ध उत्पादकों ने नए किसानों को दुग्ध समितियों से नहीं जोड़ने के फैसले का भी विरोध किया. उन्होंने कि सरकार एक तरफ स्वरोजगार और डेयरी क्षेत्र को बढ़ावा देने की बात करती है, जबकि दूसरी ओर नए किसानों को व्यवस्था से बाहर रखा जा रहा है. इससे डेयरी क्षेत्र में निवेश करने वाले युवाओं और नए किसानों का उत्साह कम होगा.

विधायक सत्ती ने सरकार से हस्तक्षेप की मांग की

मौके पर पहुंचे विधायक सतपाल सिंह सत्ती ने किसानों की समस्याओं को गंभीर बताते हुए मिल्क फेडरेशन के अधिकारियों से चर्चा की. उन्होंने कांगड़ा स्थित संबंधित अधिकारी से फोन पर बात कर किसानों की मांगों से अवगत कराया और जल्द समाधान की मांग की. सत्ती ने कहा कि दुग्ध उत्पादकों की मांग पूरी तरह उचित है. उन्होंने आरोप लगाया कि विधानसभा चुनाव के दौरान किसानों से किए गए वादों के विपरीत अब दूध खरीद पर 20 लीटर की सीमा लगाकर उनके हितों को नुकसान पहुंचाया जा रहा है. विधायक सत्ती ने कहा कि यदि सरकार ने इस फैसले पर पुनर्विचार नहीं किया तो वह इस मुद्दे को विधानसभा में मजबूती से उठाएंगे. वहीं किसानों ने भी साफ कहा कि यदि उनकी समस्याओं का जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे.

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