हिमाचल के इस डिपो में इलेक्ट्रिक बस ट्रायल हुआ सफल, इस रूट पर फर्राटे से दौड़ी बस
ट्रायल के दौरान बस की पावर काफी अच्छी पाई गई और पहाड़ी रूटों पर भी इसकी परफॉर्मेंस बेहतर रही.


By ETV Bharat Himachal Pradesh Team
Published : February 10, 2026 at 6:52 PM IST
बिलासपुर: हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) के बिलासपुर डिपो में इलेक्ट्रिक बस का ट्रायल सफल रहा है. ट्रायल के दौरान बस की पावर, माइलेज और परफॉर्मेंस संतोषजनक पाई गई है.
एचआरटीसी के डिप्टी डीएम विवेक लखनपाल ने बताया कि इलेक्ट्रिक बस का दो दिनों तक अलग-अलग रूटों पर ट्रायल किया गया. पहले दिन बस को बिलासपुर एम्स से हमीरपुर तक चलाया गया, जबकि दूसरे दिन बस का ट्रायल बिलासपुर से स्वारघाट होते हुए गुरु का लाहौर तक किया गया और वापसी भी इसी रूट से हुई. ट्रायल के दौरान बस में 65 यात्रियों को बैठाकर संचालन किया गया.
उन्होंने बताया कि ट्रायल के दौरान बस की पावर काफी अच्छी पाई गई और पहाड़ी रूटों पर भी इसकी परफॉर्मेंस बेहतर रही. बस की ओवरलोडिंग क्षमता भी तय मानकों से दोगुनी पाई गई, जिससे भविष्य में इसके संचालन की संभावनाएं मजबूत हुई हैं. हालांकि, सभी आंकड़ों और डाटा का विस्तृत विश्लेषण करने के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा. विवेक लखनपाल ने बताया कि बिलासपुर वर्कशॉप में इलेक्ट्रिक बसों को चार्ज करने के लिए एक चार्जर स्थापित किया गया है, जो एक साथ दो बसों को चार्ज कर सकता है. जल्द ही यहां एक और चार्जर लगाया जाएगा, जिससे एक साथ चार बसों को चार्ज करने की सुविधा उपलब्ध हो जाएगी. बिलासपुर बस स्टैंड पर भी चार बसों को चार्ज करने के लिए चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे. इसके अलावा मंडी-भराड़ी में बनने वाले नए बस स्टैंड में भी चार्जिंग सुविधा दी जाएगी, जबकि घुमारवीं में दो चार्जर लगाए जाएंगे, जिससे वहां एक साथ चार बसों को चार्ज किया जा सकेगा.
एचआरटीसी को होगा आर्थिक लाभ
डिप्टी डीएम ने बताया कि सुरक्षा मानकों के तहत बस की बैटरी को 20 प्रतिशत से नीचे नहीं रखा जाता. ट्रायल के दौरान पाया गया कि इलेक्ट्रिक बस को चार्ज करने में करीब 90 से 95 मिनट का समय लगता है. इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा और ईंधन खर्च में कमी आने से एचआरटीसी को आर्थिक लाभ भी होगा. आने वाले समय में प्रदेश के विभिन्न रूटों पर इलेक्ट्रिक बसों का संचालन बढ़ने की संभावना है.
180 किलोमीटर से अधिक की रेंज
बता दें कि हैदराबाद की ओलेक्ट्रा कपंनी ने प्रोटोटाइप बस ट्रायल के लिए भेजी है. इस कपंनी की बस रोहतांग पर पिछले दस वर्षो से चल रही है. ओलेक्ट्रा ग्रीनटेक लिमिटेड को हिमाचल में ई-बसों का टेंडर मिला है. ये 424.01 करोड़ रुपये का टेंडर है. कंपनी ने 11 महीने में यह ऑर्डर पूरा करने का आश्वासन दिया था. निगम प्रबंधन के अनुसार ई-बस 30 सीटर है. एक बार चार्ज करने पर ये 180 किलोमीटर से अधिक चल सकती है. इसकी लागत 1.71 करोड़ रुपये है. कंपनी इसके रखरखाव की जिम्मेदारी 12 साल तक लेगी.
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