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झारखंड का आगामी बजट कैसा हो! दो दिवसीय मंथन में सरकार को मिले 800 सुझाव

झारखंड मंत्रालय में आयोजित बजट पूर्व संगोष्ठी का समापन हो गया है.

two day pre budget seminar concluded at Jharkhand Secretariat in Ranchi
दो दिवसीय बजट पूर्व गोष्ठी (Etv Bharat)
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By ETV Bharat Jharkhand Team

Published : January 16, 2026 at 11:19 PM IST

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रांचीः राज्य सरकार इन दिनों आगामी वित्तीय वर्ष का बजट तैयार करने में जुटी है इसी के तहत दो दिनों झारखंड मंत्रालय में बजट पूर्व संगोष्ठी आयोजित किया गया. जिसमें विभिन्न विभागों और विशेषज्ञों के द्वारा कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए.

अबुआ दिशोम बजट 2026–27 को लेकर आयोजित इस दो दिवसीय बजट पूर्व गोष्ठी में विशेषज्ञों से प्राप्त सुझावों के आधार पर वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी कार्यान्वयन और बजटीय प्रावधानों पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया है. उन्होंने कहा कि सभी विभाग व्यय पर फोकस करें ताकि आवंटित राशि का बेहतर उपयोग सुनिश्चित हो सके.

लोगों को संबोधित करते वित्त मंत्री (ETV BHARAT)

वित्त मंत्री ने कहा कि पोषाहार जैसी योजनाओं का लाभ वास्तविक लाभार्थियों तक पहुंचे. इसके लिए प्रशासी विभागों को विशेष सतर्कता बरतनी होगी, जिससे वित्त विभाग आवश्यक बजटीय उपबंध कर सके. उन्होंने राजस्व वृद्धि पर जोर देते हुए कहा कि टैक्स प्रणाली में निरंतर सुधार हो रहा है. कृषि और सिंचाई राज्य सरकार की प्राथमिकता में शामिल हैं.

मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि बजट लोकतांत्रिक होना चाहिए. इसके मद्देनजर समाज के लोगों का आर्थिक सुदृढ़ीकरण कैसे हो इस दिशा में काम करने की ज़रूरत है .ऐसी योजनाएं बनायें जिससे मैट्रिक पास बच्चों को राज्य के बैंक से जोड़ कर इन्हें सुलभ ऋण उपलब्ध कराया जाए ताकि ये स्वरोजगार कर आर्थिक रूप से मजबूत हों.

उन्होंने कहा की सीएसआर फंड को ऑर्गेनाइज करने की जरूरत है. इस मौके पर मंत्री सुदिव्य कुमार ने कहा कि आगामी बजट में सरकार राज्य के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए भी आवश्यक प्रावधान करेगी, ताकि समग्र विकास को और गति मिल सके.

राज्य में हेल्थ सेक्टर को और बेहतर बनाना है: डॉ. इरफान अंसारी

बजट पूर्व गोष्ठी में राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि तेजी से बदलते दौर में स्वास्थ्य क्षेत्र में राज्य को ऊंचे पायदान पर स्थापित करने के लिए बहुआयामी प्रयास आवश्यक है. उन्होंने कहा कि राज्य की जनता को सुलभ और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है.

उन्होंने बताया कि आधारभूत संरचना के विकास के तहत रिम्स-2, हाईटेक लैब की स्थापना और सभी जिलों में कम से कम 10 आईसीयू बेड की सुविधा बहाल करने की दिशा में कार्य किया जाए. स्वास्थ्य मंत्री ने वित्त मंत्री से स्वास्थ्य तथा खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग के लिए बजटीय प्रावधान बढ़ाने की मांग की. उन्होंने कहा कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के माध्यम से सरसों तेल उपलब्ध कराने का प्रावधान किया जाना चाहिए.

