करनाल में कछुआ तस्करी का भंडाफोड़, दो आरोपी गिरफ्तार, 8 जीवित कछुए बरामद
वन विभाग और पुलिस की टीम ने कछुओं की अवैध खरीद-फरोख्त करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया. 8 जीवित कछुए बरामद.

Published : August 15, 2026 at 9:29 AM IST
करनाल: वन्यजीव संरक्षण को लेकर बड़ी कार्रवाई सामने आई है. वन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने कछुओं की अवैध खरीद-फरोख्त करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 8 जीवित कछुए बरामद किए हैं. दोनों आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया.
शहर में दो दुकानों पर छापेमारी: करनाल जिला वन विभाग को सूचना मिली थी कि शहर में कछुओं की अवैध खरीद-फरोख्त का कारोबार चल रहा है. सूचना के आधार पर वन विभाग की टीम ने पुलिस के साथ मिलकर करनाल की मच्छी मार्केट स्थित एक दुकान और सुभाष कॉलोनी स्थित दूसरी दुकान पर छापेमारी की. कार्रवाई के दौरान दोनों स्थानों से दो आरोपियों को काबू किया गया.
एक्वागार्ड के डिब्बों में छिपाकर रखे थे कछुए: जांच के दौरान टीम उस समय हैरान रह गई, जब आरोपियों ने कछुओं को खुले तौर पर रखने के बजाय एक्वागार्ड के डिब्बों में छिपाकर रखा हुआ था. तलाशी के दौरान कुल 8 जीवित कछुए बरामद किए गए. वन विभाग के मुताबिक आरोपी इन कछुओं की खरीद-फरोख्त का काम करते थे.

कहां से लाते और कहां बेचते थे? जांच जारी: वन विभाग अब यह पता लगाने में जुटा है कि आरोपी इन कछुओं को कहां से लेकर आते थे और आगे किन लोगों को बेचते थे. अधिकारियों का कहना है कि यह केवल दो दुकानों तक सीमित मामला है या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क काम कर रहा है, इसकी भी जांच की जा रही है.

वन्यजीवों की खरीद-फरोख्त पर कानून सख्त: रेंज इंचार्ज राकेश कुमार ने स्पष्ट किया कि "कछुओं को इस तरह पकड़कर रखना, खरीदना-बेचना या उनकी तस्करी करना कानूनन अपराध है. वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत ऐसे मामलों में 3 से 7 साल तक की सजा का प्रावधान बताया गया है." उन्होंने लोगों से अपील की कि वन्यजीवों को शौक के लिए अपने घरों में ना रखें और ना ही उनकी खरीद-फरोख्त करें.

घर में कछुआ पालने वालों को भी चेतावनी: रेंज इंचार्ज राकेश कुमार ने बताया कि "कई लोगों को अभी भी इस कानून की पूरी जानकारी नहीं है. विभाग के पास ऐसे लोगों के फोन भी आ रहे हैं, जो पूछ रहे हैं कि क्या घर में कछुआ रखा जा सकता है. लोग अपने घरों में भी कछुओं को गैरकानूनी तरीके से ना रखें. यदि इसकी शिकायत मिलती है तो वन विभाग नियमानुसार कार्रवाई करेगा."

