उज्जैन में विक्रमोत्सव का आगाज, महाभारत काल के हथियारों की प्रदर्शनी, प्रीतम ने बांधा समां
महाशिवरात्रि पर उज्जैन में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने किया विक्रमोत्सव और व्यापार मेले का शुभारंभ किया, सिंगर प्रीतम ने दी रंगारंग प्रस्तुति.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : February 16, 2026 at 12:44 PM IST
|Updated : February 16, 2026 at 1:17 PM IST
उज्जैन: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव महाशिवरात्रि पर्व की रात उज्जैन पहुंचे. उन्होंने महाकाल के धाम में परिवार सहित आशीर्वाद लिया. साथ ही उज्जैन में व्यापार मेले की शुरुआत की. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विक्रमोत्सव की शुरुआत के दौरान 21 लाख रुपए के राष्ट्रीय स्तर के सम्मान की शुरुआत की. विक्रमोत्सव 139 दिवसीय मनाया जाना है. शुभारंभ के दौरान प्रसिद्ध गायक कलाकार प्रीतम ने विशेष प्रस्तुति दी, जिन्हें देखने बड़ी संख्या में दर्शक पहुंचे.
विक्रमोत्सव की शुरुआत
नमो नमो शंकरा की गूंज से महाकाल नगरी में महाशिवरात्रि की रात खूब उत्साह उमड़ा. विक्रमोत्सव 2026 के शुभारंभ के मौके पर प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और प्रसिद्ध गायक कलाकार प्रीतम व अन्य उज्जैन पहुंचे. मुख्यमंत्री ने दीप प्रज्ज्वलन के साथ आयोजन की शुरुआत की. उन्होंने कहा, ''विक्रम उत्सव अब देश के सबसे बड़े सांस्कृतिक-धार्मिक आयोजनों में स्थापित हो चुका है और इसकी गूंज उज्जैन से निकलकर पूरे मध्य प्रदेश के देवालयों तक पहुंच रही है.''
139 दिवसीय रहेगा विक्रमोत्सव
आयोजन शहर के पॉलिटेक्निक कॉलेज परिसर में आयोजित हुआ जो 139 दिवसीय रहेगा. मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने विक्रमोत्सव की शुरुआत के दौरान कहा, ''विक्रम उत्सव अब अंतराष्ट्रीय स्तर का स्वरूप ले चुका है. इस वर्ष 21 लाख रुपए के राष्ट्रीय स्तर के सम्मान की शुरुआत की.'' 1 करोड़ 1 लाख रु का अंतराष्ट्रीय विक्रम और 5-5 लाख के तीन राज्य स्तरीय सम्मान स्थापित करने की मुख्यमंत्री ने मंच से घोषणा की.

'सबसे बड़ा आयोजन बनकर उभरा विक्रमादित्य'
मुख्यमंत्री ने कहा कि, ''उज्जैन अनादि नगरी अवंतिका की गौरवशाली परंपरा सम्राट विक्रमादित्य के स्वर्णिम काल की याद दिलाती है. उनके दरबार में महाकवि कालिदास सहित नवरत्नों की उपस्थिति सुशासन और सांस्कृतिक वैभव का प्रतीक रही है. वर्ष 2005 से निरंतर आगे बढ़ रहा विक्रम संवत आधारित यह आयोजन अब भव्य स्वरूप ले चुका है और इस वर्ष का विक्रमोत्सव अब तक का सबसे बड़ा आयोजन बनकर उभरा है.''
उन्होंने स्पष्ट किया कि, ''विक्रमोत्सव केवल धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित नहीं है, बल्कि भक्ति, व्यापार और समग्र विकास, तीनों को साथ लेकर चलने का सशक्त मंच है.'' कार्यक्रम की शुरुआत सामूहिक शंखनाद से हुई. पूरे परिसर को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया. सैकड़ों कलाकारों ने एक साथ शंख और डमरू वादन कर अद्भुत समां बांधा, जिसे दर्शकों ने जोरदार तालियों से सराहा.

मुख्यमंत्री ने विक्रम व्यापार मेला 2026 का शुभारंभ किया
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने महाशिवरात्रि के मौके पर उज्जैन व्यापार मेले का शहर के शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज मैदान में शुभारंभ किया. व्यापार मेले के शुभारंभ पर मुख्यमंत्री ने कहा, ''सम्राट विक्रमादित्य की नगरी अवंतिका विकास के नए कीर्तिमान बना रही है. व्यापार, व्यवसाय में बाबा श्री महाकाल की नगरी तेजी से प्रगति कर रही है. विक्रम व्यापार मेले का आयोजन तीसरी बार किया जा रहा है. व्यापार मेले से जिले और आस-पास के क्षेत्र में आर्थिक प्रगति हुई है. विक्रम व्यापार मेला साल 2024 में 23,705 वाहनों की विक्री पर लगभग 122 करोड़ की छूट दी की गई थी,.साल 2025 में 36,225 वाहनों की बिक्री पर 187 करोड़ की छूट दी की गई थी.

नगर निगम को अभी तक 4 करोड़ 10 लाख की आय हो गई है. इस वर्ष विक्रम व्यापार मेले में फोर व्हीलर के 139 स्टाल, 2 व्हीलर के 36 स्टाल, कार डेकोरेशन, सांची, बैंक्स के स्टाल और अन्य उत्पादों के स्टॉल्स भी लगाए गए है.'' मुख्यमंत्री ने कहा कि, ''उज्जैन अब व्यापारिक नगरी के रूप में स्थापित हो रहा है. उज्जैन व्यापार मेले से प्रदेश के लोगों को वाहन कर से 50% छूट मिली है और लोगों ने बड़े उत्साह के साथ गाड़ियों को खरीदा है. साथ ही मेले में कपड़े, मनिहारी, मालवी व्यंजन और अन्य सामानों की दुकान भी इस व्यापार वाले में लग रही हैं. जिससे उज्जैन में रोजगार के नए अवसर भी उपलब्ध हो रहे हैं.''

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मुख्यमंत्री ने किए महाकाल दर्शन
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सपत्नीक महाशिवरात्रि पर्व के पावन अवसर पर श्री महाकालेश्वर मंदिर पहुंचकर भगवान श्री महाकाल के दर्शन किए. इस दौरान मंदिर समिति की और से कलेक्टर ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया गया. मुख्यमंत्री ने सपत्नीक गर्भ गृह में प्रवेश कर विधिवत पूजा-अर्चना कर देश प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति और जन कल्याण की कामना की.

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि, ''महाशिवरात्रि केवल पर्व नहीं बल्कि आत्मशुद्धि और शिव तत्व से जुड़ने का अवसर है, जो समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है. देश एवं प्रदेशवासियों को महाशिवरात्रि पर्व की शुभकामनाएं दी. पूजन के बाद मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं से चर्चा भी की और मंदिर परिसर में की गई व्यवस्थाओं की जानकारी ली.''

