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मध्य प्रदेश में मानसून का खेल शुरू, उफान पर शिप्रा नदी, पानी में डूबे रामघाट के कई मंदिर

मध्य प्रदेश में दिखने लगा मानसून का असर, उज्जैन में भारी बारिश से बढ़ा शिप्रा का जलस्तर, घाटों में भरा पानी, छतरपुर में 2 की मौत.

UJJAIN SHIPRA WATER LEVEL RISES
उफान पर शिप्रा नदी (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Madhya Pradesh Team

Published : July 3, 2026 at 2:16 PM IST

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Updated : July 3, 2026 at 2:31 PM IST

4 Min Read
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उज्जैन/छतरपुर: कहते हैं देर आए पर दुरुस्त आए, ये बात इस समय मध्य प्रदेश में मानसून को देखकर सटीक बैठते दिख रही है. पहले तो प्रदेश में मानसून देरी से आया, इसके बाद जब मानसून ने एंट्री लो तो बारिश न के बराबर देखने मिली, लेकिन अब धीरे-धीरे मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है. एमपी के कुछ हिस्सों में तो ऐसे हालात बन गए हैं कि शहरों में पानी घुस गया है. उज्जैन में हुई झमाझम बारिश से शिप्रा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है. जिसके चलते रामघाट सहित अन्य घाटों पर स्थित छोटे मंदिर जलमग्न हो गए हैं. वहीं छतरपुर में तो बारिश और बिजली ने दो लोगों की जान ले ली.

उज्जैन में तेज बारिश के बाद बढ़ा शिप्रा का जलस्तर

सबसे पहले बात महाकाल नगरी उज्जैन की करते हैं. यहां गुरुवार रात तेज बारिश हुई. जिसके बाद शिप्रा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है. लगातार बारिश के चलते रामघाट सहित अन्य घाटों पर स्थित कई छोटे मंदिर जलमग्न हो गए हैं. नदी का बढ़ता जलस्तर देखते हुए प्रशासन ने एहतियात के तौर पर घाटों पर आम लोगों की आवाजाही प्रतिबंधित कर दी है. वहीं एसडीआरएफ और होमगार्ड के जवानों की तैनाती कर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है.

उज्जैन में भारी बारिश से भरा पानी (ETV Bharat)

शहर में भरा पानी, घाट और छोटे मंदिर हुए जलमग्न

उज्जैन और आसपास के क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश से मौसम सुहावना हो गया है और लोगों को उमस व गर्मी से राहत मिली है. अच्छी बारिश से किसानों के चेहरों पर भी खुशी लौट आई है, क्योंकि इससे खरीफ फसलों के लिए बेहतर स्थिति बनने की उम्मीद है. हालांकि शिप्रा नदी के बढ़ते जलस्तर के कारण घाटों पर तर्पण, पूजन और अन्य धार्मिक गतिविधियां प्रभावित हुई हैं. सुबह पूजा-अर्चना के लिए पहुंचे श्रद्धालुओं को सुरक्षा कारणों से घाटों पर जाने से रोक दिया गया.

उज्जैन में गुरुवार रात से शुक्रवार सुबह तक 2.8 इंच बारिश

जीवाजीराव वेधशाला के अनुसार गुरुवार रात 8 बजे से शुक्रवार सुबह तक करीब 2.8 इंच बारिश दर्ज की गई है. वहीं मानसून सीजन की शुरुआत से अब तक जिले में लगभग 12 इंच वर्षा रिकॉर्ड की जा चुकी है. मौसम विभाग ने शुक्रवार को भी उज्जैन और आसपास के क्षेत्रों में भारी बारिश की संभावना जताई है, जिसके चलते प्रशासन पूरी तरह सतर्क है.

होमगार्ड और एसडीआरएफ जवान तैनात

होमगार्ड प्रभारी सैनिक रशीद खान ने बताया कि "गुरुवार से शुक्रवार तक जो बारिश हुई है. उसके फलस्वरूप शिप्रा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा है. दत अखाड़ा रपट पर 5 से 6 फीट पानी लगभग अभी है. यात्रियों से हम निवेदन कर रहे हैं, कि गहरे पानी में ना जाएं. उन्होंने कहा कि हम तीन शिफ्टों में काम कर रहे हैं. होमगार्ड और एसडीआरएफ के 33 जवान हैं.

UJJAIN TEMPLES SUBMERGED
घाट के पास मंदिर हुए जलमग्न (ETV Bharat)

छतरपुर में बिजली गिरने से दो की मौत

वहीं छतरपुर में भी बारिश और बिजली का कहर देखने मिला. यहां जिला मुख्यालय से 50 किलोमीटर दूर बड़ामलहरा में विश्वान निवासी कनई आदिवासी और चरन आदिवासी सहित 5-6 लोग गुरुवार को धसान नदी गए थे. यहां वे बाण सुजारा बांध में मछली पकड़ने गए थे. जहां से वापसी के दौरान बारिश शुरू हो गई. इस बीच एक नाले में पानी बढ़ जाने के कारण चार लोग दूसरे रास्ते से निकल गए, जबकि कनई आदिवासी और चरन आदिवासी दूसरे रास्ते से लौट रहे थे.

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छतरपुर में बिजली गिरने से 2 की मौत (ETV Bharat)

दोनों चचेरे भाई पेड़ के नीचे खड़े थे

तभी बारिश तेज होने पर दोनों एक पेड़ के नीचे खड़े हो गए. इस दौरान अचानक अकाशीय बिजली गिरने से दोनों चचेरे भाई की मौत हो गई. जबकि दूसरे पेड़ के पास खड़े दूसरे दोस्त उनके सुरक्षित बच गए. घटना की सूचना मिलने के बाद घुवारा तहसीलदार प्रीतम सिंह और पुलिस टीम मौके पर पहुंची. पुलिस ने पंचनामा कार्रवाई कर दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. दोनों चचेरे भाईयों की मौत के बाद गांव में मातम का माहौल है. मृतक के परिजनों को 4 लाख की आर्थिक सहायता राशि देने का प्रशासन ने ऐलान किया है.

Last Updated : July 3, 2026 at 2:31 PM IST