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महाकाल मंदिर में दर्शन व्यवस्था को लेकर आंदोलन की चेतावनी, अपनी ही सरकार में सुनवाई नहीं:महापौर

उज्जैन के महाकाल मंदिर में उज्जैन वासियों की दर्शन व्यवस्था को लेकर बीजेपी महापौर मुकेश टटवाल ने दी आंदोलन की चेतावनी.

UJJAIN MAHAKAL TEMPLE
उज्जैन महाकाल मंदिर में दर्शन व्यवस्था को लेकर आंदोलन की चेतावनी (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Madhya Pradesh Team

Published : January 10, 2026 at 8:53 PM IST

2 Min Read
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उज्जैन: विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग श्री महाकाल मंदिर में दर्शन व्यवस्था को लेकर बीजेपी महापौर मुकेश टटवाल ने आंदोलन की चेतावनी दी है. आरोप है कि उज्जैन वासियों को मंदिर के अवंतिका द्वार से सुगमता के साथ दर्शन व्यवस्था शुरू करवाई गई थी, उसका पालन ठीक से नहीं करवाया जा रहा है. इसे लेकर महापौर ने कलेक्टर और महाकाल मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष को पत्र लिखा है.

प्रशासन को पत्र लिखकर आंदोलन की चेतावनी

टटवाल ने अपने पत्र में मंदिर समिति पर आरोप लगाते हुए लिखा है कि "शहर वासियों के लिए महाकाल मंदिर में सुगमता के साथ दर्शन व्यवस्था शुरू की गई थी, जिसका ठीक से पालन नहीं किया जा रहा है. शहर के लोगों को इससे परेशानी आ रही है. अगर व्यवस्था को पूर्व की तरह सुगम नहीं किया गया तो मुझे नगर वासियों के साथ आंदोलन में शामिल होना पड़ेगा."

महाकाल मंदिर में उज्जैन वासियों की दर्शन व्यवस्था को लेकर विवाद (ETV Bharat)

क्या लिखा है पत्र में?

महापौर ने कलेक्टर एवं मंदिर समिति अध्यक्ष रोशन कुमार सिंह को पत्र में कहा है कि "महाकाल मंदिर में उज्जैन के निवासियों को आधार कार्ड के आधार पर अवन्तिका द्वार से सुलभ दर्शन की व्यवस्था प्रारंभ की गई थी. जिसमें उज्जैन निवासी दर्शनार्थी अवन्तिका द्वार से होते हुए शीघ्र दर्शनों की पंक्ति से दर्शन करते थे. लेकिन देखने में आया है कि उज्जैन के दर्शनार्थियों को अवन्तिका द्वार से प्रवेश देने के उपरांत फिर आगे रूट बदलकर सामान्य दर्शनार्थियों की पंक्ति में मिला दिया जाता है."

Ujjain Mahakal temple darshan arrangements protest
उज्जैन महापौर मुकेश टटवाल ने मंदिर समिति को लिखा पत्र (ETV Bharat)

उज्जैन वासियों को अवन्तिका द्वार से प्रवेश की मांग

उन्होंने पत्र में आगे लिखा है कि "जिससे शुरू की गई शीघ्र दर्शन की इस व्यवस्था का लाभ उज्जैन के दर्शनार्थियों को नहीं मिल पा रहा है. साथ ही पर्व एवं विशेष अवसरों पर अवन्तिका द्वार से उज्जैन वासियों को मिलने वाली यह सुविधा बंद कर दी जाती है. जबकि पर्व एवं विशेष अवसरों पर भी उज्जैन के श्रद्धालु दर्शन हेतु मंदिर आते हैं और उन्हें अवन्तिका द्वार से प्रारंभ की गई सुविधा का लाभ मिलना चाहिए."

महापौर मुकेश टटवाल ने कहा कि "उज्जैन के दर्शनार्थियों को अवन्तिका द्वार से शीघ्र दर्शन मार्ग से प्रारंभ की गई सुविधा का लाभ प्राप्त हो और पर्व एवं विशेष अवसरों पर भी अवन्तिका द्वार से दर्शनों हेतु प्रवेश की व्यवस्था निर्बाध जारी रखी जाए. अन्यथा मुझे उज्जैन वासियों के साथ आंदोलन हेतु बाध्य होना पड़ेगा."