अतीक-अशरफ के आतंक का अंत, फिर भी खौफ के साये में क्यों है उमेश पाल का परिवार ?
उमेश पाल की पत्नी बोलीं-अब परिवार को दी जा रहीं धमकियां, फरार आरोपियों का भी वही अंजाम हो.

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : February 24, 2026 at 4:20 PM IST
|Updated : February 24, 2026 at 5:39 PM IST
प्रयागराज: तीन साल पहले 24 फरवरी 2023 का दिन और शहर का सुलेम सराय इलाका. अचानक गोलियों और बमों की आजवा से लोग दहल उठे. भाजपा के चर्चित नेता और एडवोकेट उमेश पाल की दिनदहाड़े हत्या कर दी गई. इस खौफनाक वारदात में यूपी पुलिस के दो गनर भी मारे गए. उमेश पाल पिछले 18 साल से राजूपाल हत्याकांड की पैरवी कर रहे थे. सीसीटीवी फुटेज में माफिया अतीक अहमद का बेटा असद गोलियां चलाते नजर आया. तब से बहुत कुछ बदला. अतीक और उसके भाई अशरफ की पुलिस कस्टडी में प्रयागराज में ही हत्या हो गई. बेटा असद भी मारा गया. कई आरोपी जेल में बंद हैं, लेकिन फिर भी उस घटना की दहशत उमेश पाल के परिवार पर हावी है. परिवार आज भी उस पीड़ा से गुजर रहा है. उमेश की पत्नी जया पाल का कहना है कि धमकियां अब भी बंद नहीं हुईं. उमेश पाल की हत्या के तीन साल पूरे होने के बाद परिवार पर क्या गुजर रही है, सुनिए उन्हीं की जुबानी....
परिवार आज भी खौफ के साए में: उमेश पाल की पत्नी जया पाल ने बताया कि आज ही के दिन 24 फरवरी को पति उमेश पाल को दिनदहाड़े गोलियों और बम से हमला कर छलनी कर दिया गया था. इन तीन सालों में एक-एक पल हमने उनको याद किया है. बच्चों और परिवार ने उनकी कमी महसूस की है. मैं एक साधारण सी महिला हूं. समाज में निकली और हर मुसीबत का डटकर सामना किया. मैं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का दिल से धन्यवाद देती हूं, जिसने माफिया अतीक और अशरफ को मिट्टी में मिला दिया. परिवार घटना के तीन साल बाद भी खौफ के साए में जी रहा है. हमें विभिन्न तरीकों से धमकी दी जाती है. अभी हाल ही में मेरे परिवार को सोशल मीडिया के माध्यम से हत्याकांड का सीसीटीवी फुटुज शेयर कर धमकी दी गई है. उसमें फायरिंग और बम चलते हुए दिखाया गया है. उसमें कहा गया है-'आज आपका समय है, कल मेरा समय आएगा. वो दौर भी आएगा मैं दिखाऊंगा.' कहती हैं, अभद्र भाषा का प्रयोग भी किया गया है. अतीक अहमद मेरे पति को धमकी देता था कि मैं तुम्हें यहां से मारता हुआ लेकर जाऊंगा और घर तक मारूंगा. उसी डायलॉग का प्रयोग किया गया है.

बुर्कानशीं महिलाओं ने की थी घर की रेकी: जया पाल ने बताया कि उनके घर अभी हाल ही में कुछ बुर्कानशीं महिलाएं भी हाईसिक्योरिटी के बावजूद आई थीं. वो रेकी कर रही थीं और मेरे बारे में पूछताछ कर रही थीं कि मैं कितने बजे निकलती हूं, कहां जाती हूं और किन-किन लोगों से मिलती हूं. कई बार मेरी गाड़ी का पीछा भी किया जाता है. मेरे आसपास के लोगों से भी पूछताछ कर रही थीं. बाद में पुलिस ने जब उनसे पूछताछ की है तो उनके मोबाइल में अतीक अहमद की फोटो मिली. इसकी भी शिकायत की गई है. सीसीटीवी फुटेज की जांच की गई है. यही कारण है कि पूरा परिवार एक अनजाने भय में रहता है. राजू पाल की हत्या करने के बाद मेरे पति उमेश पाल ने 18 साल तक कानूनी लड़ाई लड़ी. स्वयं पैरवी की. इसका अंजाम क्या हुआ, उनकी ही हत्या करा दी गई. यह अपना वर्जस्व दिखाने के लिए अतीक और अशरफ ने कराया था.

