सावन के आखिरी सोमवार पर महाकाल का भव्य श्रृंगार, हंसराज रघुवंशी के भजनों पर झूमे भक्त
हंसराज रघुवंशी, किशन भगत और सुंदरलाल मालवीय ने दी भव्य प्रस्तुतियां, श्रावण के आखिरी सोमवार पर महाकाल की भस्म आरती के किए दर्शन. राहुल सिंह राठौड़ की रिपोर्ट.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : August 24, 2026 at 10:03 AM IST
|Updated : August 24, 2026 at 11:32 AM IST
उज्जैन: श्रावण मास के आखिरी सोमवार पर बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन में भक्ति का अद्भुत नजारा देखने को मिला. एक ओर शनिवार व रविवार रात शक्तिपथ पर शिवतत्व श्रावण कला उत्सव में प्रसिद्ध शिव भजन गायक हंसराज रघुवंशी, किशन भगत और सुंदरलाल मालवीय ने अपनी प्रस्तुतियों से श्रद्धालुओं को शिवमय कर दिया. वहीं कार्यक्रम के बाद इन कलाकारों में से किशन भगत, सुबदरलाल मालवीय व टीम ने सामान्य दर्शन किए और हंसराज रघुवंशी ने सोमवार तड़के श्रावण के आखरी सोमवार 24 अगस्त सुबह भस्म आरती दर्शन का लाभ लिया.
भजन गायकों की प्रस्तुति, शिवमय हुआ उज्जैन
शनिवार एवं रविवार शाम त्रिवेणी संग्रहालय के सामने शक्तिपथ पर आयोजित सांस्कृतिक संध्या में सुंदरलाल मालवीय ने मालवीय लोक एवं शिव भजनों से वातावरण भक्तिमय किया. इसके बाद किशन भगत ने अपने लोकप्रिय भजनों की प्रस्तुति दी. कार्यक्रम का विशेष आकर्षण हंसराज रघुवंशी की प्रस्तुति भी रही. उनके शिव भजनों पर श्रद्धालु झूमते नजर आए और पूरा शक्तिपथ हर हर महादेव के जयघोष से गूंज उठा.
सोमवार को महाकाल का भव्य श्रृंगार
वहीं मंदिर के आशीष पुजारी ने बताया, ''श्रावण के चौथे एवं आखिरी सोमवार को तड़के 02:30 बजे भस्म आरती के लिए मंदिर के पट खोले गए. इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु भस्म आरती दर्शन के लिए पहुंचे. मंदिर परिसर में जय श्री महाकाल के जयकारों से वातावरण गूंज उठा. कलाकारों ने भी भस्म आरती में शामिल होकर बाबा महाकाल के दिव्य स्वरूप के दर्शन किए और आशीर्वाद प्राप्त किया.''

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भस्म आरती के बाद भगवान महाकाल का दिव्य श्रृंगार किया गया. मान्यता है कि उज्जैन में होने वाली बाबा महाकाल की भस्म आरती विशेष आध्यात्मिक महत्व रखती है. भस्म आरती के बाद भगवान को रजत मुकुट, आभूषण और वस्त्र अर्पित किए गए व नैवेद्य और आरती के साथ ही प्रात कालीन पूजन संपन्न हुआ.

शाम को नगर भ्रमण पर निकलेंगे बाबा महाकाल
श्रावण के आखिरी सोमवार पर सुबह से मंदिर में भक्तों की भारी भीड़ नजर आई. तड़के से ही श्रद्धालु जल, दूध और बिल्वपत्र लेकर बाबा महाकाल के दर्शन के लिए कतारों में नजर आए. अब दिनभर दर्शन का सिलसिला जारी रहेगा. शाम को 04 बजे बाबा महाकाल का नगर भ्रमण होगा, जिसके बाद 07 बजे संध्या आरती भोग के साथ 10:30 बजे शयन आरती और पट बंद होंगे.

