शंकराचार्य मठ की बिल्डिंग पर चला बुलडोजर, धर्मशालाएं ध्वस्त, सिंहस्थ से पहले प्रशासन का एक्शन
उज्जैन में सिंहस्थ 2028 की तैयारियों को लेकर मैदान में प्रशासन अमला, शंकराचार्य मठ की 3 मंजिला बिल्डिंग और दूसरे आश्रमों पर चला बुलडोजर.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : February 25, 2026 at 7:19 PM IST
उज्जैन: मध्य प्रदेश की महाकाल नगरी उज्जैन में साल 2028 में सिंहस्थ होना है. जिसको लेकर प्रशासन द्वारा अभी से तैयारियां शुरू हो गई है. बुधवार को सिंहस्थ 2028 को लेकर प्रशासन ने अवैध अतिक्रमण पर कार्रवाई की. गौर करने वाली बात यह है कि प्रशासन द्वारा अतिक्रमण की यह कार्रवाई शंकराचार्य मठ की बिल्डिंग और धर्मशालाओं पर की गई है. लिहाजा नगर निगम ने शहर में 5 प्रॉपर्टी को ध्वस्त किया है.
शंकराचार्य मठ की बिल्डिंग पर चला बुलडोजर
नगर निगम से मिली जानकारी के अनुसार शंकराचार्य मठ की 3 मंजिला बिल्डिंग है. लोहे के पुल के पास नर्सिंह घाट के लिए जाते वक्त कर्कराज पार्किंग के यहां क्षिप्रा नदी के किनारे पुण्यानंद गिरी महाराज का आश्रम है. बिल्डिंग में 54 AC NON AC कमरे बनाये गए थे, जो कि लगभग 15000 वर्ग फुट क्षेत्र में बना हुआ है. बिल्डिंग को सुबह से शाम तक 70 प्रतिशत ध्वस्त किया गया है, आगे कार्रवाई जारी है.
अतिक्रमण वाले दूसरे आश्रम भी ध्वस्त
साथ ही नरसिंह घाट रोड पर माधवानंद जो करीब 60X80 फीट और 80X150 फीट क्षेत्र में बने कलोता समाज की धर्मशाला को हटाने की कार्रवाई की गई है. इसके अलावा लालपुर स्थित स्वामी संदीपेंद्र आश्रम, अखिल भारतीय चंद्रवंशी बागली समाज के निर्माणधीन आश्रम को हटाने की कार्रवाई भी की गई है. सभी को मिलाकर आज 5 प्रॉपर्टी को ध्वस्त किया गया है. कार्रवाई के दौरान अपर आयुक्त, तहसीलदार, निगम कर्मी सहित पुलिस बल मौजूद रहा.

नगर निगम कमिश्नर अभिलाष मिश्रा ने बताया कि "सिंहस्थ 2028 को ध्यान में रखते हुए लगातार अवैध अतिक्रमण करने वालों को नोटिस जारी किए जा रहे हैं. सिंहस्थ क्षेत्र बहुत महत्वपूर्ण भूमिका रखता है. ऐसे में अभी से तैयारियां की जा रही है. जो अवैध अतिक्रमण हैं, वहां समय-समय पर नगर निगम कार्रवाई करता है. 2016 सिंहस्थ के बाद जो निर्माण कार्य हो गए हैं, उनमें से अभी 4-5 अवैध प्रॉपर्टी को चिन्हित कर आज कार्रवाई की गई है."

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साधु-संतों के डेरों और पार्किंग के लिए जगह खाली
नगर निगम के अपर आयुक्त संतोष टैगोर ने बताया कि "3 जेसीबी, 1 पोकलेन और 70 नगर निगम कर्मी सिंहस्थ क्षेत्र में अवैध अतिक्रमण को ध्वस्त कर रहे हैं. साथ में पुलिस लॉ आर्डर के लिए मौजूद है. जिला प्रशासन से मिली सूची के आधार पर कुल 180 हेक्टेयर में फैले क्षेत्र में अतिक्रमण चुने है और सभी को नोटिस दिया गया है.

संतोष टैगोर ने कहा अवैध अतिक्रमण हटने से आगामी सिंहस्थ में आने वाले साधु-संतों के डेरों और वाहन पार्किंग की सुविधाएं हो सकेगी. अन्य महत्वपूर्ण चीजें आमजन की सुविधाओं के लिए लाई जा सकेगी. सिंहस्थ क्षेत्र में 2016 से ही पक्के निर्माण पर प्रतिबंध है."

