चंडीगढ़-शिमला फोरलेन पर NHAI ने पाया बड़ी बाधा से पार, शिमला बाईपास पर टनल 5 के दोनों सिरे मिले
7 महीनों के रिकॉर्ड समय में एनएचएआई ने चंडीगढ़-शिमला फोरलेन टनल निर्माण का कार्य पूरा किया.

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team
Published : December 24, 2025 at 2:30 PM IST
शिमला: चंडीगढ़-शिमला फोरलेन पर NHAI ने एक बड़ी सफलता हासिल की है. 23 दिसंबर को NHAI ने शिमला बाईपास प्रोजेक्ट पर टनल नंबर 5 के दोनों सिरे मिला दिए हैं. टनल 5 शिमला बाईपास को इसके आखिरी छोर चलौंठी से जोड़ती है. टनल निर्माण के सबसे मुश्किल पड़ाव में सफलता पाने के बाद अब तेजी से इसका निर्माण पूरा हो पाएगा. चंडीगढ़-शिमला फोरलेन के आख़िरी छोर पर इस टनल के निर्माण से आने वाले समय में यात्रा सुगम होगी. इसके अलावा अटल सुपर स्पेशलिटी आयुर्विज्ञान संस्थान, चमियाना अस्पताल पहुंचना भी आसान होगा.
कब शुरू हुआ था टनल निर्माण कार्य
टनल निर्माण का कार्य गावर और भारत कंस्ट्रक्शन द्वारा किया जा रहा है. टनल की कुल लंबाई 210 मीटर है, जिसका कार्य 22 मई 2025 को शुरू हुआ था. NHAI ने 7 महीनों के रिकॉर्ड समय में 23 दिसंबर 2025 को इस कार्य को पूरा किया है. टनल का निर्माण NATM यानी न्यू ऑस्ट्रियन टनल मेथड से किया गया है. मौजूदा समय में टनल बनाने के लिए यह सबसे कारगर तकनीक मानी जाती है.

अब कम होगा शिमला पहुंचने का समय
चंडीगढ़-शिमला फोरलेन पर शिमला बाईपास परियोजना एक महत्वपूर्ण कड़ी है. 27.457 किलोमीटर लंबे इस पैच से आम लोगों को शिमला शहर के जाम से निजात मिलेगी. इस परियोजना में पांच सुरंगें भी शामिल हैं. इसका उद्देश्य यात्रा को तेज और अधिक सुविधाजनक बनाना है. ऊपरी शिमला, किन्नौर और स्पीति जाने वाले सैलानियों के लिए शिमला बाईपास विकसित होने से सफर आसान होगा. इसके चलते शिमला (ढली) पहुंचने की यात्रा का समय लगभग एक घंटे तक कम हो जाएगा.

सेब उत्पादकों को मिलेगी बड़ी राहत
हालांकि, फोरलेन निर्माण पूरा होने में अभी काफी समय है. मगर यह फोरलेन जिला शिमला और किन्नौर के सेब उत्पादकों के लिए बड़ी राहत लेकर आएगा. फोरलेन निर्माण से सेब सीजन के दौरान बागवान आसनी से अपना सेब शिमला और बाहर की मंडियों तक पहुंचा पाएंगे. जाम के चलते कई बार बागवानों का सेब समय पर फल मंडियों में नहीं पहुंच पाता, जिसका सीधा असर बागवानों की आय पर पड़ता है. ऐसे में बागवानी के लिहाज से भी ये परियोजना बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है.

