सिंधिया राजघराने की कोठी बनेगी एक्सपीरियंस सेंटर, सिंहस्थ में दुनिया देखेगी 100 साल का इतिहास
सिंधिया राजघराने की कोठी को कुंभ एक्सीपिरियंस सेंटर बनाने की तैयारी. सिंहस्थ 2028 से पहले 275 करोड़ के रेनोवेशन का कार्य प्रस्तावित.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : October 26, 2025 at 11:03 PM IST
|Updated : October 27, 2025 at 9:27 AM IST
उज्जैन: सिंधिया राजघराने की कोठी (कोठी महल) को मध्य प्रदेश सरकार कुंभ एक्सपीरियंस सेंटर बनाने की तैयारी में है. इससे शहर के कोठी रोड स्थित इस समृद्ध विरासत को विश्व स्तरीय पहचान भी मिल सकेगी. सिंधिया राजघराने की 100 सालों से ज्यादा पुरानी कोठी अब सिंहस्थ का एक्सपीरियंस सेंटर बनेगी. इसमें कुंभ का ज्योतिष, आध्यात्मिक एवं ऐतिहासिक महत्व दिखेगा. उदाहरण के लिए समुद्र मंथन, नीलकंठ की कथा, चित्रण, नागा साधु और अखाड़ों की परंपरा, क्षीप्रा स्नान, तीर्थ के महत्व व अन्य तमाम जानकारी रहेगी.
दो चरणों में किया जाएगा कार्य
उज्जैन कलेक्टर रोशन कुमार सिंह, स्मार्ट सिटी सीओ संदीप शिवा और उज्जैन नगर निगम कमिश्नर अभिलाष मिश्रा से मिली जानकारी के अनुसार, यह कार्य 2 चरणों में किया जाएगा. इस कार्य में वैदिक काल से लेकर स्वतंत्रता संग्राम व इतिहास के नायकों की वीर गाथाएं शामिल होंगी. इसका डिजाइन आधुनिकता और भारतीय परंपरा का संतुलन दर्शाएगी. इसके बनने के बाद ही इसके खुलने का समय वह अन्य विषय तय किए जाएंगे.

स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत 18 महीने में पूरा होगा काम
उज्जैन शहर के कोठी रोड पर पहले प्रशासनिक कार्यालय हुआ करते थे, लेकिन अब इसको रिनोवेट करके पर्यटकों के लिए तैयार किया जा रहा है. पहले चरण में वीर भारत संग्रहालय का रिनोवेशन करना है. इसे गुजरात की एक निजी कंपनी स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के माध्यम से 18 महीनों में बनाकर तैयार करेगी. इस कार्य के पूरा होने के बाद यहां आने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं को उज्जैन में मंदिरों के दर्शन के साथ-साथ वीर भारत संग्रहालय में इतिहास के नायकों से रूबरू होने का मौका मिलेगा.
इसमें पर्यटक भारत का परिचय गैलरी, 6 इमर्सिव एक्सपीरियंस गैलरी, 5 डिजिटल गैलरी, थिमैटिक पैनल गैलरी, फिजिकल कनेक्टिविटी कॉरिडोर, बच्चों के लिए इंटरेक्टिव लर्निंग जोन, फोटो गैलरी, स्वतंत्रता सेनानियों के लिए थीम डिजाइन, कैफेटेरिया, एमईपी कार्य, ऑटोमेशन सिस्टम, ए-आर, वी-आर अनुभव, इंटरेक्टिव और डिजिटल स्क्रीन, सांस्कृतिक क्षेत्रों का विकास, डिजिटल टूर, संग्रहालय का प्रबंधन और रखरखाव जैसे कार्य किए जाएगे.

स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत 18 महीने में पूरा होगा काम
इस महल की डिजाइन राजपूत और मराठा वास्तुकला शैली पर आधारित है. मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने 1 मार्च 2024 को इसका शिलान्यास किया था. सिर्फ वीर भारत संग्रहालय का कार्य पहले चरण में तय हुई 80 करोड़ रुपए की लागत में से 45 करोड़ रुपए उज्जैन स्मार्ट सिटी और शेष राशि वीर भारत न्यास खर्च करेगा.
दूसरे चरण के लिए 275 करोड़ रुपए प्रस्तावित
दूसरे चरण के कार्यो में कुंभ एक्सपीरियंस सेंटर बनाने की कार्य योजना तैयार हुई है. इसमें 80 करोड़ का बजट बढ़ाकर उज्जैन स्मार्ट सिटी ने 275 करोड़ प्रस्तावित किया है. इसका उद्देश्य उज्जैन की समृद्ध विरासत को विश्व स्तरीय पहचान दिलाना है. कुंभ एक्सपीरियंस सेंटर को रिसर्च सेंटर के तौर पर तैयार किया जाना है. जिसमें समुद्र मंथन की कहानी, कुंभ के ज्योतिषीय महत्व का वर्णन, नीलकंठ का चित्रण, कुंभ यात्रा अखाड़ों की, नागा साधुओं की, तीर्थ स्नान की परंपरा, क्षीप्रा आरती, प्रवचन, कीर्तन शास्त्रार्थ जैसे विषयों पर शोध किया जा सकेगा.

क्या है महल का इतिहास?
इतिहास के जानकारों के अनुसार, ग्वालियर के तत्कालीन महाराजा जीवाजी राव सिंधिया के समय इस महल का निर्माण करवाया गया था. वर्ष 1887-88 में ब्रिटिश रीजेंसी कौंसिल द्वारा इसका निर्माण पूरा किया गया. कोठी महल यूरोपीय और भारतीय स्थापत्य का समन्वित रूप नजर आता है. भारतीय शैली में राजपूत, मुगल और मराठा प्रभाव स्पष्ट रूप से हैं, जबकि यूरोपियन शैली में गोथिक प्रभाव है. इसके विशाल सभागारों में गुंबद रोम (इटली) के सेंट पॉल चर्च की तरह हैं. जबकि इसके दरवाजे, झरोखे एवं खिड़कियां मुगल राजपूत शैली के हैं.
- उज्जैन सिंहस्थ के लिए जमीन अधिग्रहण का विरोध तेज, मोहन यादव बोले- किसी को नहीं करेंगे नाराज
- BSF के प्लेन में सजेगी टेबल-मेज, करा सकेंगे फोटोशूट, सिंहस्थ पर मजा होगा डबल
कोठी महल में हैं कुल 100 कमरे
कोठी महल में वर्ष 2016 से 2022 में कई बदलाव हुए. इसके एक हिस्से में जिला न्यायालय और दूसरे हिस्से में संभागायुक्त-कलेक्टर एवं तहसील कार्यालय संचालित होते रहे. 2016 व 2022 में न्यायालय व तहसील संभाग आयुक्त व कलेक्ट्रेट को नई बिल्डिंग मिली. अब कोठी पैलेस को खाली कर वीर भारत संग्रहालय एवं कुंभ एक्सपीरियंस सेंटर के रूप में परिवर्तित किया जा रहा है.

