बूंदी में लाखेरी-पापड़ी ओवरब्रिज के पास पलटा ट्रक, नीचे दबने से 3 श्रद्धालुओं की मौत, सहमति के बाद धरना समाप्त
स्थानीय लोगों का कहना है कि ओवरब्रिज के पास सड़क पर गड्ढे बने हुए हैं, जिनकी मरम्मत नहीं करवाई गई. इससे ट्रक पलट गया.

Published : January 4, 2026 at 4:11 PM IST
बूंदी: जिले के लाखेरी उपखंड क्षेत्र में रविवार को कोटा-लालसोट मेगा हाईवे पर लाखेरी–पापड़ी ओवरब्रिज के समीप तेज गति से आ रहा एक ट्रक सड़क पर हो रहे गड्ढों में असंतुलित होकर पलट गया. दुर्भाग्यवश उसी समय चौथ का बरवाड़ा माता के दर्शन के लिए पैदल जा रहे श्रद्धालु ट्रक की चपेट में आ गए. हादसे में 3 श्रद्धालुओं की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 9 श्रद्धालु गंभीर रूप से घायल हो गए. श्रद्धालुओं की मौत से आक्रोशित ग्रामीणों ने करीब पांच घंटे तक मेगा हाईवे पर चक्काजाम कर दिया. इसके बाद प्रशासन से हुई वार्ता में सभी बिंदुओं पर सहमति बन गई और धरना समाप्त कर दिया गया. प्रत्येक मृतक के परिजनों को 12.50 लाख रुपए की सहायता राशि देने पर सहमति बनी है.
इसके साथ ही प्रशासन ने यह भी आश्वासन दिया कि 8 जनवरी से 8 लेन एक्सप्रेसवे पर लबान क्षेत्र से किया गया ट्रैफिक डाइवर्जन बंद किया जाएगा, जिससे स्थानीय लोगों को हो रही परेशानी खत्म होगी. प्रशासन की ओर से सहमति पत्र सौंपे जाने के बाद लबान क्षेत्र के लोगों ने धरना समाप्त करने की घोषणा की. इस दौरान क्षेत्रवासियों ने राहत की सांस ली और प्रशासन के फैसले पर संतोष जताया.
ट्रक को लगाई आग: प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, इस हादसे में राजाराम (50) निवासी अमरपुरा और कालूलाल निवासी करीरिया, सांगोद जिला कोटा की मौके पर ही मौत हो गई. वहीं गंभीर रूप से घायल सांवरा केवट (22) निवासी गुहाटा को कोटा रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया. दुर्घटना के तुरंत बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने पहले सड़क किनारे रखी कपास में आग लगा दी और बाद में दुर्घटनाग्रस्त ट्रक को भी आग के हवाले कर दिया. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सबसे पहले बूंदी से एसपी राजेंद्र कुमार मीणा घटनास्थल पर पहुंचे और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की.

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मेगा हाईवे पर जाम, अतिरिक्त पुलिस बल तैनात: बढ़ते तनाव को देखते हुए बाद में आईजी राजेंद्र प्रसाद गोयल, कलेक्टर अक्षय गोदारा भी मौके पर पहुंचे और आक्रोशित ग्रामीणों से बंद कमरे में वार्ता की. इस दौरान ग्रामीणों ने मृतकों के परिजनों को उचित मुआवजा, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और हाईवे पर सुरक्षा इंतजाम मजबूत करने की मांग रखी. लेकिन देर शाम तक चली वार्ता के बावजूद ग्रामीणों और प्रशासन के बीच मांगों पर सहमति नहीं बन सकी. वार्ता विफल होने के बाद ग्रामीणों ने मेगा हाईवे पर जाम जारी रखा. हालात को काबू में करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया. मौके पर आईजी स्तर के अधिकारी भी पहुंचे और स्थिति पर नजर बनाए रखी.

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार रविवार दोपहर कोटा-लालसोट मेगा हाईवे पर कोटा की ओर से तेज रफ्तार में आ रहा कपास से भरा ट्रक पापड़ी ओवरब्रिज के पास पहुंचते ही सड़क पर बने गहरे गड्ढों के कारण अचानक अनियंत्रित होकर पलट गया. इसके चलते सड़क किनारे पैदल चल रहे श्रद्धालु इसके नीचे दब गए. मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया, लेकिन भारी ट्रक के नीचे दबे लोगों को निकालना आसान नहीं था. पुलिस ने क्रेन की सहायता से पलटे ट्रक को सीधा किया गया, ताकि उसके नीचे दबे लोगों को बाहर निकाला जा सके. इस दौरान घायलों को नजदीकी लाखेरी अस्पताल पहुंचाया गया. हालांकि, सभी की हालत गम्भीर होने पर उन्हें कोटा एमबीएस अस्पताल के लिए रेफर किया गया.

