ETV Bharat / state

945 करोड़ के कॉरिडोर पर स्पीड पकड़ेंगे वाहन, ट्रैफिक से बेफिक्र सीधे महाकाल नगरी पहुंचेंगे श्रद्धालु

उज्जैन में सिंहस्थ 2028 की तैयारियां तेज, 945 करोड़ की लागत से बन रहा एलिवेटेड कॉरिडोर, उज्जैन जाना होगा आसान. राहुल सिंह राठौड़ की रिपोर्ट.

ujjain elevated corridor
945 करोड़ के कॉरिडोर पर स्पीड पकड़ेंगे वाहन (ETV Bharat)
author img

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team

Published : August 20, 2026 at 4:55 PM IST

4 Min Read
Choose ETV Bharat

उज्जैन: बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन में विकास के पंख लगने जा रहे हैं. सिंहस्थ 2028 से पहले उज्जैन में ट्रैफिक को आधुनिक और सुगम बनाने के लिए 5.30 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड कॉरिडोर की नींव रख दी गई है. 945.20 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह कॉरिडोर शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर और ट्रैफिक मैनेजमेंट में एक बड़ा बदलाव लाएगा. यह कॉरिडोर इंदौर गेट, नीलगंगा और आगर मार्ग जैसे व्यस्त क्षेत्रों को आपस में जोड़ने का काम करेगा. इस कॉरिडोर के बनने से शहर में होने वाले ट्रैफिक जाम से राहत मिलेगी. सिंहस्थ के दौरान करोड़ों श्रद्धालुओं का उज्जैन आना भी आसान होगा.

मोहन यादव ने किया कॉरिडोर का भूमिपूजन
सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के बीच उज्जैन को यातायात और आपदा प्रबंधन के मोर्चे पर एक साथ बड़ी सौगात मिली है. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बुधवार शाम उज्जैन पहुंचे, जहां उन्होंने करीब 945.20 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले 5.30 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड कॉरिडोर का भूमिपूजन किया. इसके साथ ही उन्होंने कालिदास अकादमी में होमगार्ड द्वारा लगाई गई आपदा प्रबंधन उपकरणों की प्रदर्शनी का अवलोकन कर सिंहस्थ के दौरान राहत एवं बचाव व्यवस्थाओं की तैयारियों की जानकारी ली. इस दौरान होमगार्ड ट्रेनिंग कार्यक्रम का भी शुभारंभ भी किया.

मोहन यादव ने किया एलिवेटेड कॉरिडोर का भूमिपूजन (ETV Bharat)

बनेगा 5.30 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर
5.30 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर पर 945.20 करोड़ रुपये खर्च होंगे. प्रोजेक्ट के तहत आगर मार्ग स्थित इंद्रानगर चौराहे से नीलगंगा चौराहे और निकास चौराहे से इंदौर गेट तक एलिवेटेड मार्ग विकसित किया जाएगा. यह परियोजना खासतौर पर पुराने शहर की यातायात व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है. सिंहस्थ 2028 के दौरान देश-विदेश से लाखों श्रद्धालुओं के उज्जैन पहुंचने की संभावना है. ऐसे में शहर के प्रमुख मार्गों पर बढ़ने वाले यातायात दबाव को कम करने और श्रद्धालुओं के आवागमन को सुगम बनाने में एलिवेटेड कॉरिडोर अहम भूमिका निभा सकता है.

disaster management equipment ujjain
मोहन यादव ने आपदा प्रबंधन उपकरणों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया (ETV Bharat)

मुख्यमंत्री ने कहा कि, ''महाकाल मंदिर के साथ काल भैरव, मंगलनाथ और अन्य धार्मिक स्थलों के दर्शन के लिए पूरे साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु उज्जैन आते हैं. ऐसे में पुराने शहर में सुगम आवागमन के लिए एलिवेटेड रोड की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी. सिंहस्थ के साथ पूरे साल शहर को लाभ मिलेगा. कॉरिडोर बनने के बाद प्रमुख सड़कों पर वाहनों का दबाव कम करने, यात्रा समय घटाने और पुराने शहर के महत्वपूर्ण क्षेत्रों तक बेहतर कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने में मदद मिलने की उम्मीद है.

आपदा प्रबंधन की तैयारियों पर भी फोकस
सिंहस्थ में करोड़ों श्रद्धालुओं की संभावित मौजूदगी को देखते हुए केवल सड़क, पुल और यातायात व्यवस्था ही चुनौती नहीं होगी, बल्कि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल राहत और बचाव कार्य शुरू करना भी बड़ी जिम्मेदारी होगी. इसी को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री ने कालिदास अकादमी में होमगार्ड द्वारा लगाई गई आपदा प्रबंधन उपकरणों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया और जवानों को सम्मानित भी किया. प्रदर्शनी में बाढ़, आगजनी, भवन दुर्घटना, सड़क हादसे और अन्य आपात परिस्थितियों में इस्तेमाल होने वाले आधुनिक राहत एवं बचाव उपकरण प्रदर्शित किए गए.

Simhastha 2028 Preparation
सीएम ने बच्चियों से मिलकर उन्हें आशीर्वाद दिया (ETV Bharat)

मोहन यादव ने सिंहस्थ की तैयारियों का लिया जायजा
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को उज्जैन दौरे के दौरान सिंहस्थ 2028 की तैयारियों और शहर में चल रहे बड़े निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया. उन्होंने सती गेट से छोटा सराफा तक मार्ग चौड़ीकरण, कंठाल चौराहा और सती माता द्वार के विकास कार्यों का जायजा लिया. 410 मीटर लंबे मार्ग को 15 मीटर चौड़ा किया जा रहा है, जिसमें 310 मीटर तक पीसीसी सड़क का काम पूरा हो चुका है. ये बाबा महाकालेश्वर की राजसी सवारी का भी मार्ग है. ऐसे में सबकी निकाहे इस कार्य पर टिकी हैं. आगामी 7 सितंबर को बाबा की राजसी सवारी निकलना है. मुख्यमंत्री ने श्री चिंताहरण गणेश के दर्शन किए और फाजलपुरा में बच्चियों से मिलकर उन्हें आशीर्वाद दिया.