दंतेवाड़ा में 2 साल पुराने अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझी, प्लास्टिक बोरी में मिला कंकाल, गुमशुदा लोगों की तलाशी अभियान से खुलासा
आरोपी महिला को था पति और मृतका के बीच संबंध का शक, साजिश रचते हुए पैसे देकर कराई हत्या

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : May 21, 2026 at 8:20 PM IST
दंतेवाड़ा: जिले में पुलिस ने दो वर्ष पुरानी अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझा ली है. गुमशुदा महिला की तलाश करते-करते पुलिस एक ऐसे खौफनाक सच तक पहुंची, जिसने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया. महिला की हत्या कर शव को प्लास्टिक बोरी में भरकर नाले किनारे दफना दिया गया था. मामले में पुलिस ने दो महिलाओं को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है.
गुमशुदा लोगों की पतासाजी के दौरान खुलासा
पुलिस अधीक्षक गौरव राय लगातार क्राइम मीटिंग लेकर पुराने मामलों और गुमशुदा व्यक्तियों की पतासाजी के लिए विशेष अभियान चला रहे हैं. इसी अभियान के तहत थाना सिटी कोतवाली दंतेवाड़ा में दर्ज गुम इंसान क्रमांक 09/2024 की जांच को नए सिरे से शुरू किया गया. पुलिस टीम ने गुमशुदा महिला रामदई कश्यप के परिजनों से फिर से पूछताछ की और उसके कॉल डिटेल रिकॉर्ड का विश्लेषण किया.
महिला का एक शख्स से था नजदीकी संबंध
जांच में सामने आया कि रामदई का लगातार संपर्क पाण्डू करटम नामक व्यक्ति से था. पूछताछ में यह भी पता चला कि रामदई और पाण्डू करटम के बीच नजदीकी संबंध थे. जांच आगे बढ़ी तो पुलिस ग्राम तोयलंका पहुंची, जहां ग्रामीणों से पूछताछ की गई. इस दौरान कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आईं. पुलिस को पता चला कि पाण्डू करटम की पत्नी कमली करटम को अपने पति और रामदई के संबंधों की जानकारी थी. इसी बात से नाराज होकर उसने हत्या की साजिश रच डाली.
पैसे देकर महिला ने कराई हत्या
पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ कि पाण्डू की पत्नी कमली करटम ने अपने रिश्तेदार हुंगाराम को पैसे देकर रामदई की हत्या कराने की योजना बनाई थी. घटना के समय गांव में बीज त्योहार चल रहा था और पाण्डू करटम गांव आया हुआ था. इसी अवसर का फायदा उठाते हुए कमली ने अपने पति की पहली पत्नी की बेटी लक्ष्मी करटम को दंतेवाड़ा भेज दिया.

बेटी ने की मुखबिरी
रात के समय कमली ने फोन कर लक्ष्मी से रामदई के बारे में जानकारी ली. लक्ष्मी ने बताया कि रामदई घर में सो रही है. इसके बाद कमली करटम ने अपनी पिकअप वाहन से हुंगाराम करटम को दंतेवाड़ा भेजा. आरोपी ने घर में घुसकर रामदई कश्यप का मुंह और गला दबाकर उसकी हत्या कर दी. हत्या के बाद आरोपी शव को देर रात पिकअप वाहन में रखकर ग्राम तोयलंका ले गए.
नाले किनारे दफनाया शव
आरोपी हुंगाराम उर्फ बुटू करटम ने अपने घर के पीछे नाले किनारे शव को प्लास्टिक बोरी में भरकर दफना दिया. घटना के बाद मामला पूरी तरह दब गया और महिला लापता मानी जाती रही. मामले की सच्चाई तब सामने आई जब पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और लगातार पूछताछ के आधार पर आरोपियों को घेरा.
खुदाई के दौरान मिला कंकाल
कमली करटम की निशानदेही पर दंडाधिकारी गरिमा प्रधान, फोरेंसिक विशेषज्ञ वसीम अकरम, पुलिस स्टाफ और गवाहों की मौजूदगी में नाले किनारे खुदाई कराई गई. खुदाई के दौरान सफेद रंग की प्लास्टिक बोरी में भरा मानव कंकाल बरामद हुआ. बरामद अवशेषों को पोस्टमॉर्टम के लिए जिला अस्पताल दंतेवाड़ा भेजा गया.
घटना स्थल का निरीक्षण, नक्शा तैयार करने और गवाहों के बयान लेने के बाद आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य पाए गए. पुलिस ने मामले में लक्ष्मी नाग निवासी कटेकल्याण और कमली करटम निवासी तोयलंका को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया. वहीं मुख्य आरोपी हुंगाराम उर्फ बुटू करटम की तलाश जारी है.
इस पूरी कार्रवाई में एसडीओपी राहुल उईके, निरीक्षक धनंजय सिन्हा, उप निरीक्षक संजय पाल, सहायक उप निरीक्षक पंकज धर एवं प्रधान आरक्षक आशीष कुमार नाग की महत्वपूर्ण और सराहनीय भूमिका रही.

