बांधवगढ़ की स्पेशल तैयारी, इस दिन से खुल जाएंगे टाइगर रिजर्व के कपाट, गाइड्स की विशेष ट्रेनिंग
1 अक्टूबर 2026 से खुलेगा बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व का कोर जोन, गाइड को विशेष ट्रेनिंग देने की तैयारी, अब पर्यटक को मिलेगी फूल जानकारी.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : August 31, 2026 at 11:34 AM IST
उमरिया: बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के कोर जोन में मानसून में सफारी पूरी तरह बंद है. 1 अक्टूबर से नए सीजन की शुरुआत होगी. उससे पहले बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व भी अपनी पूरी तैयारी में जुटा हुआ है. इसके लिए गाइड को विशेष ट्रेनिंग देने की तैयारी चल रही है, जिससे पर्यटकों को और बेहतर गाइड मिल सके और पर्यटक बेहतर तरीके से टाइगर रिजर्व को दिखा सके.
ट्रेनिंग से पहले परीक्षा
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक अनुपम सहाय ने बताया, "बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में पर्यटकों को वन्य जीव अनुभव देने में गाइड की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है, गाइड के निरंतर क्षमता विकास एवं उनके प्रशिक्षण के माध्यम से पर्यटकों को उच्च गुणवत्ता का अनुभव प्रदान करने की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम है."
181 गाइड्स को मिला प्रशिक्षण
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व प्रबंधन पर्यटन वर्ष 2026-27 के लिए तैयारी जोर-शोर से चल रही है. गाइड्स के प्रशिक्षण कार्यक्रम को अधिक प्रभावी, उपयोगी और बेहतर बनाने के मकसद से पहले एक मूल्यांकन परीक्षा का आयोजन किया गया. जिसमें कुल 181 गाइड्स ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की.
वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूकता
प्रशिक्षण से पहले गाइड्स का मूल्यांकन परीक्षा कराया गया. इसका मकसद गाइड्स के वर्तमान ज्ञान, समझ का प्रारंभिक मूल्यांकन करना और आगामी प्रशिक्षण कार्यक्रम की विषय-वस्तु को उनकी वास्तविक आवश्यकताओं के अनुरूप अधिक सटीक, प्रभावशाली एवं व्यावहारिक बनाना है. साथ ही प्रशिक्षण से पहले मूल्यांकन परीक्षा के माध्यम से गाइड्स में बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व की जैव विविधता, वन्यजीव, संरक्षण, पर्यटन प्रबंधन, पर्यटक व्यवहार एवं जिम्मेदार पर्यटन के प्रति जागरूकता और सीखने की भावना को और मजबूत करना है.

कब से कब तक ट्रेनिंग
मूल्यांकन से मिले रिजल्ट के आधार पर 1 सितंबर 2026 से 14 दिवसीय गाइड प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन होगा. जिसमें कुल 7 बैच शामिल होंगे. जहां प्रत्येक बैच के करीब 30 गाइड्स को दो दिवसीय प्रशिक्षण दिया जाएगा. जिसमें गाइड्स की आवश्यकताओं एवं ज्ञान के स्तर के अनुरूप प्रशिक्षण विषयों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा.
- बाघिन और 2 शावकों ने किया चीतल का शिकार, लोमड़ी को निगल गया अजगर, कैमरे में कैद हुए दो खौफनाक दृश्य
- मंडला के आदिवासी ने लाठी से हांका टाइगर, 15 मिनट चली भीषण जंग, नहीं छोड़ा मोर्चा
इसका उद्देश्य गाइड्स को केवल पर्यटकों को वन्यजीव दिखाने वाले व्यक्ति के रूप में नहीं, बल्कि बांधवगढ़ की प्राकृतिक विरासत के प्रभावी व्याख्याकार एवं संरक्षण के सहभागी के रूप में विकसित करना है.

