स्नान करते ही बीमार पड़े भगवान जगन्नाथ, 15 दिन करेंगे बेड रेस्ट, औषधीय उपचार होगा
उज्जैन के इस्कॉन मंदिर में भगवान जगन्नाथ की भव्य स्नान यात्रा के दर्शन करने बड़ी संख्या में भक्त पहुंचे. जय जगन्नाथ से गूंजा उज्जैन.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : June 29, 2026 at 1:37 PM IST
उज्जैन : भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा से पूर्व सोमवार को उज्जैन के इस्कॉन मंदिर में पारंपरिक स्नान यात्रा महोत्सव श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया. इस दौरान भगवान श्री जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा का पंचामृत तथा गंगा, यमुना, नर्मदा, शिप्रा सहित विभिन्न तीर्थों के पवित्र जल से महाअभिषेक किया गया. बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भजन-कीर्तन के बीच भगवान का अभिषेक किया.
पवित्र नदियों के जल से अभिषेक
इस्कॉन उज्जैन द्वारा आयोजित यह स्नान यात्रा 'जल गंगा संवर्धन पखवाड़े' के अंतर्गत पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक समरसता के संदेश के साथ संपन्न हुई. मंदिर के पीआरओ सुन्दर दामोदर दास ने बताया "अभिषेक में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं के लिए ड्रेस कोड निर्धारित किया गया. सुबह 10 बजे मंदिर परिसर से भगवान की भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जो भजन-कीर्तन और जयघोष के बीच मंदिर के बाहर बनाई गई विशेष वेदी तक पहुंची. यहां भगवान श्री जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा का पंचामृत एवं विभिन्न पवित्र नदियों के जल से अभिषेक किया गया."
16 जुलाई को भव्य रथयात्रा निकलेगी
धार्मिक परंपरा के अनुसार स्नान यात्रा के बाद भगवान जगन्नाथ अस्वस्थ हो जाते हैं. इसलिए अब वे 15 दिनों तक अनवसर (विश्राम काल) में रहेंगे. इस दौरान भगवान के नियमित दर्शन नहीं होंगे. विश्राम अवधि पूर्ण होने के बाद आषाढ़ शुक्ल द्वितीया, 16 जुलाई को भगवान भव्य रथ यात्रा पर नगर भ्रमण के लिए निकलेंगे, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की सहभागिता रहेगी.
महाअभिषेक के पश्चात भगवान जगन्नाथ, भगवान बलदेव और देवी सुभद्रा के मनोहारी गजवेश दर्शन श्रद्धालुओं के लिए कराए गए. शाम 6 बजे इस्कॉन उज्जैन के संस्थापक प्रभुपाद के शिष्य भक्ति चारू स्वामी महाराज की 49वीं संन्यास वर्षगांठ भी श्रद्धापूर्वक मनाई जाएगी.
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15 दिन तक वैद्य की देखरेख में उपचार
इस्कान मंदिर के सुंदर दामोदर दास ने बताया "आज बहुत ही विशेष उत्सव है. आज स्नान पूर्णिमा है, जोकि जगन्नाथ जी का प्राकट्य दिवस है. इसको पुरी और पूरे देशभर में बहुत ही धूमधाम से मनाया जाता है. प्राकट्य दिवस का उज्जैन से विशेष संबंध है. उज्जैन से जगन्नाथ जी का विशेष संबंध है. स्नान यात्रा उत्सव में उज्जैनवासी धूमधाम और बहुत उत्साह के साथ भगवान के दर्शन करने पहुंचे. इस दौरान भक्त दो घंटे तक लाइन में लगे रहे."
जगन्नाथ जी का पवित्र नदियों, सरोवरों और तीर्थ स्थलों के पानी से अभिषेक किया गया. अब जगन्नाथ जी 15 दिन के लिए अनवसर में चले जाएंगे. इस दौरान भगवान का औषधीय उपचार किया जाएगा. वैद्य से इलाज भी चलता है.

