बागपत में आवारा कुत्तों ने बुरी तरह नोंच डाला था बच्ची का चेहरा; सर्जरी में LLRM मेरठ को मिली कामयाबी
मेडिकल कालेज के सर्जन डॉ. भानु प्रताप सिंह ने बताया कि बच्ची छोटी थी, दर्द से कराह रही थी. हमने एक टीम बनाई.

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : February 25, 2026 at 10:50 AM IST
|Updated : February 25, 2026 at 11:27 AM IST
मेरठ: लाला लाजपत राय स्मारक मेडिकल कॉलेज (LLRM) मेरठ में ढाई वर्षीय बच्ची की सफल सर्जरी की गई. डॉक्टरों की टीम ने बच्ची के चेहरे की प्लास्टिक सर्जरी की है. आवारा कुत्तों ने हमला करके उसके चेहरे को बुरी तरह नोंच डाला था. चेहरे पर सिर्फ घाव ही घाव थे.
मेडिकल कॉलेज के विशेषज्ञ चिकित्सक डॉ. भानु प्रताप सिंह और उनकी टीम ने मासूम के परिवार को मोटिवेट किया और बच्ची की प्लास्टिक सर्जरी की गई. लगभग डेढ़ घंटे चले ऑपरेशन में सफलता मिली.
बागपत की बच्ची: बागपत जिले से ढाई साल की बच्ची सारा को लेकर उसके परिजन मेडिकल कॉलेज पहुंचे थे. प्राथमिक उपचार के बाद उसे मेडिकल कॉलेज में लाकर परिजनों ने डॉक्टर को दिखाया. बच्ची पर हमला करके कुत्तों ने उसके चेहरे को नोंच डाला था. बच्ची के चेहरे पर गंभीर चोटें आई थीं.
मेडिकल कॉलेज के सर्जन डॉ. भानु प्रताप सिंह ने बताया कि बच्ची छोटी थी और दर्द से कराह रही थी. हमने एक टीम बनाई. इसके बाद पूरी प्लानिंग की और आधुनिक चिकित्सा प्रोटोकॉल को फॉलो करते हुए गंभीर घावों के लिए अत्याधुनिक तकनीक का सहारा लिया.
उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज में सर्जरी करके चेहरे को वापस सामान्य आकार में लाने की कोशिश सफल रही है. उन्होंने कहा कि मासूम के परिवारीजनों ने भी समझदारी दिखाई और समय से मेडिकल कॉलेज ले आए.
बच्ची के चेहरे का घाव काफी गंभीर स्थिति में था. समय पर उपचार से अब बच्ची का चेहरा सुधार लिया गया है. कोशिश रही कि पहले की तरह ही उसी शेप में वह हो और इसमें सफलता मिली है.
नीम-हकीम के चक्कर में न पड़ें: LLRM कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आरसी गुप्ता ने बताया कि कुत्ते के काटने पर घाव काफी ज्यादा हो जाता है. ऐसे में कई लोग नीम हकीम के चक्कर में पड़ जाते हैं.
ऐसा करने से बेहतर होगा कि तत्काल उस घाव को साबुन और पानी से कुछ देर तक धोना चाहिए. जितनी जल्दी हो सके एंटी-रेबीज वैक्सीन लगनी चाहिए. इसके अलावा जरूरत है तो आवश्यक वैक्सीन सीरम भी डॉक्टर की सलाह पर लगवनी चाहिए.
प्रिंसिपल आरसी गुप्ता ने कहा कि कोशिश यही रहती है कि जो भी मरीज यहां आएं उन्हें संतुष्ट किया जाए. सिमित संसाधनों से भी हम बेहतर प्रयास कर रहे हैं.
पीड़ित बच्ची के परिजनों ने कैमरे पर आने से इंकार किया, हालांकि उन्होंने मेडिकल कॉलेज में हुई बेटी की सफल प्लास्टिक सर्जरी के लिए सभी का आभार भी जताया.
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