कानपुर में ट्रक ड्राइवर की बेटी नैंसी तिवारी ने CA एग्ज़ाम में किया टॉप, साकार हुआ सपना
नैंसी तिवारी एक मध्यमवर्गीय परिवार से आती हैं और उनके पिता पेशे से एक ट्रक ड्राइवर हैं. वह रोज 9 घंटे पढ़ाई करती थीं.

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : March 3, 2026 at 4:32 PM IST
कानपुर: कानपुर की नैंसी तिवारी ने रविवार को घोषित हुए सीए (CA) परीक्षा परिणाम में जिले में टॉप किया है. नैंसी एक मध्यमवर्गीय परिवार से आती हैं और उनके पिता पेशे से एक ट्रक ड्राइवर हैं. बेटी की इस सफलता से पूरे परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई है. नैंसी के लिए यह राह आसान नहीं थी क्योंकि बड़े परिवार और घर में बच्चों के शोर-शराबे के बीच पढ़ाई करना एक बड़ी चुनौती थी.
तैयारी की रणनीति और टाइम मैनेजमेंट: उन्होंने अपनी तैयारी की शुरुआत आर्टिकलशिप के साथ की थी, तब वे रोजाना सिर्फ एक या दो घंटे ही पढ़ पाती थीं. लेकिन परीक्षा से पहले मिली चार-पांच महीने की छुट्टी के दौरान उन्होंने अपनी पूरी ताकत झोंक दी. उस दौरान वे प्रतिदिन आठ से नौ घंटे पढ़ाई करती थीं. उन्होंने जनवरी की परीक्षा के लिए दिसंबर तक अपना पूरा सिलेबस और रिवीज़न बहुत ही अच्छे तरीके से पूरा कर लिया था.
अपेक्षित सफलता से परिवार में खुशी: नैंसी को शुरुआत में अंदाजा नहीं था कि वे जिले में प्रथम स्थान प्राप्त करेंगी. उन्हें न्यूज़ के माध्यम से पता चला कि उन्होंने टॉप किया है, जिसे सुनकर उन्हें सुखद आश्चर्य हुआ. उन्हें खुद पर भरोसा था कि वे पास हो जाएंगी, लेकिन इतने बेहतरीन नंबरों की उन्होंने कभी उम्मीद नहीं की थी. रिजल्ट के समय घर पर केवल उनकी माँ और बहन थी, जबकि पिता काम के सिलसिले में बाहर गए हुए थे.
यूट्यूब और डिजिटल संसाधनों को क्रेडिट: शुरुआत में नैंसी को सीए की तैयारी के बारे में अधिक जानकारी नहीं थी क्योंकि उनके परिवार में कोई इस बैकग्राउंड से नहीं था. कोचिंग के टीचर्स के मार्गदर्शन और यूट्यूब के माध्यम से उन्हें काफी मदद मिली जिससे उनकी चीजें स्पष्ट होती गईं. हालांकि आर्थिक संसाधनों का संघर्ष था, लेकिन ऑनलाइन जानकारी उपलब्ध होने की वजह से उनकी राह आसान हो गई. उनका मानना है कि पढ़ाई में घंटों से ज्यादा 'कंसिस्टेंसी' यानी निरंतरता मायने रखती है.
नियम और एकाग्रता पर ज़ोर: नैंसी का कहना है कि उन्होंने कभी 12-12 घंटे पढ़ाई नहीं की, बल्कि नियम से सात-आठ घंटे पढ़ना ही काफी समझा. परीक्षा के दिनों में भी उन्होंने अधिकतम दस घंटे तक ही अपनी पढ़ाई को समय दिया. उनका मानना है कि जरूरी यह नहीं है कि आप एक दिन बहुत ज्यादा पढ़ें, बल्कि जरूरी यह है कि आप हर दिन मन लगाकर पढ़ें. इस पूरी यात्रा में उनके परिवार और उनके मकान मालिक ने भी शांत माहौल देने में बहुत सहयोग किया.
भविष्य के प्लान और करियर: नैंसी ने पहले अपनी खुद की प्रैक्टिस शुरू करने के बारे में सोचा था, लेकिन वर्तमान आर्थिक स्थिति को देखते हुए उन्होंने अपना मन बदला है. उन्होंने तय किया है कि शुरुआती कुछ वर्षों में वे जॉब करेंगी ताकि अपने परिवार को आर्थिक रूप से सपोर्ट कर सकें. उसके एक-दो साल बाद जब स्थितियां बेहतर होंगी, तब वे अपनी निजी प्रैक्टिस शुरू करने पर विचार करेंगी. उनका मानना है कि अब तैयारी के लिए कोटा या जयपुर जैसे बड़े शहरों में जाना अनिवार्य नहीं रह गया है.
घर बैठे तैयारी करके हासिल की सफलता: यूट्यूब के माध्यम से अब घर बैठे ही हर बड़ी कोचिंग के लेक्चर्स और जानकारी उपलब्ध हो जाती है. नैंसी ने जुलाई 2021 में फाउंडेशन से शुरुआत की थी और उन्होंने फाउंडेशन, इंटरमीडिएट और फाइनल तीनों ही परीक्षाएं अपने पहले प्रयास में पास की हैं. इस पूरी सफलता में उनकी माँ का विशेष योगदान रहा, जिन्होंने उनके खान-पीने और सेहत का पूरा ख्याल रखा. नैंसी का संदेश है कि यदि आपके पास संसाधनों का सही उपयोग करने की हिम्मत है, तो सफलता निश्चित है.
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