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खाद्यान्न की भंडारण क्षमता बढ़ाने के लिए ग्राम सभा की भूमि इस्तेमाल की योजना, मोटे अनाज की खरीद को प्रोत्साहन

उत्तराखंड क्षेत्र की राज्य स्तरीय परामर्शदात्री समिति के अध्यक्ष त्रिवेंद्र सिंह रावत ने विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की.

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खाद्यान्न की भंडारण क्षमता बढ़ाने के लिए ग्राम सभा की भूमि इस्तेमाल की योजना (PHOTO-ETV Bharat)
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By ETV Bharat Uttarakhand Team

Published : February 24, 2026 at 12:39 PM IST

3 Min Read
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देहरादून: उत्तराखंड में खाद्यान्नों के भंडारण की क्षमता को बढ़ाए जाने के साथ ही खाद्यान्नों के नुकसान को कम से कम किए जाने पर जोर दिया जा रहा है. हालांकि, उत्तराखंड राज्य में अभी भंडारण क्षमता की काफी कमी है, जिसको देखते हुए भारतीय खाद्य निगम, उत्तराखंड क्षेत्र की राज्य स्तरीय परामर्शदात्री समिति के अध्यक्ष त्रिवेंद्र सिंह रावत ने विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की. बैठक के दौरान अध्यक्ष ने प्रदेश के तीन मैदानी जिलों में देहरादून, हरिद्वार और उधम सिंह नगर जिले में गोदाम बनाने के लिए भूमि की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के निर्देश दिए.

बैठक के दौरान भारतीय खाद्य निगम के क्षेत्रीय महाप्रबंधक ने निगम की ओर से किया जा रहे कामों की जानकारी दी. इस दौरान खाद्यान्न की खरीद एवं वितरण, खाद्यान्न की गुणवत्ता, भंडारण, परिवहन एवं भंडारण हानियां, स्टॉक की बिक्री एवं निपटान समेत परिचालन विषयों पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया. वहीं, अध्यक्ष ने बैठक के दौरान मौजूदा स्थिति के आधार पर मोटे अनाज की खरीद को प्रोत्साहित करने, राज्य में खाद्यान्न की भंडारण क्षमता को बढ़ाने और कल्याणकारी योजनाओं के तहत खाद्यान्न वितरण को जनहित में सुचारु और बेहतर बनाने के लिए और अधिक प्रयास करने के निर्देश दिए.

खाद्यान्न की भंडारण क्षमता बढ़ाने के लिए ग्राम सभा की भूमि इस्तेमाल की योजना (VIDEO-ETV Bharat)

साथ ही, अध्यक्ष ने ये भी निर्देश दिए कि, खाद्यान्न की गुणवत्ता की राज्य सरकार और भारतीय खाद्य निगम की ओर से लगातार निगरानी की जाए, ताकि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा (NFS) और अन्य कल्याणकारी योजनाओं (OWS) के लाभार्थियों को उत्तम गुणवत्ता का खाद्यान्न प्राप्त हो सके. उन्होंने कहा कि खाद्यान्न कि उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए भंडारण क्षमता को बढ़ाया जाए. इसके लिए ग्राम सभा की भूमि का भी इस्तेमाल किया जा सकता है. गोदाम बनाने के लिए भूमि दिए जाने से होने वाले वित्तीय लाभ के विषय में भी ग्राम सभाओं को जानकारी दे. राज्य सरकार के अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि गेहूं खरीद शुरू होने से पहले ही खरीद केंद्रों पर सभी सुविधाएं व्यवस्थित कर लें, ताकि किसानों को कोई असुविधा ना हो.

भारतीय खाद्य निगम, उत्तराखंड क्षेत्र के एसएलसीसी अध्यक्ष त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि बैठक में एक अच्छी बात सामने आई है कि राशन खराब होने की स्थिति शून्य तक पहुंच गई है. जबकि पहले 30 फीसदी तक अनाज खराब हो जाता था. जिसकी मुख्य वजह थी कि रेलवे स्टेशन पर रखे रखे राशन खराब हो जाते थे. चूहे राशन को नुकसान पहुंचाते थे साथ ही गोदामों में अच्छी व्यवस्था नहीं थीं. जिससे काफी अधिक नुकसान होता था. उत्तराखंड में सुचारू रूप से खाद्यान्न पहुंच सके, इसके लिए भंडारण की जरूरतें भी है. जिसके लिए देहरादून, हरिद्वार और उधम सिंह नगर में भूमि की जरूरत है, जिसपर आगे की कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं.

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