'उमर खालिद मेरा गुरु नहीं...'; दिल्ली की अदालत में शरजील इमाम ने ऐसा क्यों कहा ?
दिल्ली दंगों की साजिश मामले में शरजील इमाम ने कोर्ट में कहा कि उमर खालिद उसका गुरु या मेंटर नहीं था.

Published : January 8, 2026 at 6:55 PM IST
नई दिल्ली: दिल्ली दंगों की साजिश मामले में सुप्रीम कोर्ट ने पिछले दिनों उमर खालिद और शरजील इमाम को जमानत नहीं दी. अब दंगों से जुड़े मामले में गुरुवार को आरोपी शरजील इमाम ने कड़कड़डूमा कोर्ट में बयान दर्ज कराया है. आरोपी शरजील इमाम ने कोर्ट में कहा कि उमर खालिद उनके गुरु या मार्गदर्शक नहीं है. दिल्ली पुलिस का यह दावा झूठा है.
शरजील की ओर से पेश वकील तालिब मुस्तफा ने एडिशनल सेशंस जज समीर बाजपेयी की कोर्ट में ये बातें आरोप तय करने पर दलीलें रखते हुए कही. शरजील इमाम की ओर से कहा गया कि जेएनयू में पढ़ाई के दौरान पांच सालों में उमर खालिद से कोई बातचीत नहीं हुई है. वकील तालिब मुस्तफा ने कहा कि दिल्ली पुलिस का ये कहना कि उमर खालिद ने उन्हें निर्देश दिया ये पूरी तरह झूठ है. उन्होंने कहा कि उमर खालिद और शरजील इमाम एक मीटिंग में एक ही बार साथ दिखे हैं. लेकिन उस मीटिंग में भी हिंसा की कोई बात नहीं हुई थी.
वकील तालिब मुस्तफा ने कहा कि 2020 में नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ सब ओर विरोध हो रहा था. कई सारे आरोपी नागरिकता संशोधन कानून का विरोध कर रहे थे, इसका मतलब ये नहीं कि वो कोई साजिश था. उन्होंने कहा कि शरजील इमाम ने कभी भी हिंसा को बढ़ावा नहीं दिया.
वकील तालिब मुस्तफा ने ये भी कहा कि शरजील इमाम के चैट, उसके पंपलेट्स और भाषण सब कुछ देख लीजिए. दिल्ली पुलिस कहती है कि शरजील हिंसा चाहता था या दंगा कराना चाहता था, लेकिन किसी बैठक से हिंसा या दंगे का कोई संबंध नहीं है. बता दें कि 5 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट ने शरजील इमाम की जमानत याचिका खारिज करते हुए एक साल के बाद ही दोबारा जमानत अर्जी दाखिल करने का निर्देश दिया था.
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