मां ने हमेशा कहा-शेर की पत्नी हो, शेरनी बनो: जया पाल ने बताया कि एक आम महिला होने के नाते मेरे ऊपर कई सारी परेशानियां आईं. घर चलाना मुश्किल हुआ तो मेरी सासू मां ने कहा कि तुम शेर की पत्नी हो, तुम शेरनी बनो, तुम्हें मैदान में उतरना है और लड़कर जीना है. मौत एक दिन तो आनी ही है, उससे क्या डरना. इसी बात ने मेरे अंदर पता नहीं कहां से एक नई हिम्मत और ऊर्जा दे दी. मैं अब डर को पीछो छोड़कर अपना काम करने और जनता की समस्याओं के लिए निकलती हूं. अपना घर और कारोबार संभालती हूं. मेरे घर परिवार में कोई इतना सक्षम नहीं हूं. मुख्यमंत्री जी ने हमें जिस तरह से न्याय दिया, मैं उनका दिल से धन्यवाद देती हूं. जया पाल ने कहा कि जो शेष बचे शूटर्स हैं, उनका भी वहीं हश्र होना चाहिए. जब तक वो जिंदा ,हैं हमें धमिकयां मिलती रहेंगी. मेरा परिवार खौफ में जीता रहेगा.
मां की आंखों से नहीं थम रहे आंसू: उमेश पाल की मां शांति पाल ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से निवेदन है कि आज तीन साल पूरे हो रहे हैं. जैसे अतीक और अशरफ मारा गया, उसका बेटा और शूटर्स मारे गए, उसी तरह बचे शूटर्स भी मारे जाएं. अभी भी गुड्डू मुस्लिम, अरमान और साबिर फरार हैं. उनको भी पकडृकर मिट्टी में मिला दिया जाए. शांति पाल ने कहा कि अतीक अहमद की बीवी शाइस्ता परवीन भी फरार है. वह पर्दे के पीछे से अपना गिरोह संचालित कर रही है. वो लेडी माफिया है, उसके तीन बेटे जिंदा हैं. दो जेल में हैं और एक जेल के बाहर है. ऐसे में हमारा परिवार अभी भी सुरक्षित नहीं है. शांति पाल ने बताया कि उनका परिवार अभी भी खौफ के साए में जी रहा है.

44 सेकंड में उमेश पाल की हुई थी हत्या: 24 फरवरी, 2023 का दिन. समय शाम को 4:30 बजे. उमेश पाल कचहरी से जयंतीपुर स्थित घर पहुंचे थे. उमेश पाल और उनके दो सरकारी गनर जैसे ही कार से उतरते हैं, पहले से घात लगाए हमलावरों ने उमेश पाल को बम और गोलियों से भून डाला. 44 सेकंड में उमेश पाल की हत्या को अंजाम दिया गया. मर्डर का CCTV फुटेज सामने आने के बाद यह सनसनीखेज हत्याकांड सुर्खियां बन गया. लोगों में खौफ भरने वाले इस हत्याकांड में गुड्डू मुस्लिम झोले में बम भरकर असद, साबिर, अरमान, विजय चौधरी उर्फ उस्मान को कवर देता दिखाई दिया. गुड्डू मुस्लिम झोले से बम निकाल कर फेंक रहा था. CCTV में गुड्डू मुस्लिम उमेश पाल और गनर राघवेंद्र सिंह पर बम से हमला करता दिखा था, जबकि साबिर और अरमान ने कार में बैठे गनर संदीप निषाद पर राइफल और पिस्टल से गोलियां चलाई थीं. तीनों आरोपियों की तलाश 14 राज्यों में हुई, मगर, STF इनका सुराग नहीं लगा सकी.
शूटर साबिर, गुड्डू बमबाज और अरमान आज भी पुलिस की गिरफ्त से दूर हैं. सभी पर पुलिस ने पांच-पांच लाख रुपये का ईनाम घोषित कर रखा है. अतीक अहमद की बीवी शाइस्ता परवीन भी इस साजिश का हिस्सा रही है. वह भी फरार है, जिसे आज तक पुलिस गिरफ्तार नहीं कर सकी है.

