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अयोध्या के दो नेशनल हाईवे अब डिजिटल, मोबाइल से जानिए कौन सी सड़क कहां जाएगी?

एनएचएआई ने हाईवे को किया स्मार्ट, यात्रियों के लिए नई सुविधाओं का ऐलान.

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अयोध्या के 2 नेशनल हाईवे पर अब स्मार्ट ट्रैवल फैसिलिटीज. (Photo Credit; ETV Bharat)
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By ETV Bharat Uttar Pradesh Team

Published : January 5, 2026 at 11:42 AM IST

4 Min Read
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अयोध्या: रामनगरी धार्मिक और ऐतिहासिक महत्ता के लिए जानी जाती है. अब सड़क यात्रा के लिहाज से भी नई ऊंचाइयों पर पहुंच रही है. भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने अयोध्या से जुड़े प्रमुख नेशनल हाईवे को और अधिक सुगम, सुरक्षित और डिजिटल बनाने के लिए कई नई पहल शुरू की हैं. इन पहलों से न केवल यात्रियों को बेहतर जानकारी और सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि सड़क सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था में भी महत्वपूर्ण सुधार होंगे. आइए, जानते हैं इन नई पहलों और तकनीकी उपायों के बारे में, जो अयोध्या की यात्रा को और अधिक आसान और सुरक्षित बना रहे हैं.


बता दें, राम नगरी अयोध्या से जुड़े दो प्रमुख नेशनल हाईवे को अधिक सुगम, सुरक्षित तथा डिजिटल बना दिया गया है. भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने एनएच-27 रामसनेही घाट से गोरखपुर तक का हिस्सा और एनएच-330ए जगदीशपुर से अयोध्या पर कई जन-उपयोगी पहल शुरू की हैं. इन पहलों का मुख्य उद्देश्य यात्रियों को बेहतर जानकारी, सुरक्षित ड्राइविंग और डिजिटल भुगतान की सुविधा उपलब्ध कराना है. यह पहल डिजिटल इंडिया के विजन को साकार करती है और सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देती है. यात्रियों को अब किसी भी प्रकार की जानकारी के लिए रुकना या पूछताछ करने की जरूरत नहीं रहेगी.

प्रमुख स्थानों पर लगे बोर्ड: क्यूआर कोड से मिलेगी सड़क परियोजना की पूरी जानकारी नेशनल हाईवे पर सफर के दौरान यात्रियों को अक्सर परियोजना की स्थिति, इमरजेंसी कॉन्टेक्ट या अन्य सुविधाओं की जानकारी नहीं मिल पाती. इस समस्या को दूर करने के लिए NHAI ने हाईवे के किनारे वर्टिकल QR कोड साइनबोर्ड लगाने का निर्णय लिया. ये बोर्ड प्रमुख स्थानों जैसे टोल प्लाजा, विश्राम स्थल, ट्रक पार्किंग, वेजसाइड एमेनिटी, हाईवे के स्टार्टिंग और एंडिंग प्वाइंट आदि पर लगाए गए हैं.

स्कैन करने पर मिलेंगी ये जानकारियां: स्कैन करने पर नेशनल हाईवे का नंबर और चेनेज, परियोजना की लंबाई, निर्माण एवं रखरखाव की अवधि हाईवे पेट्रोल, टोल मैनेजर, रेजिडेंट इंजीनियर तथा प्रोजेक्ट मैनेजर के संपर्क नंबर, आपातकालीन हेल्पलाइन 1033 आसपास की सुविधाएं जैसे अस्पताल, पेट्रोल पंप, टॉयलेट, पुलिस स्टेशन, रेस्तरां, वाहन रिपेयरिंग शॉप, ईवी चार्जिंग स्टेशन आदि.

फास्ट टैग नहीं तो क्या हुआ, एलईडी तो है: टोल प्लाजा पर संग्रह को और अधिक पारदर्शी व सुविधाजनक बनाने के लिए NHAI ने डायनेमिक QR कोड सिस्टम लागू किया है. अब यदि किसी वाहन के पास वैध फास्ट टैग नहीं है तो भी वह टोल प्लाजा पर बिना परेशानी के गुजर सकता है. टोल बूथ पर लगे 18-इंच टीएफटी/एलईडी मॉनिटर पर डायनेमिक क्यूआर कोड प्रदर्शित होगा, जिसे स्कैन करके UPI से भुगतान किया जा सकता है.

विशेष मार्किंग से सुरक्षित हुआ सफर: एनएच-27 और एनएच-330ए पर विशेष रोड मार्किंग की गई है, जिसमें वाहन चालकों को भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधीन आने वाले राष्ट्रीय राजमार्गो से अवगत कराने हेतु मार्किंग करवाई गई है. इससे नेशनल हाईवे पर चलने के लिए लेन अनुशासन, स्पीड लिमिट, वेलकम, ओवरटेकिंग नियम आदि को स्पष्ट रूप से दर्शाया गया है. ये मार्किंग ड्राइविंग को सुरक्षित बनाने के साथ-साथ दुर्घटनाओं को कम करने में सहायक सिद्ध हो रही हैं. अयोध्या जैसे धार्मिक पर्यटन स्थल पर बढ़ते वाहनों के दबाव को देखते हुए यह कदम बहुत महत्वपूर्ण है.

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, PIU अयोध्या के परियोजना निदेशक अवनीत सिद्धार्थ ने बताया कि ये सभी सुविधाएं, अयोध्या आने-जाने वाले लाखों श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए यात्रा को अधिक सुखद बना रही हैं. सीएम योगी आदित्यनाथ की सरकार प्रदेश में इंफ्रास्ट्रक्चर विकास पर लगातार जोर दे रही है, जिसके तहत अयोध्या को आध्यात्मिक और आर्थिक केंद्र के रूप में मजबूत किया जा रहा है. NHI की ये डिजिटल पहले न केवल समय बचाती हैं, बल्कि पारदर्शिता और सुरक्षा भी सुनिश्चित करती हैं. अब अयोध्या के रास्ते पर सफर करना पहले से कहीं अधिक आसान और आनंददायक हो गया है.