अबुआ दिशोम बजट पूर्व गोष्ठी 2026–27 में आए प्रमुख सुझाव

  • जीएसटी में क्वार्टरली पेमेंट मैकेनिज्म तैयार करने के लिए सुझाव.
  • असंगठित रूप से कार्य करने वाले ठेकेदारों और ट्रांसपोर्टरों को जीएसटी के दायरे में लाया जाए.
  • व्यावसायिक वाहनों के टैक्स और जुर्माने में व्याप्त विसंगतियों को दूर किया जाए.
  • टैक्स प्रणाली में जुर्माने में माफी योजना लाने की आवश्यकता है.
  • फूड एंड न्यूट्रिशन सिक्योरिटी के क्षेत्र में विशेष कार्य किया जाए.
  • 5 किलो खाद्यान्न के स्थान पर 7 किलो खाद्यान्न का बजटीय प्रावधान किया जाए, जैसा कि अन्य राज्यों में लागू है.
  • पीडीएस में दाल के साथ-साथ मिलेट्स को भी शामिल किया जाए.
  • ग्रीन कार्ड का कवरेज क्षेत्र बढ़ाया जाए.
  • सहिया को शिक्षा के साथ-साथ अन्य सुविधाएं और सामाजिक सुरक्षा प्रदान की जाए.
  • क्लाइमेट एवं हेल्थ डिवीजन का गठन किया जाए.
  • आधारभूत संरचनाओं के विकास के बावजूद सुविधाओं में जो विषमता है, उसे कम किया जाए.
  • स्वास्थ्य क्षेत्र में रिसर्च पर विशेष फोकस किया जाए और सीएसआर को स्वास्थ्य क्षेत्र में प्रतिबद्ध बनाया जाए.
  • अनाज संग्रहण क्षमता को बढ़ाने पर जोर.
  • बजटीय व्यय की मॉनिटरिंग हेतु एक कमेटी बने.
  • उपकरण, प्रोक्योरमेंट एवं प्रशिक्षण हेतु एक डिवीजन का निर्माण हो.
  • हेल्थ वर्कर की कमी है, उसे पूरा किया जाए.
  • राजस्व अधिशेष को यथावत बनाए रखना नहीं, बल्कि उसे क्रमशः घटाकर शून्य स्तर पर लाना है..
  • महुआ का उत्पादन काफी होता है, गोवा की फैनी की तरह उसकी ब्रांडिंग के लिए इवेल्यूएशन किए जाने की जरूरत.
  • माइनिंग रॉयल्टी के प्रोविजन में सुधार करने की जरूरत.
  • एनर्जी ट्रांजिक्शन के लिए 10-15 करोड़ का प्रावधान बजट में किया जाए.

दूसरे दिन 9 विभागों के बजटीय प्रावधानों पर विशेषज्ञों ने रखे विचार

अबुआ दिशोम बजट 2026–27 के बजट पूर्व गोष्ठी के शुक्रवार को दूसरे दिन कुल नौ विभागों के बजटीय प्रावधान एवं प्रबंधन पर विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों ने अपने विचार प्रस्तुत किए. राजस्व विभाग के लिए प्रो. अचिन चक्रवर्ती, परिवहन विभाग के लिए किशोर मंत्री, वाणिज्य कर के लिए अभिषेक केडिया तथा खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग के लिए सुष्मिता जेना ने अपने सुझाव रखे.

ऊर्जा विभाग के बजटीय प्रावधान और योजनाओं के क्रियान्वयन पर अश्वनी अशोक ने अपनी बहुमूल्य राय दी.स्वास्थ्य विभाग के लिए डॉ. संजय पांडे, डॉ. संजय कुमार एवं डॉ. अमरेंद्र कुमार ने सुधारात्मक सुझाव प्रस्तुत किए वहीं शिक्षा, आदिवासी कल्याण तथा महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग के लिए क्रमशः पारुल शर्मा, डॉ. दीपाली डुंगडुंग और प्रीति श्रीवास्तव ने अपने विचार साझा किए.

विभागीय राय जानने के बाद वित्त मंत्री ने अंत में मीडियाकर्मियों के साथ बैठक कर बेहतर बजट बनाने के लिए सुझाव मांगे. इस दौरान ईटीवी भारत सहित कई मीडिया हाउस के प्रतिनिधियों ने अपनी राय रखी.

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