फर्जी तरीके से टिकट एडिट कर मरुधर एक्सप्रेस के एसी कोच में कर था सफर, ऐसे खुला मामला
आरोपी पहले भी टिकट में बदलाव कर उच्च श्रेणी में यात्रा करता रहा है.

Published : February 21, 2026 at 7:57 PM IST
जैसलमेरः ट्रेन में टिकट में हेरफेर कर एसी कोच में यात्रा कर रहे एक यात्री को टीटीई की सतर्कता से पकड़ लिया गया. मामला ट्रेन संख्या 14854 जोधपुर-वाराणसी सिटी मरुधर एक्सप्रेस का है, जहां ड्यूटी के दौरान टीटीई की जांच में फर्जीवाड़ा सामने आया.
मंडल के वरिष्ठ वाणिज्य प्रबंधक (सीनियर डीसीएम) हितेश यादव ने बताया कि मंगलवार को टीटीई कालूराम मीणा ए-1 कोच में टिकट जांच कर रहे थे. इस दौरान एक यात्री ने मोबाइल पर ई-टिकट दिखाया, जिसमें बी-1 कोच अंकित था. संदेह होने पर जब हैंडहेल्ड मशीन (एचएचटी) से टिकट का सत्यापन किया गया तो पाया गया कि बी-1 कोच की 43 नंबर सीट खाली दर्शाई जा रही है. जांच में सामने आया कि यात्री ने मूल टिकट में छेड़छाड़ कर कोच और सीट नंबर बदल दिए थे और उसी के आधार पर एसी कोच में यात्रा कर रहा था.
पढ़ेंः AI का इस्तेमाल कर लोग बना रहे फर्जी ट्रेन टिकट, जानें कैसे होती है असली-नकली की पहचान
पहले भी टिकट में कर चुका छेड़छाड़ः जांच के दौरान यात्री के मोबाइल की हिस्ट्री खंगाली गई तो पूर्व के भी कई टिकट इसी प्रकार एडिट किए हुए मिले. इससे स्पष्ट हुआ कि वह पहले भी टिकट में बदलाव कर उच्च श्रेणी में यात्रा करता रहा है. आरोपी को तुरंत कार्रवाई करते हुए रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) जयपुर के हवाले कर दिया गया, जहां उसके खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है.
आईआरसीटीसी के नाम से सेव किया था निजी नंबरः पूछताछ में यह भी सामने आया कि यात्री ने अपने निजी मोबाइल नंबर को ‘VM-IRCTCi’ नाम से सेव कर रखा था. वह एक नंबर से टिकट मैसेज एडिट कर दूसरे नंबर पर भेज देता था, ताकि जांच के दौरान यह न लगे कि मैसेज फॉरवर्ड किया गया है. रेलवे अधिकारियों ने बताया कि इस प्रकार की धोखाधड़ी से रेलवे को राजस्व हानि होती है. टिकट जांच के दौरान ऐसे मामलों पर विशेष नजर रखी जा रही है.

