एजीटीएफ की कार्रवाई: चित्तौड़गढ़ में तीन किलो अफीम की तस्करी करते दो भाई गिरफ्तार
एक कार में छिपाकर ले जा रहे थे अफीम, एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स ने दबोचा.

Published : March 1, 2026 at 4:02 PM IST
जयपुर: राजस्थान पुलिस की एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) ने पुलिस मुख्यालय के विशेष अभियान के तहत मादक पदार्थ तस्करों पर बड़ी कार्रवाई करते हुए दो तस्करों को तीन किलो अफीम के साथ पकड़ा है. एजीटीएफ ने चित्तौड़गढ़ के चंदेरिया थाना क्षेत्र में घेराबंदी कर एक कार से 3.100 किलोग्राम अवैध अफीम का दूध बरामद किया. इस कार्रवाई में तस्करी के अंतरराष्ट्रीय बाजार में लाखों की कीमत वाली अफीम जब्त कर दो शातिर तस्करों को सलाखों के पीछे भेजा गया है. तस्करी के आरोप में गिरफ्तार दोनों आरोपी सगे भाई हैं.
मुखबिर तंत्र की पुख्ता सूचना पर कार्रवाई: एडीजी (एटीएस व एजीटीएफ) दिनेश एमएन ने बताया कि प्रदेश में नशे के काले कारोबार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है. पुख्ता मुखबिर तंत्र से मिली सूचना के बाद एसपी ज्ञानचंद यादव और एएसपी नरोत्तम लाल वर्मा के मार्गदर्शन में विशेष टीम का गठन किया. डीएसपी फूलचंद टेलर और एएसआई राकेश कुमार जाखड़ के नेतृत्व में टीम ने मान्दलदा क्षेत्र में नाकाबंदी कर संदिग्ध कार को रुकवाया. तलाशी लेने पर अवैध रूप से ले जाई जा रही अफीम बरामद की गई.

पढ़ें:चूरू: कचरे की आड़ में हो रही थी अफीम तस्करी, दो आरोपी गिरफ्तार
अफीम की खरीद-फरोख्त का नेटवर्क खंगाल रहे: दिनेश एमएन बोले, गिरफ्तार दोनों आरोपियों की पहचान राधेश्याम शर्मा (31) और राहुल शर्मा (28) के रूप में हुई है. दोनों आरोपी सगे भाई हैं. मूल रूप से नालखेड़ी (चित्तौड़गढ़) के निवासी हैं. प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि बरामद अफीम उन्होंने अपने ही गांव नालखेड़ी के प्रकाश धाकड़ और प्रमोद शर्मा से खरीदी थी. पुलिस अब इन मुख्य सप्लायरों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है. इनके खिलाफ चंदेरिया थाने में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है. अफीम कहां बेचने जा रहे थे, इस संबंध में जांच जारी है.
पढ़ें:एएनटीएफ ने मांडवा में 100 करोड़ की अफीम की फसल जब्त की, बागोड़ा में एमडी बनाने की फैक्ट्री पकड़ी

