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रील्स और स्टाइल की दौड़ में नियमों को चुनौती, उदयपुर में मॉडिफाइड वाहनों पर परिवहन विभाग सख्त

विभाग ने वाहन मालिकों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया ट्रेंड के प्रभाव में आकर ऐसे बदलाव न करवाएं.

Udaipur RTO office
उदयपुर RTO कार्यालय (ETV Bharat Udaipur)
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By ETV Bharat Rajasthan Team

Published : June 2, 2026 at 5:32 PM IST

3 Min Read
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उदयपुर: सोशल मीडिया पर अलग पहचान बनाने और आकर्षक रील्स तैयार करने की होड़ अब सड़कों पर भी दिखाई देने लगी है. शहर में बड़ी संख्या में युवा अपनी बाइक और कारों को मनमर्जी से मॉडिफाई करवा रहे हैं. तेज आवाज वाले साइलेंसर, आकर्षक फैंसी नंबर प्लेट, अलग-अलग डिजाइन के हॉर्न और वाहन की मूल बनावट में बदलाव का चलन तेजी से बढ़ रहा है. परिवहन विभाग ने इसे सड़क सुरक्षा और कानून व्यवस्था के लिए चिंता का विषय मानते हुए विशेष अभियान शुरू किया है. इसके तहत समझाइश, चालान काटना और मॉडिफाई उपकरणों को हटाया जा रहा है.

'ना करें किसी तरह का बदलाव': प्रादेशिक परिवहन अधिकारी ज्ञानदेव विश्वकर्मा ने बताया कि वाहन चालकों को केवल निर्धारित मानकों के अनुसार नंबर प्लेट लगाने और कंपनी फिटेड उपकरणों का ही उपयोग करने के निर्देश दिए गए हैं. नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ चालान के साथ वाहन जब्ती की कार्रवाई भी की जा रही है. विभाग ने वाहन मालिकों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया ट्रेंड के प्रभाव में आकर ऐसे बदलाव न करवाएं, जो कानून और सुरक्षा दोनों के लिए खतरा बन सकते हैं. विभाग के आंकड़ों के अनुसार पिछले तीन वर्षों में मॉडिफाइड वाहनों और नियम विरुद्ध बदलावों के मामलों में लगातार कार्रवाई की गई है. वर्ष 2023 में 731, वर्ष 2024 में 312 और वर्ष 2025 में 487 मामलों में चालान और अन्य कार्रवाई दर्ज की गई.

मॉडिफाई वाहनों पर कार्रवाई, देखें वीडियो (ETV Bharat Udaipur)

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मॉडिफिकेशन नियमों के विरुद्ध: सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल होने वाले वीडियो और राइडिंग ट्रेंड्स का असर युवाओं में साफ नजर आ रहा है. कई वाहन चालक अपनी बाइक में ऐसे साइलेंसर लगवा रहे हैं, जिनसे सामान्य ध्वनि के बजाय पटाखों जैसी तेज आवाज निकलती है. इसके अलावा कुछ लोग वाहनों की लाइटिंग, बॉडी डिजाइन और अन्य तकनीकी हिस्सों में भी बदलाव करवा रहे हैं, जबकि मोटर व्हीकल एक्ट के तहत वाहन की मूल संरचना में बिना अनुमति बदलाव करना नियमों के विरुद्ध है.

Surveillance of Modified Vehicles Begins
मॉडिफाई वाहनों निगरानी शुरू (ETV Bharat Udaipur)

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फैंसी नंबर प्लेट भी विभाग की निगरानी में हैं. कई वाहन चालक नंबर प्लेट पर नाम, जाति, धार्मिक प्रतीक, राजनीतिक पहचान, क्राउन या अलग-अलग डिजाइन वाले फॉन्ट का उपयोग कर रहे हैं. कई मामलों में वाहन नंबर इतने छोटे या कलात्मक ढंग से लिखे गए हैं कि दूर से पढ़ना मुश्किल हो जाता है. इससे दुर्घटना या कानून उल्लंघन की स्थिति में वाहन की पहचान करने में परेशानी आती है.

Youngsters making arbitrary modifications to their bikes
युवा बाइक्स में कर रहे मनमाने बदलाव (ETV Bharat Udaipur)

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इन जगहों पर निगरानी: कार्यवाहक जिला परिवहन अधिकारी मुकेश डाड ने बताया कि विभाग को लगातार ऐसी शिकायतें मिल रही हैं, जिनमें देर रात तेज आवाज में बाइक दौड़ाने और मॉडिफाइड साइलेंसर से शोर फैलाने की बात सामने आई है. इसके मद्देनजर परिवहन विभाग और प्रवर्तन टीमों ने शहर के विभिन्न क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाई है. विशेष रूप से सुखेर, फतहसागर, विश्वविद्यालय रोड, सेवाश्रम चौराहा और प्रमुख कॉलेजों के आसपास के इलाकों में जांच अभियान चलाया जा रहा है. इन स्थानों पर शाम के समय युवाओं की बड़ी संख्या में आवाजाही रहती है और मॉडिफाइड वाहनों का उपयोग भी अधिक देखने को मिलता है. जांच के दौरान नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर मौके पर ही चालान बनाए जा रहे हैं.