"राम मंदिर में चोरी पर कुछ तो बोलो महाराज" कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि ने रखी मुंह पर उंगली
उज्जैन में राम जन्मभूमि ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि को 'महा महोपाध्याय' की मानद उपाधि. मंदिर घोटाले के सवाल पर साधी चुप्पी.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : June 30, 2026 at 4:14 PM IST
|Updated : June 30, 2026 at 4:40 PM IST
उज्जैन : महर्षि पाणिनि संस्कृत एवं वैदिक विश्वविद्यालय का दीक्षांत समारोह मंगलवार को कालिदास अकादमी स्थित संकुल हॉल में आयोजित किया गया. इसमें श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि महाराज भी शामिल हुए. कार्यक्रम के बाद बाहर निकलने पर पत्रकारों ने जब राम मंदिर में चंदा चोरी-दानचोरी और अन्य गड़बड़यियों पर सवालों की बौछार की तो गोविंद देव गिरि की बोलती बंद हो गई. जब पत्रकारों ने लगातार सवाल किए तो वह मुंह पर उंगली रखकर आगे बढ़ गए.
अयोध्या मंदिर घोटाला सुर्खियों में
अयोध्या मंदिर में चंदा चोरी और अन्य अनियमितताओं के मामले सुर्खियों में हैं. मामले की जांच करने के लिए गठित एसआईटी ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी. इसके आधार 8 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई. सभी को जेल भेज दिया गया है. लेकिन ट्रस्ट के कर्ता-धर्ताओं के खिलाफ रत्तीभर भी कार्रवाई नहीं हुई. इसको लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं. बताया जाता है कि एसआईटी ने रिपोर्ट में चंपत राय व अनिल मिश्रा समेत बड़े पदाधिकारियों की भूमिका पर संदेह जताया था.
गोविंद देव गिरि को मानद उपाधि
उज्जैन स्थित महर्षि पाणिनि संस्कृत एवं वैदिक विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में पहुंचे श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि महाराज को पत्रकारों ने घेर लिया. लेकिन गोविंद देव गिरि को पुलिस पत्रकारों से बचाते हुए निकल गई. दीक्षांत समारोह में गोविंद देव गिरि को 'महा महोपाध्याय' की मानद उपाधि से सम्मानित किया गया. लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. रमेश पांडेय को 'विद्या वाचस्पति' की मानद उपाधि प्रदान की गई.
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दीक्षांत समारोह में 42 विद्यार्थियों को पदक
समारोह की अध्यक्षता राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय के कुलाधिपति मंगुभाई पटेल ने की. मंगलवार सुबह 11 बजे शुरू हुए कार्यक्रम में कुलाधिपति ने 21 विद्यार्थियों को उपाधियां तथा 42 विद्यार्थियों को स्वर्ण एवं अन्य पदक प्रदान किए. विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार इस वर्ष कुल 1303 विद्यार्थी उपाधि एवं पदक के पात्र थे, जिनमें से 179 विद्यार्थियों ने दीक्षांत समारोह के लिए पंजीयन कराया. इनमें 21 विद्यार्थियों को उपाधियां और 42 विद्यार्थियों को पदक प्रदान किए गए.

