चासनाला खान हादसे की 50वीं बरसी, नम आंखों से शहीद श्रमिकों को दी गई श्रद्धांजलि
धनबाद के चासनाला खान हादसे की 50वीं बरसी के मौके पर लोगों ने नम आंखों से शहीद श्रमिकों को श्रद्धांजलि दी.

Published : December 27, 2025 at 8:47 PM IST
धनबाद: शनिवार को चासनाला डीप माइंस में जल समाधि लेने वाले 375 श्रमिकों की 50वीं बरसी पर भावुक दृश्य देखने को मिला. शहीद स्मारक पर शहीद हुए सभी श्रमिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई. दोपहर करीब डेढ़ बजे जैसे ही आपातकालीन सायरन बजा, उपस्थित लोग 1975 के उस हृदयविदारक हादसे की याद में खड़े हो गए. सर्वधर्म सभा में दो मिनट का मौन धारण कर श्रमिकों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई.
श्रमिकों के परिवारों ने शहीद बेदी पर दीप जलाकर अपनी श्रद्धा अर्पित की. इसके बाद सेल अधिकारियों, नेताओं और अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने श्रद्धांजलि दी. कार्यक्रम की देखरेख मृतक श्रमिकों के परिवारों और प्रबंधन के संयुक्त प्रयास से हुई. चित्रकला प्रदर्शनी और शहीदों की याद में भोग वितरण भी किया गया.
शहीद परिवारों का मिलजुल कर ख्याल रखेंगे: बीसीसीएल सीएमडी
बीसीसीएल के सीएमडी मनोज अग्रवाल ने कहा, 'यह हादसा आज भी हमारे दिलों को दर्द देता है. हम सुरक्षा के साथ उत्पादन सुनिश्चित करेंगे. हमें टेक्नोलॉजी के साथ ऐसी घटनाओं पर रोक लगाने की जरूरत है. शहीदों के परिवारों को कोई दिक्कत न हो, इसके लिए हम सभी को मिलजुलकर ख्याल रखना चाहिए'.

विधायक झरिया रागिनी सिंह ने घटना पर शोक प्रकट करते हुए कहा कि आज ही वह मनहूस दिन था, जब हमारे मजदूर भाई हमेशा के लिए अपनों से बिछड़ गए. उस पल को याद करने से आज भी रूह कांप जाती है. उस समय उनके परिवार की स्थिति को सोचकर घबराहट होती है.
एशिया की सबसे बड़ी खान दुर्घटना है चासनाला: चंद्रदेव महतो
सिंदरी विधायक चंद्रदेव महतो ने कहा कि चासनाला खदान हादसा एशिया की सबसे बड़ी खान दुर्घटना है. उसके बाद से खान सुरक्षा की दिशा में बहुत कुछ कार्य किए गए हैं. लेकिन आगे अभी भी बहुत कुछ किया जाना है. कोयला उत्खनन में लगी कंपनियों को मजदूरों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है, ताकि ऐसे हादसों की पुनरावृत्ति न हो.

बताते चलें कि 27 दिसंबर 1975 वह काला दिन था, जब चासनाला डीप माइंस में 375 श्रमिकों ने जल समाधि ले ली थी. हादसे पर 'काला पत्थर' नाम से फिल्म भी बनी है.
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