ऐसे रची गई थी साजिश: कोर्ट में पेश की गई पांचवीं चार्जशीट में पुलिस ने लिखा था कि यूपी के गैंग IS-227 का सरगना अतीक अहमद गुजरात और उसका भाई अशरफ बरेली जिला जेल में बंद थे. इसी बीच अतीक के बड़े बेटे उमर और अली को जेल भेजा गया. इसके बाद अतीक बौखला गया था. उसको लगने लगा कि पत्नी शाइस्ता परवीन और छोटा बेटा असद गैंग को ऑपरेट करने में कमजोर पड़ जाएंगे. इसी बीच उमेश पाल की हत्या करने की प्लानिंग हुई, ताकि गैंग के सामने कोई टिकने की हिम्मत न जुटा पाए. लोगों में IS-227 गैंग का खौफ भरने के लिए ही बिना फेस कवर किए दिनदहाड़े उमेश पाल की हत्या की गई.

2700 लोगों के बयान के बाद मर्डर केस की कहानी हुई साफ: STF ने चार्जशीट लगाने से पहले करीब 2700 लोगों के बयान दर्ज किए. तीनों आरोपी भले ही पकड़ से दूर हैं, मगर बयानों से जो इनपुट सामने आए, उसको चार्जशीट में लिखा गया. उसी से पूरी कहानी भी साफ हो सकी थी. उस समय नैनी सेंट्रल जेल में बंद अतीक के दूसरे नंबर के बेटे अली से मिलने गए सभी शूटरों की CCTV फुटेज सामने आने के बाद साफ हुआ था कि सारी साजिश अतीक-अशरफ ने रची थी. परिवार का हर सदस्य इसमें शामिल था, लेकिन ऑपरेशन की सारी जिम्मेदारी बमबाज गुड्डू मुस्लिम को सौंपी गई थी. गुड्डू पर असलहा मुहैया कराने से लेकर पनाह देने और मददगार तय करने की भी जिम्मेदारी थी. शूटर्स को असलहा और पेशगी अमाउंट शाइस्ता परवीन ने दिया था.

