ट्विशा शर्मा मौत मामले में सीन रीक्रिएशन की तैयारी में CBI, समर्थ और गिरिबाला दोहराएंगे पूरी प्रक्रिया
ट्विशा शर्मा मौत मामले में सीन रिक्रिएशन के लिए होगा डमी पुतले का इस्तेमाल. मां-बेटे को बताना होगा कैसे उतारा था फंदे से शव.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : May 30, 2026 at 6:36 PM IST
भोपाल: चर्चित ट्विशा शर्मा मौत मामले की जांच कर रही सीबीआई अब घटना के सीन का रिक्रिएशन करने की तैयारी में है. इसके लिए आरोपी समर्थ सिंह और उसकी मां रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह को उनके घर ले जाया जाएगा, जहां सीबीआई घटनाक्रम को दोबारा समझने और दोनों के बयानों का सत्यापन करने की कोशिश करेगी.
रिमांड के बाद सीन रिक्रिएशन की तैयारी
ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले मे सीबीआई ने अपनी जांच तेज कर दी है. शुक्रवार को सीबीआई ने ट्विशा के पति समर्थ सिंह और सास पूर्व जज गिरिबाला सिंह को अदालत से 5-5 दिन की रिमांड पर लिया है. रिमांड के दौरान सीबीआई दोनों आरोपियों से लगातार बारीकी से पूछताछ कर रही है.
पूछताछ के दौरान समर्थ ने सीबीआई को बताया है कि फंदे पर लटकी ट्विशा के शव को उसने ही नीचे उतारा था, जबकि उसकी मां गिरिबाला सिंह ने गले में बंधे फंदे की गांठ खोली थी. अब जांच एजेंसी इन दावों की वास्तविक परिस्थितियों से तुलना करेगी और यह परखेगी कि दोनों के बयान घटनास्थल पर मौजूद साक्ष्यों और परिस्थितियों से मेल खाते हैं या नहीं. इसके लिए सीबीआई सीन रिक्रिएशन की तैयारी में जुटी है.
सीन रिक्रिएशन के लिए डमी पुतले का होगा इस्तेमाल
सीन रिक्रिएशन के लिए सीबीआई करीब 80 किलो वजन के एक डमी पुतले का इस्तेमाल करेगी. इस डमी को उसी तरह फंदे पर लटकाकर पूरी प्रक्रिया दोहराई जाएगी, जैसा समर्थ और गिरिबाला अपने बयानों में बता रहे हैं. जांच अधिकारी यह समझने का प्रयास करेंगे कि कथित तौर पर ट्विशा को फंदे से नीचे कैसे उतारा गया था और उस दौरान घटनास्थल की स्थिति क्या रही होगी.
रिक्रिएशन के दौरान मां-बेटे दोहराएंगे पूरी प्रक्रिया
रिक्रिएशन के दौरान गिरिबाला सिंह को यह भी प्रदर्शित करना होगा कि उन्होंने फंदे की गांठ किस प्रकार खोली थी और ट्विशा के गले का फंदा कैसे ढीला किया गया था. वहीं समर्थ को यह दिखाना पड़ सकता है कि उसने फंदे से लटके शरीर को किस तरह संभाला और नीचे उतारा. सीबीआई इस प्रक्रिया के दौरान इस्तेमाल हुए लिगेचर (फंदे) की मजबूती और उसकी भार वहन क्षमता की भी जांच करेगी.
क्यों जरुरी है सीन रिक्रिएशन?
एजेंसी यह जानने का प्रयास करेगी कि संबंधित सामग्री कितना वजन सहन कर सकती थी और क्या घटनास्थल पर मिले तथ्यों के अनुरूप वह परिस्थितियां संभव थीं, जिनका दावा मां-बेटे कर रहे हैं. सीबीआई अधिकारियों का मानना है कि सीन रिक्रिएशन से यह स्पष्ट करने में मदद मिलेगी कि घटना के समय वास्तव में क्या हुआ था और आरोपियों के बयान उपलब्ध साक्ष्यों से कितने मेल खाते हैं. मामले की जांच फिलहाल निर्णायक चरण में पहुंचती दिखाई दे रही है.
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गिरिबाला सिंह और समर्थ 5-5 दिन की रिमांड पर
समर्थ सिंह और गिरिबाला सिंह दोनों फिलहाल सीबीआई की 5-5 दिन की रिमांड पर हैं. रिमांड अवधि के दौरान सीबीआई लगातार पूछताछ, तकनीकी विश्लेषण और घटनास्थल के वैज्ञानिक परीक्षण के जरिए मामले की हर कड़ी को जोड़ने में जुटी हुई है.

