सोमनाथ महोत्सव की तर्ज पर उज्जैन में श्री महाकाल महोत्सव, ये है कार्यक्रम की रूपरेखा
उज्जैन में 5 दिवसीय श्री महाकाल महोत्सव की तैयारियां जोरों पर. इस दौरान 3 देशों के कलाकार आकर्षक प्रस्तुतियां देंगे. शंकर महादेवन भी आएंगे.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : January 9, 2026 at 6:59 PM IST
उज्जैन : श्री महाकाल लोक में 14 से 18 जनवरी तक श्री महाकाल महोत्सव का आयोजन किया जाएगा. आयोजन में भाग लेने के लिए 7 राज्यों के मुख्यमंत्री और मंदिरों के प्रमुखों को आमंत्रित किया गया है. महोत्सव में भारत, इंडोनेशिया एवं श्रीलंका के कलाकार प्रस्तुति देंगे. सोमनाथ महोत्सव की तर्ज पर उज्जैन में श्री महाकाल महोत्सव होगा. कलेक्टर रोशन कुमार सिंह ने बताया "5 दिवसीय श्री महाकाल महोत्सव का शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव करेंगे."
14 जनवरी को शंकर महादेवन की प्रस्तुति
पहले दिन 14 जनवरी को शंकर महादेवन अपने बेटों सिद्धार्थ और शिवम के साथ शाम 7 बजे श्री महाकाल महालोक में शिवोहम प्रस्तुति देंगे. शंकर महादेवन के बेटे भी पार्श्व गायक हैं. 15 जनवरी को शिव संगीतिक प्रस्तुति होगी, जोकि द ग्रेट इंडियन क्वायर मुंबई की टीम देगी. 16 जनवरी को प्रसिद्ध पार्श्व गायिका सोना महापात्रा शाम 7 बजे श्री महाकाल लोक में प्रस्तुति देंगी.
17 जनवरी को शाम 7 बजे श्रेयस शुक्ला एवं बैंड इंदौर, विपिन अनेजा एवं बैंड मुंबई सुगम संगीत की प्रस्तुति देंगे. इसके अलावा 18 जनवरी को शिव केंद्रित नृत्य नाट प्रस्तुति इंडोनेशिया के कोकोरदा पुत्रा व श्रीलंका अरियारन्ने कालूराच्ची की प्रस्तुति होगी.
जनजातीय नृत्य भी आकर्षण का केंद्र
14 जनवरी को मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा से भारिया जनजातीय भडम नृत्य, बैतूल से गोंड जनजातीय ठाट्या नृत्य, हरदा से काठी नृत्य, धार से भील जनजातीय भगौरिया नृत्य एवं उज्जैन से कला माच शिव बारात (माच शैली) का आयोजन होगा.
15 जनवरी को अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी विषय शिव तत्व और महाकाल का पूरा इतिहास, साहित्य और संस्कृति के परिप्रेक्ष्य में, डिंडोरी जिले के गोण्ड जनजातीय गुडूमबाजा, डिंडोरी जिले के ही बेगा जनजातीय करमा नृत्य, सागर से बरेदी नृत्य, धार से भील जनजातीय भगोरिया नृत्य की प्रस्तुति होगी.

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जहां भी ज्योतिर्लिंग हैं, वहां के मुख्यमंत्री आमंत्रित
वीर भारत न्यास के सचिव श्री राम तिवारी ने बताया " यह आयोजन सोमनाथ महोत्सव की तर्ज पर होगा. जहां-जहां भी ज्योतिर्लिंग स्थापित हैं, ऐसे 7 राज्यों के मुख्यमंत्री को और मंदिरों के प्रमुखों को आमंत्रित किया गया है. आयोजन का उद्देश्य सभी समाज-संप्रदाय के वे लोग जो शिव भक्त हैं, उन्हें एकजुट करना, सनातन परंपरा का संरक्षण करना है."
"प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमनाथ मंदिर में सोमनाथ उत्सव के माध्यम से देश की सनातन परंपरा को आगे बढ़ाया. इसके पहले भी शैव मंदिरों पर हुए आक्रमण के बाद संरक्षण की पहल होती रही है. आयोजन में संगीत नृत्य नाटक प्रदर्शनियां व जनजातीय समाज को जोड़ने का मुख्य कार्यक्रम है."

