यूडीएच मंत्री खर्रा बोले-निकाय चुनाव के लिए सरकार तैयार, फैसला राज्य निर्वाचन आयोग को लेना है
मंत्री का दावा-31 जुलाई से पहले तो क्या, यदि आयोग कल ही चुनाव कराने का फैसला लेता है तो भी राज्य सरकार तैयार है.

Published : May 30, 2026 at 7:18 PM IST
जयपुर: नगरीय विकास एवं आवासन मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने निकाय चुनावों को लेकर स्पष्ट किया कि यह राज्य निर्वाचन आयोग का अधिकार क्षेत्र है. राज्य सरकार की ओर से परिसीमन, पुनर्सीमांकन और अन्य आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी की जा चुकी हैं. अब मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन, चुनाव कार्यक्रम की घोषणा और चुनाव तिथि तय करना आयोग के अधिकार क्षेत्र में आता है.
आयोग को हरसंभव सहयोग: राजस्थान में लंबे समय से लंबित पंचायत और निकाय चुनावों को लेकर राजस्थान हाईकोर्ट ने बीते दिनों अहम फैसला सुनाया था. अदालत ने राज्य सरकार को 31 जुलाई तक प्रदेश में पंचायत और नगरीय निकाय चुनाव संपन्न कराने का आदेश दिया था. इस पर यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने कहा कि चुनाव कराना राज्य निर्वाचन आयोग का अधिकार क्षेत्र है. राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से जो भी सहयोग मांगा जाएगा, सरकार उसे समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराएगी. चाहे सुरक्षा व्यवस्था का मामला हो, वित्तीय संसाधनों की जरूरत या प्रशासनिक सहयोग. सरकार पूरी तरह तैयार है. 31 जुलाई से पहले तो क्या, यदि आयोग कल ही चुनाव कराने का फैसला लेता है तो भी राज्य सरकार उसके लिए तैयार है.
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सार्वजनिक जीवन में भाषा का संयम जरूरी :राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के प्रमुख हनुमान बेनीवाल की अभद्र टिप्पणियों पर खर्रा बोले, सार्वजनिक जीवन में रहने वाले प्रत्येक व्यक्ति को अपनी भाषा पर नियंत्रण और संयम रखना चाहिए. किसी भी व्यक्ति को ऐसी भाषा का प्रयोग नहीं करना चाहिए, जो सामाजिक और राजनीतिक मर्यादाओं के विपरीत हो. आज सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों पर अभद्र भाषा को जिस प्रकार महत्व मिलता है, उससे कुछ लोग प्रभावित हो जाते हैं. समाज का प्रबुद्ध वर्ग हमेशा शालीन और मर्यादित भाषा का समर्थन करता है. चाहे कोई भी नेता हो, यदि उसने अभद्र भाषा का प्रयोग किया है तो वह सर्वथा निंदनीय है. उसे अपने शब्दों पर नियंत्रण रखना चाहिए.
भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार सख्त: भजनलाल सरकार के ढाई साल के कार्यकाल में भ्रष्टाचार मामलों में कार्रवाई पर मंत्री खर्रा बोले, सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ लगातार सख्त कदम उठा रही है. उन्होंने सरकार से जारी आंकड़ों का जिक्र करते हुए कहा, ढाई साल में एक आईएएस समेत 103 अधिकारियों को निलंबित किया गया. 6 अधिकारियों को सेवा से बर्खास्त किया, जबकि 11 की आजीवन शत-प्रतिशत पेंशन रोक दी. खर्रा ने कहा कि भाजपा सरकार भ्रष्टाचार पूरी तरह समाप्त करने को प्रयासरत है. विशेष रूप से स्वायत्त शासन, नगरीय विकास और आवासन विभाग से जुड़ी नीतियों और नियमों की समीक्षा की गई है. संबंधित हितधारकों और आमजन से प्राप्त सुझावों के आधार पर कई नियमों में संशोधन किया गया. सरकार का प्रयास प्रक्रियाओं को अधिक सरल, पारदर्शी और व्यवस्थित बनाना है, ताकि भ्रष्टाचार की संभावनाओं को न्यूनतम किया जा सके.

