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दीवारें बताएंगी 18 महापुराण की कहानी, महाकाल के चित्रलोक में सोना-चांदी से तैयार रंग की पेंटिंग्स

उज्जैन महाकाल लोक में चित्रों से जीवंत होंगे 18 महापुराण, पीएम मोदी ने किया मन की बात में जिक्र. 18 भारतीय चित्र शैलियों में तैयार किए जा रहे करीब 2500 चित्र.

MAHAKAL LOK MAHAPURANAS PAINTINGS
महाकाल लोक की दीवारें बताएंगी दिखेंगे 18 महापुराण की कहानी (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Madhya Pradesh Team

Published : July 6, 2026 at 4:43 PM IST

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Updated : July 6, 2026 at 5:21 PM IST

4 Min Read
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उज्जैन: महाकाल नगरी उज्जैन महाकाल लोक को लेकर पहले ही श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है. महाकाल लोक बनने के बाद यहां श्रद्धालुओं की संख्या में बहुत बढ़ोत्तरी हुई है. वहीं अब महाकाल लोक जल्द ही श्रद्धालुओं और कला प्रेमियों को सनातन संस्कृति का एक अनूठा और जीवंत अनुभव देने जा रहा है. महाकाल लोक में सनातन चित्रलोक बनने जा रहा है. जहां चित्रों यानि पेंटिंग्स के जरिए महापुराण की कथाओं को देखा जा सकेगा.

महाकाल लोक में दीवारों पर दिखेंगे 18 महापुराण

महाकाल लोक में त्रिवेणी कला एवं पुरातत्व संग्रहालय में 18 महापुराणों पर आधारित विशेष चित्रदीर्घा तैयार की जा रही है. जिसमें देश की 18 पारंपरिक चित्र शैलियों के माध्यम से पुराणों की प्रमुख कथाओं और प्रसंगों को सजीव रूप में पेश किया जाएगा. 6 साल से चल रही यह महत्वाकांक्षी परियोजना अब अंतिम चरण में पहुंच चुकी है. वर्ष 2019 से शुरू हुई इस परियोजना का उद्देश्य महापुराणों के ज्ञान को केवल पुस्तकों तक सीमित न रखते हुए चित्रकला मतलब पेंटिंग के जरिए आमजन तक पहुंचाना है. परियोजना का उल्लेख प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अपने रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' के 103 वें संस्करण में किया था.

जनसंपर्क अधिकारी ने दी जानकारी (ETV Bharat)

18 पारंपरिक चित्र शैलियों में हो रहा चित्रांकन

त्रिवेणी संग्रहालय के जनसंपर्क अधिकारी आदित्य चौरसिया ने बताया कि "18 महापुराणों की प्रमुख और प्रेरणादायी कथाओं को आधार बनाकर देश की 18 पारंपरिक चित्र शैलियों में चित्रांकन कराया जा रहा है. कुछ पुराणों के पिक्चर पूरे हो चुके हैं, जबकि बचे हुए चित्रों पर काम अंतिम चरण में है. संग्रहालय की नई दीर्घाएं तैयार होने के बाद इन्हें श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए प्रदर्शित किया जाएगा.

UJJAIN PAINTINGS ON MAHAPURANAS
एक मंच पर होगी भारत की विविध चित्र परंपरा (ETV Bharat)

एक मंच पर होगी भारत की विविध चित्र परंपरा

उन्होंने बताया कि इस परियोजना में भारत की विविध चित्र परंपराओं को एक मंच पर लाया गया है. इनमें केरल म्यूरल, कलमकारी, चेरियल पट्टम, गोंड आर्ट, बूंदी, कोटा, मारवाड़, गंजीफा, गुलेर सहित देश की 18 प्रमुख चित्र शैलियां शामिल हैं. विभिन्न राज्यों के प्रतिष्ठित कलाकार अपने-अपने पारंपरिक माध्यम में महापुराणों का चित्रांकन कर रहे हैं. ओडिशा के वरिष्ठ कलाकार प्रहलाद महाराणा विष्णु पुराण को ओडिसी शैली, आंध्र प्रदेश के विश्वनाथ रेड्डी ब्रह्म पुराण को कलमकारी शैली में व राजस्थान के जयशंकर शर्मा ब्रह्मवैवर्त पुराण को बूंदी शैली में साकार कर रहे हैं.

UJJAIN 18 MAHAPURANAS PAINTINGS
18 पारंपरिक चित्र शैलियों में हो रहा चित्रांकन (ETV Bharat)

पेंटिग्स समझाएगी जीवन के मूल्य, डिजिटल प्लेटफॉर्म पर होगा उपलब्ध

आदित्य चौरसिया ने बताया कि इस परियोजना का उद्देश्य केवल धार्मिक कथाओं का चित्रण करना नहीं, बल्कि उनमें निहित जीवन-मूल्यों और संदेशों को कला के माध्यम से जन-जन तक पहुंचाना है. हर चित्र के पीछे एक कथा और उसका संदेश होगा. जिससे दर्शक दृश्य यात्रि पिक्चरों के माध्यम से पुराणों को समझ सकेंगे. प्रत्येक पुराण में चित्रों की संख्या उसकी कथाओं और कलाकार की कल्पना के अनुसार अलग-अलग है.

2500 चित्र तैयार करने का लक्ष्य, सोना-चांदी से बनेंगे रंग

किसी पुराण में 100 तो किसी में 200 से 250 तक चित्र तैयार किए जा रहे हैं. परियोजना के तहत कुल लगभग 2500 चित्र तैयार किए जाने का लक्ष्य रखा गया है. परियोजना को आधुनिक तकनीक से भी जोड़ा जा रहा है. साथ ही चित्रों में सोना-चांदी, पत्थरों और खनिज से तैयार प्राकृतिक रंगों का इस्तेमाल किया जाएगा. संग्रहालय में चित्रों का डिजिटलीकरण किया जाएगा.

UJJAIN MAHAKAL SANATAN CHITRALOK
महापुराणों को पेंटिग्स में दर्शाते कलाकाल (ETV Bharat)

जिससे दर्शक प्रत्येक चित्र की कथा, शीर्षक और उसका महत्व डिजिटल माध्यम से देख और सुन सकेंगे. साथ ही सोशल मीडिया और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी इस विरासत को उपलब्ध कराने की योजना है."

ये हैं 18 महापुराणों के नाम

ब्रह्म पुराण, पद्म पुराण, विष्णु पुराण, वायु (शिव) पुराण, भागवत पुराण, नारद पुराण, मार्कण्डेय पुराण, अग्नि पुराण, भविष्य पुराण, ब्रह्मवैवर्त पुराण, लिंग पुराण, वाराह पुराण, स्कंद पुराण, वामन पुराण, कूर्म पुराण, मत्स्य पुराण, गरुड़ पुराण और ब्रह्मांड पुराण

Last Updated : July 6, 2026 at 5:21 PM IST