रांची पहुंचा खतरनाक मादक पदार्थ एलएसडी, दो ड्रग्स पैडलर्स गिरफ्तार
रांची में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई में बड़ा खुलासा हुआ है.

Published : February 26, 2026 at 5:51 PM IST
रिपोर्ट: प्रशांत कुमार
रांचीः राजधानी रांची में अब बेहद खतरनाक मादक पदार्थ एलएसडी की तस्करी शुरू हो चुकी है. पुलिस ने डार्क वेब और क्रिप्टो करेंसी के जरिए रांची में एलएसडी ड्रग्स लाने वाले दो तस्करों को गिरफ्तार किया है. दोनों ने नीदरलैंड से कुरियर के जरिए एलएसडी की खेप मंगवाई थी.
खतरनाक हुआ नशे का कारोबार
ब्राउन शुगर, कोकीन, गांजा और ब्लैक स्टोन जैसे ड्रग्स के बाद अब सबसे खतरनाक माने जाने वाले ड्रग्स लाइसर्जिक एसिड डाइथायलैमाइड यानी एलएसडी ने भी रांची के नशे के बाजार में दस्तक दे दी है.
दो ड्रग्स पैडलर्स गिरफ्तार
रांची पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर पंडरा ओपी क्षेत्र में छापेमारी कर दो ड्रग्स पैडलर्स को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार पैडलर्स के द्वारा ही आठ लाख का एलएसडी ड्रग्स मंगवाया गया था. रांची के सिटी एसपी पारस राणा ने बताया कि रांची एसएसपी को एक गुप्त सूचना प्राप्त हुई कि एक व्यक्ति ने डार्क वेब के माध्यम से मादक पदार्थ का पार्सल मंगवाया है, जो ओझा मार्केट, हेसल के पास डिलीवर होगी.
पंडरा ओपी क्षेत्र के हेसल से गिरफ्तारी
इस सूचना पर पुलिस उपाधीक्षक कोतवाली के नेतृत्व में एक छापेमारी दल का गठन किया गया. सटीक सूचना के आधार पर ओझा मार्केट पहुंचकर पुलिस की टीम मादक पदार्थ प्राप्त करने वाले शख्स का इंतजार कर रही थी. इसी दौरान लाल कपड़ा पहना एक स्कूटी सवार युवक आया और पार्सल रिसीव कर लिया. कुछ दूर जाने के बाद पुलिस ने उसे रोका. पूछताछ में युवक ने अपना नाम कुमार अभिषेक बताया.
तलाशी लेने पर उसके पैंट के बाएं जेब से एक सफेद लिफाफा बरामद हुआ, जिसपर 'NEDERLAND INTERNATIONAL' का टिकट लगा था. लिफाफे में Belgian Greetings कार्ड मिले, जिसमें 100 पैच का रंग-बिरंगा कागज था. पूछताछ में अभिषेक ने कबूल किया कि यह LSD मादक पदार्थ है, जिसे उसने अविनाश कुमार मिश्र के साथ मिलकर डार्क वेब से क्रिप्टोकरेंसी पेमेंट कर नीदरलैंड से मंगवाया है.
पूरे नेटवर्क की जांच शुरू
मामले में तुरंत नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की मदद ली गई और बरामद मादक पदार्थ की जांच करवाई गई. जांच में सिल्वर पेपर सहित 2.23 ग्राम और शुद्ध LSD 1.74 ग्राम पाया गया. जिसके बाद पुलिस ने अग्रिम कार्रवाई में अविनाश कुमार मिश्र और अभिषेक कुमार को गिरफ्तार कर लिया. झारखंड में यह पहली बार हुआ है, जब एलएसडी ड्रग पकड़ा गया है. ऐसे में पुलिस पूरी तरह से अलर्ट हो गई है और इसके पीछे कौन सा नेटवर्क काम कर रहा है उसकी पड़ताल में जुट गई है.
क्या है एलएसडी
एलएसडी कुछ घंटों के लिए दिमाग को नशा देने वाला एक बहुत ही ताकतवर ड्रग है, जिसे लाइसर्जिक एसिड डाइएथाइलामाइड कहते हैं. यह एर्गोट नामक फंगस से बनाई जाती है और ज्यादातर छोटे कागज के टुकड़ों (ब्लॉटर), लिक्विड या गोलियों के रूप में ली जाती है. इसे लैब में ही विकसित किया जाता है. इसका कोई गंध नहीं होता है. ऐसे ड्रग ले जाने वाले लोग भरपूर नशे में होते हैं, लेकिन सामने वाला भी यह पहचान नहीं पता है कि अगला ड्रग के नशे में है.
भारत समेत ज्यादातर देशों में इसे लेना या बेचना गैरकानूनी है. जानकर बताते हैं कि यह मस्तिष्क पर 8-12 घंटे तक असर करता है. इसे इस्तेमाल करने पर ऐसी चीजें भी दिखने लगती हैं जो असल में है ही नहीं हैं. इसका आदि होने पर दिमाग की सोच बदल जाती है. कुछ घंटे में व्यक्ति अपने आप को तरह-तरह के भूमिकाओं में पाता है.
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