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बड़नगर में 1 करोड़ 31 लाख की करेंसी से महादेव का श्रृंगार, सुरक्षा का जिम्मा भोलेनाथ पर

उज्जैन के बड़नगर में बुद्धेश्वर मंदिर को 10 से लेकर 500 रुपये तक के नए नोटों से सजाया. ये राशि शहर के शिवभक्तों ने दी.

Badnagar Buddheshwar Temple
बड़नगर में महादेव का श्रृंगार, मंदिर की सजावट में लगे 48 घंटे (ETV BHARAT)
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By ETV Bharat Madhya Pradesh Team

Published : February 25, 2026 at 2:29 PM IST

2 Min Read
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उज्जैन : जिला मुख्यालय से 52 किलोमीटर दूर बड़नगर तहसील क्षेत्र में बुद्धेश्वर महादेव मंदिर में महाशिवरात्रि के बाद खास श्रृंगार होता है. खास बात यह है कि हर साल महादेव के श्रृंगार के साथ पूरे मंदिर परिसर को चमचमाती करेंसी (नोटों) से सजाया जाता है. इस बार भगवान का श्रृंगार और मंदिर की साज सज्जा 1 करोड़ 31 लाख के नोटों से की गई. अचरज की बात ये है कि इतनी भारी भरकम राशि से सजावट के बाद भी यहां कोई सुरक्षा कर्मी तैनात नहीं किया जाता.

मंदिर की सजावट में लगे 48 घंटे

बुद्धेश्वर महादेव मंदिर में प्रत्येक वर्ष महाशिवरात्रि पर्व के दौरान मेला लगता है. मेले में बड़ी संख्या में भक्त पहुंचते हैं. इस बार भी भक्तों का जनसैलाब उमड़ा और पर्व के बाद खास श्रृंगार किया गया. मंदिर समिति के सदस्य ऐश्वर्य सिंह सोनगरा ने बताया "बुद्धेश्वर महादेव मंदिर को 10 रुपये से लेकर 500 रुपये तक के नोटों से सुसज्जित किया गया है. ये राशि लगभग 1 करोड़ 31 लाख है. सजावट में 48 घंटे लगे. इस बार की सजावट काफी आकर्षक है."

बड़नगर में 1 करोड़ 31 लाख की करेंसी से महादेव का श्रृंगार (ETV BHARAT)

सुरक्षा का जिम्मा पूरी तरह महादेव पर

खास बात यह भी है कि इतनी बड़ी राशि मंदिर में सजावट के लिए उपयोग की गई, जिसकी देखरेख करने के लिए ना पुलिस की जरूरत है, ना ही सुरक्षा कर्मियों की. सब कुछ महादेव के भरोसे है. मंदिर के पुजारी महेश शर्मा और भक्त राधेश्याम बताते हैं "वर्ष 2021 में ₹7 लाख की राशि, वर्ष 2022 में 11 लाख, 2023 में 21 लाख की राशि उपयोग की गई थी. वर्ष 2024 में 51 लाख व वर्ष 2025 में 70 लाख और 2026 में 1 करोड़ 31 लाख पहुंच गई."

Badnagar Buddheshwar Temple
बड़नगर के बुद्धेश्वर मंदिर में नोटों से श्रृंगार (ETV BHARAT)

राशि भक्तों को वापस की जाती है

मंदिर को संजाने के लिए भक्त लगातार राशि दे रहे हैं, जिन्हें रोकना पड़ रहा है. मंदिर समिति के संदीप बताया "ये दान राशि भक्तों द्वारा हर साल दी जाती है. कोई 50 हजार, कोई 5 लाख तो कोई 10 लाख देकर जाता है." इसका बाकायदा हिसाब-किताब रखा जाता है. ये राशि वापस भक्तों को लौटा दी जाती है.