शाइस्ता परवीन ने जाहिर की थी नाराजगी: नैनी सेंट्रल जेल में बंद अतीक के बेटे अली ने फेसटाइम पर हुई बातचीत में साफ कहा था कि असद को इसमें न उतारें. सभी इस बात पर मुतमईन थे, लेकिन अतीक ने कहा था कि सभी हमारे बेटे हैं, असद वहां रहेगा, जरूरत पड़ी तो सामने आएगा. बाद में जब शाइस्ता परवीन को असद के उमेश पाल मर्डर केस में शामिल होने की जानकारी हुई तो उन्होंने अतीक से फेस टाइम पर हुई बातचीत में काफी नाराजगी जाहिर की थी. कहा था कि बेटे को कैसे बिना मुझसे पूछे इस मर्डर केस में उतार दिया? इस पर अतीक अहमद ने कहा था कि असद मेरा शेर बेटा है और उसने शेर दिल वाला काम किया है. मुझे उसे पर नाज है.
गुड्डू मुस्लिम क्यों रहा खास: बमबाज गुड्डू मीट कारोबार से जुड़ा था. अतीक अहमद ने चकिया स्थित अपने दफ्तर के पास ही उसकी मीट की दुकान खुलवाई थी, जिसे प्रशासन ने अब सील कर दिया है. घर और संपत्ति भी कुर्क की जा चुकी है. इसी दुकान से अतीक अहमद अपने घर और अपने खूंखार कुत्तों के लिए फ्रेश मीट मंगवाता था. छानबीन में सामने आया कि अतीक का वादा था कि कंपनी के जरिए मीट कारोबार में विदेश तक पहुंचाएगा. पश्चिमी उत्तर प्रदेश में गुड्डू मुस्लिम रह चुका था. उसे अंदाजा था कि यह कितना बड़ा कारोबार है. अतीक ने यह भी वादा किया था कि गुड्डू ही आने वाले चुनाव में पूरी वसूली करेगा. सारा हिसाब-किताब उसी के हाथ होगा. शाइस्ता परवीन मेयर होती हैं तो भी, नहीं होती हैं तो भी, वही सब संभालेगा. यानी की राजनीतिक विरासत में एक तरह से वह ही शाइस्ता का ट्रबल शूटर रहेगा.
अतीक ने राजनीतिक विंग की बागडोर का वादा साबिर से किया था. यही कारण है कि शाइस्ता परवीन के साथ चुनाव के दौरान कैंपेनिंग में साए की तरह साथ रहा. कई सीसीटीवी फुटेज में साबिर शाइस्ता के साथ देखा गया था. तीसरे शूटर अरमान से वादा था कि उसे सरेंडर कराया जाएगा. इसके बाद सिविल लाइंस में मार्केट का संचालन वही करेगा.
उमेश पाल मर्डर केस में पुलिस ने दाखिल की थी पांच चार्जशीट : उमेश पाल हत्याकांड में पुलिस ने पांच चार्जशीट दाखिल की थी. पहली चार्जशीट मई, 2023 में आरोपी सादाकत खान के खिलाफ दाखिल की गई थी. फिर 17 जून, 2023 को दूसरी चार्जशीट अतीक अहमद के वकील खान सौलत हनीफ, इकलाक अहमद और छह अन्य के खिलाफ दाखिल की गई थी. तीसरी चार्जशीट अतीक के वकील विजय मिश्रा के खिलाफ अक्टूबर 2023 में दाखिल की गई थी. 1 जुलाई को अतीक अहमद के जेल में बंद बेटे उमर और अली के खिलाफ साजिश रचने के आरोप में चार्जशीट दाखिल की गई थी. वकील खौन सौलत हनीफ और एडवोकेट विजय मिश्रा भी जेल में हैं. दोनों पर उमेश पाल मर्डर के साजिश में शामिल होने के आरोप हैं.
अन्य आरोपियों में अतीक की पत्नी शाइस्ता परवीन, बहन आयशा नूरी, अशरफ की पत्नी जैनब फातिमा और हमलावर गुड्डू मुस्लिम, मोहम्मद अरमान और साबिर अभी भी फरार हैं. फरार आरोपियों की तलाश के बाद पुलिस ने गुड्डू मुस्लिम, अरमान और साबिर के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी है. बार-बार नोटिस भेजने के बाद भी कोर्ट में पेश न होने पर धूमनगंज पुलिस ने अभी हाल ही में तीनों के खिलाफ एक और एफआईआर दर्ज की है. फिलहाल तीनों पांच लाख रुपये के इनामियां हैं और मोस्ट वांटेड हैं.
बढ़ गए आरोपी: उमेश पाल की पत्नी जया पाल ने 10 लोगों के खिलाफ शुरुआती FIR दर्ज करवाई थी. तीन साल के अंदर आरोपी बढ़कर 17 हो गए हैं. आरोपियों में अतीक का बहनोई डॉक्टर अखलाक अहमद, सदाकत खान, अतीक के वकील खान सौलत हनीफ, विजय मिश्रा और अतीक के बेटे मोहम्मद उमर और अली अहमद भी शामिल हैं.