एसपी ने कही ये बात : मामले में पुलिस अधीक्षक राजेंद्र कुमार मीणा ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर भेजा गया और राहत कार्य तत्काल शुरू करवाया गया. सभी घायलों को उपचार के लिए लाखेरी अस्पताल में भर्ती कराया गया. एसपी मीणा ने बताया कि हादसे में एक व्यक्ति की मौक हुई है, जबकि चार से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हैं. क्रेन की मदद से ट्रक को सीधा कर लिया गया है और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है. हालांकि, कुछ देर बाद मृतकों की संख्या दो से बढ़कर 3 और घायलों की संख्या 10 तक पहुंच गई.
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स्थानीय लोगों ने सड़क की बदहाल स्थिति को हादसे का मुख्य कारण बताया. उनका कहना है कि पापड़ी ओवरब्रिज के पास लंबे समय से सड़क पर गड्ढे बने हुए हैं, लेकिन जिम्मेदार विभागों ने अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की. आज उन्हीं गड्ढों ने निर्दोषों की जान ले ली और कई परिवारों को गहरे दुख में डुबो दिया.
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3 की मौत, कई घायल : दुर्घटना में 3 लोगों की दर्दनाक मौत हुई है, जबकि 10 के करीब घायल बताए जा रहे हैं. लाखेरी पुलिस उपाधीक्षक नरेंद्र नागर ने बताया कि घायलों में अमरपुरा के जोधराग पुत्र गोबरीलाल, गिरिराज पुत्र बालचन्द, महावीर पुत्र भैरूलाल, देवलाल पुत्र रतनलाल, गिरिराज पुत्र बलराज, गोधराज पुत्र गोवरी लाल भमसूरी कवरपुरा, सावरा पुत्र किशनलाल कवरपुरा, रामकिशन पुत्र रामकुमार, महावीर पुत्र मोडुलाल, फोरू लाल पुत्र मांगीलाल शामिल बताए जा रहे हैं.
दुर्घटना के बाद कंपनी पर फूटा गुस्सा : दुर्घटना के बाद मौके पर मौजूद ग्रामीणों की भीड़ ने ट्रक पर फैली कपास को आग लगा दी. इसके बाद भी लोगों का गुस्सा शांत नहीं हुआ और भीड़ ने बाद में ट्रक को ही आग के हवाले कर दिया. लोगों ने एक निजी कंपनी के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर प्रदर्शन किया. ग्रामीणों का आरोप था कि कंपनी के पास मेघा हाईवे के रख-रखाव का जिम्मा है, लेकिन अधिकारियों की लापरवाही के कारण आए दिन हादसों में निर्दोष लोगों की जान जा रही है. घटनास्थल पर मौजूद लाखेरी थाना प्रभारी सुभाष शर्मा, दई थाना प्रभारी धारा सिंह ने आक्रोशित लोगों से समझाइश कर उन्हें शांत कराने का प्रयास किया. पुलिस ने दमकल बुलाकर ट्रक में लगी आग को बुझाया.
स्पीकर बिरला ने घायलों से की मुलाकात, पीड़ितों की मदद के दिए निर्देश: लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने एमबीएस अस्पताल पहुंचकर घायलों से मुलाकात की. बिरला ने अस्पताल प्रशासन को बेहतर एवं त्वरित इलाज सुनिश्चित करने के निर्देश दिए. उन्होंने जिला प्रशासन को निर्देश दिए कि पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाए. लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं. उन्होंने बताया कि दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का लबान से कुश्तला क्षेत्र वाला हिस्सा जल्द शुरू हो जाएगा जिससे आवागमन अधिक सुरक्षित और सुगम होगा. उन्होंने कहा कि क्षेत्र से बड़ी संख्या में श्रद्धालु चौथ माता के दर्शनों के लिए पैदल यात्रा करते हैं. इसे ध्यान में रखते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि श्रद्धालुओं के लिए एक सुरक्षित कॉरिडोर विकसित किया जाए, हाईवे एवं प्रमुख मार्गों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात रखा जाए तथा उनके सुरक्षित आवागमन के लिए सभी आवश्यक प्रबंध सुनिश्चित किए जाएं.

