गोवर्धन सागर में मृत मिली सैकड़ों मछलियां, पुरुषोत्तम मास में पहुंचने वाले श्रद्धालु दुर्गंध से परेशान
उज्जैन के गोवर्धन सागर में मृत मिली सैकड़ों मछलियां, कर्मचारियों को दिए गए सफाई के निर्देश. राहुल सिंह राठौड़ की रिपोर्ट.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : May 30, 2026 at 5:30 PM IST
उज्जैन: अधिकमास का समय चल रहा है और हर रोज बड़ी संख्या में श्रद्धालु उज्जैन पहुंच रहे हैं. वे उज्जैन में स्थित 84 महादेव, सप्त सागर, नौ नारायण के दर्शन के लिए आ रहें हैं, लेकिन सप्त सागर के गोवर्धन सागर में सैकड़ों की संख्या में मछलियां तालाब में मृत दिखाई दे रही हैं. ऐसे में आस-पास के क्षेत्र में दुर्गंध फैली हुई है और श्रद्धालुओं को इससे काफी परेशानी हो रही है.
कर्मचारियों को दिए गए सफाई के निर्देश
मछलियों के मरने की वजह आस-पास के क्षेत्र से सीवर का पानी का तालाब में मिलना बताया जा रहा है. इस मामले में महापौर मुकेश टेटवाल ने कहा, "बड़ी संख्या में मृत मछलियों को लेकर संबंधित अधिकारी कर्मचारियों को सफाई के निर्देश दिए हैं. मैं खुद भी मौके पर पहुंच रहा हूं. मछलियों के मरने के कारणों की जांच के बाद दोषियों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जाएगी. इसके साथ ही आगे से ऐसा न हो इसका भी विशेष ध्यान रखा जाएगा."
अधिकमास में दर्शन से मिलता है विशेष पुण्य
ज्योतिषचार्य अक्षत व्यास ने बताया, "पौराणिक मान्यताओं के अनुसार धर्मनगरी उज्जैन में स्थित सप्त सागर सनातन परंपरा और धार्मिक आस्था का प्रमुख केंद्र है. इन सात पवित्र सरोवरों के दर्शन एवं स्नान से दर्शनार्थियों को पुण्य प्राप्त होता है. विशेष रूप से अधिकमास (पुरुषोत्तम मास) के दौरान इसकी यात्रा का महत्व और अधिक बढ़ जाता है. अधिक मास में 7 सागरों की परिक्रमा, 84 महादेव के दर्शन, 9 नारायण के दर्शन का महत्व है, जिससे विशेष पुण्य फल मिलता है."

उज्जैन के प्रमुख सप्त सागर
- रुद्र सागर
- पुष्कर सागर
- रत्नाकर सागर
- गोवर्धन सागर
- पुरुषोत्तम सागर
- विष्णु सागर
- क्षीरसागर
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इन जलाशयों का धार्मिक ही नहीं पर्यावरणीय और सांस्कृतिक महत्व भी है. सदियों से ये सरोवर उज्जैन कि जल संरचना, धार्मिक आयोजनों और तीर्थ परंपराओं का अभिन्न हिस्सा रहे हैं. ऐसे में इन जलाशयों की स्वच्छता, संरक्षण, सौन्द्रयीकरण बनाए रखना प्रशासन और समाज दोनों की जिम्मेदारी है, ताकि आने वाली पीढ़िया भी इस गौरवशाली धार्मिक धरोहरों का लाभ प्राप्त कर सकें.


