बाघों के गढ़ में नया साल, 10 जनवरी तक जंगल सफारी फुल, बड़ी संख्या में पहुंचे टूरिस्ट
उमरिया के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में 10 जनवरी तक बुकिंग फुल, नया साल मनाने बड़ी संख्या में पहुंचे पर्यटक

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : January 1, 2026 at 8:42 AM IST
उमरिया: देशभर में हर्षल्लास के साथ नए साल का स्वागत किया गया. कोई होटल, रेस्टोरेंट, टूरिस्ट प्लेस, क्लब पहुंचा तो कई धार्मिक स्थल और टाइगर रिजर्व भी गए. न्यू ईयर सेलिब्रेशन को लेकर देशभर में सार होटल, रिसॉर्ट बुक रहे. वहीं इस बार लोगों का रुझान बाघों के गढ़ में प्रकृति के बीच रहकर कड़ाके की ठंड में सेलिब्रेट करने का भी नजर आया, बड़ी संख्या में लोग उमरिया के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व पहुंचे. यहां भी ऑनलाइन टिकट से लेकर सभी होटल रिसॉर्ट फुल चल रहे हैं, एक भी जगह खाली नहीं है.
नए साल में उमड़ा पर्यटकों का हुजूम
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में नए साल में इस बार पर्यटकों का हुजूम उमड़ा. बाघों के गढ़ में प्रकृति की वादियों के बीच लोग नए साल को सेलिब्रेट करने पहुंचे. वहीं पर्यटकों और बुकिंग को देखते हुए बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व ने भी पूरा तैयारियां कर रखी थी. पर्यटकों के आने के हालात यह हैं कि बांधवगढ़ के सारे होटल रिसोर्ट्स फुल हैं, एक भी जगह नहीं बची है. बताया जा रहा है कि होटल किराए में भी लगभग 10 से 20% तक की बढ़ोतरी कर दी गई थी. नए साल का उत्साह लोगों में इतना ज्यादा है कि 10 जनवरी तक कोर और बफर जोन की जंगल सफारी के लिए ऑनलाइन टिकट पूरी तरह से बुक हो चुकी है.


पर्यटकों की भीड़, तैयारी पूरी
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के उप संचालक पीके वर्मा बताते हैं कि "इस बार नए साल को लेकर बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व ने पूरी तैयारी रखी थी. जिससे पर्यटकों को कोई परेशानी न हो. रिसॉर्ट पूरी तरह से फुल चल रहे हैं. उन्होंने बताया कि दिन में हम कोर और बफर को मिलाकर के पार्क में 210 गाड़ियों को एंट्री कर सकते हैं. जो NTCA के गाइडलाइन के हिसाब से भी है और पार्क के केयरिंग कैपेसिटी के हिसाब से भी है.


इस तरह से एक गाड़ी में 6 लोग के हिसाब से 1260 लोग एक दिन में पार्क में अंदर जा सकते हैं. इससे ज्यादा की एंट्री नहीं हो सकती है, सभी ऑनलाइन टिकट फुल चल रहे हैं. ऑफलाइन टिकट आजकल अवेलेबल नहीं है, केवल फील्ड डायरेक्टर के विशेषाधिकार के अलावा, बाकी सभी फुल चल रहे हैं."

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बाघ और हाथियों के साथ पुरातत्व का तड़का
बांधवगढ टाइगर रिजर्व बाघों का गढ़ माना जाता है, क्योंकि यहां बड़ी आसानी से बाघों की साइटिंग हो जाती है. इसके अलावा इन दिनों उमरिया, शहडोल संभाग में कड़ाके की ठंड पड़ रही है. उमरिया के बांधवगढ के टाइगर रिजर्व में भी कड़ाके की ठंड पड़ रही है. मौसम सुहाना है. यहां का जंगल बाघों के अलावा दूसरे वन्य प्राणी और अब तो यहां के हाथी भी पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण के केंद्र है. इसके अलावा बांधवगढ टाइगर रिजर्व पुरातात्विक इतिहास के लिए भी जाना जाता है. यहां पर कई ऐसी ऐतिहासिक पुरातत्व की चीजें हैं, जो अद्भुत हैं ऐतिहासिक हैं.

