सिंहस्थ 2028 के लिए होमगार्ड की होगी भर्ती, 25000 से अधिक जवान और वॉलेंटियर्स रहेंगे तैनात
मध्य प्रदेश में होमगार्ड को दी जा रही है स्पेशल ट्रेनिंग, सिंहस्थ 2028 में कुल 25 हजार होमगार्ड, एसडीईआरएफ के जवान और वॉलेंटियर्स होंगे तैनात.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : June 30, 2026 at 7:07 PM IST
उज्जैन: सिंहस्थ महापर्व को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और किसी भी प्रकार की आपदा से निपटने के लिए होमगार्ड, नागरिक सुरक्षा और आपदा प्रबंधन विभाग ने अभी से तैयारियां तेज कर दी हैं. करोड़ों श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा, आपदा प्रबंधन, राहत और बचाव कार्यों के लिए एक मजबूत नेटवर्क तैयार किया जा रहा है.
होमगार्ड डायरेक्टर जनरल प्रज्ञा ऋचा श्रीवास्तव ने बताया, "सिंहस्थ के दौरान किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए होमगार्ड, एसडीआरएफ, सिविल डिफेंस वॉलेंटियर्स, आपदा मित्र और अन्य एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जा रहा है. विभाग ने इसके लिए विशेष कार्य योजना तैयार की है, जिसमें भर्ती से लेकर प्रशिक्षण और मैदान में तैनाती तक की पूरी रणनीति शामिल है."
पहले चरण में भर्ती, फिर होगी विशेष ट्रेनिंग
होमगार्ड एवं आपदा प्रबंधन विभाग की डायरेक्टर जनरल प्रज्ञा ऋचा श्रीवास्तव ने बताया कि "सबसे महत्वपूर्ण चरण भर्ती और ट्रैनिंग का है. बड़ी संख्या में होमगार्ड जवानों की भर्ती की जानी है. इसके साथ ही मौजूद होमगार्ड, एसडीआरएफ जवानों और सिविल डिफेंस वॉलेंटियर्स को आपदा प्रबंधन, भीड़ नियंत्रण, राहत एवं बचाव कार्यों के लिए उज्जैन में क्षिप्रा नदी के किनारे व अन्य जगह ट्रेनिंग दी जा रही है. वहीं, जिनकी भर्ती अभी होगी, उन्हें बाद में ट्रेन किया जाएगा."
25000 से अधिक जवान और वॉलेंटियर्स रहेंगे तैनात
प्रज्ञा ऋचा श्रीवास्तव ने बताया, "श्रद्धालुओं की सुरक्षा व्यवस्था में फिलहाल तो 10 हजार से अधिक होमगार्ड और एसडीआरएफ जवानों की तैनाती की योजना बनाई है. इसके अलावा करीब 15 हजार आपदा मित्र और ट्रेंड वॉलेंटियर्स भी श्रद्धालुओं की सहायता और आपदा प्रबंधन में भूमिका निभाएंगे. वहीं, इसमें और लोगों की भर्ती कर जरूरत अनुसार इनकी संख्या बढ़ाई जाएगी."

श्रद्धालुओं की संख्या के अनुसार बनेगी व्यवस्था
डीजी प्रज्ञा ऋचा श्रीवास्तव ने कहा कि "इस बार सिंहस्थ में श्रद्धालुओं की संख्या करोड़ों में अनुमानित है. इसी को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा व्यवस्था का विस्तार किया जा रहा है. विभाग ने स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर तैयार किया है, जिसके तहत अलग-अलग वर्ग के श्रद्धालुओं के साथ व्यवहार और सहायता के लिए जरूरी दिशा-निर्देश बनाए गए हैं.
सिंहस्थ में आने वाले श्रद्धालुओं में बुजुर्ग, बच्चे, महिलाएं और युवा बड़ी संख्या में शामिल होंगे. ऐसे में जवानों और वॉलेंटियर्स को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा कि वे अलग-अलग आयु वर्ग और जरूरतों के अनुसार उनकी सहायता कर सकें. भीड़ में भटकने वाले बच्चों, बुजुर्गों की सहायता, मेडिकल इमरजेंसी और भीड़ के दबाव जैसी स्थितियों के लिए अलग-अलग टीमें बनाई जाएंगी."

एआई और डिजिटल तकनीक का उपयोग
खास बात यह है कि "टेक्नोलॉजी का भी बड़े स्तर पर उपयोग किया जाएगा. विभाग डिजिटल सिस्टम और एआई आधारित तकनीकों को सुरक्षा व्यवस्था से जोड़ने की तैयारी कर रहा है. भीड़ की निगरानी, आपात स्थिति की पहचान, सूचना के तेज आदान-प्रदान और बेहतर समन्वय के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया जाएगा.
- उज्जैन में 13 करोड़ लोगों के आने का अनूठा राज, चार पिलर पर टिका महाकाल नगरी का आधार
- "राम मंदिर में चोरी पर कुछ तो बोलो महाराज" कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि ने रखी मुंह पर उंगली
लक्ष्य सुरक्षित और व्यवस्थित सिंहस्थ
विभाग का लक्ष्य है कि सिंहस्थ 2028 में श्रद्धालुओं को बेहतर सुरक्षा, सुविधा और सहायता मिले. प्रशिक्षित मानव संसाधन, टेक्नोलॉजी और सभी एजेंसियों के बीच तालमेल के जरिए उज्जैन में होने वाले इस महापर्व को सुरक्षित और सफल बनाने की तैयारी की जा रही है.

