मध्य प्रदेश में अब थर्ड जेंडर बनेंगे कमांडेंट, सर्टिफिकेट से तय होगी कैटेगरी
सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्यों को थर्ड जेंडर समुदाय को सरकारी नौकरियों में स्थान देने का जारी किया था आदेश. जिसके बाद थर्ड जेंडर को भर्ती प्रक्रिया में शामिल करने का लिया गया फैसला.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : January 2, 2026 at 5:58 PM IST
|Updated : January 2, 2026 at 6:38 PM IST
भोपाल: मध्य प्रदेश पुलिस में थर्ड जेंडर के लिए नौकरी के रास्ते और खुल गए हैं. आरक्षक पद के बाद अब सब इंस्पेक्टर और सूबेदार भर्ती परीक्षा में थर्ड जेंडर के अभ्यर्थी शामिल हो सकेंगे. राज्य सरकार ने इस संबंध में नोटिफिकेशन जारी कर दिया है. इसके अनुसार थर्ड जेंडर अभ्यर्थियों को भर्ती परीक्षा में शामिल होने के लिए संबंधित जिले के कलेक्टर कार्यालय से जारी थर्ड जेंडर सर्टिफिकेशन लगाना होगा. इस सर्टिफिकेट में प्रमाणित किया जाएगा कि अभ्यर्थी का मूल लिंग पुरूष है या फिर महिला.
2021 में शुरू हुई थी भर्ती की प्रक्रिया
मध्य प्रदेश पुलिस में आरक्षक पद पर थर्ड जेंडर अभ्यर्थियों को भर्ती में स्थान देने की प्रक्रिया 2021 में शुरू हुई थी. बाद में सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्यों को थर्ड जेंडर समुदाय को सरकारी नौकरियों में स्थान देने का आदेश जारी किया. इसके बाद मध्य प्रदेश पुलिस में आरक्षक भर्ती परीक्षा 2025 में थर्ड जेंडर को भर्ती प्रक्रिया में शामिल करने का निर्णय किया.
इस भर्ती परीक्षा में 9 लाख 78 हजार से ज्यादा अभ्यर्थियों ने हिस्सा लिया, इनमें थर्ड जेंडर के 4 अभ्यर्थी शामिल हैं. हालांकि अभी तक चयन प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है. आरक्षक वर्ग के बाद अब पुलिस विभाग में सब इंस्पेक्टर और सूबेदार भर्ती परीक्षा में भी थर्ड जेंडर को लाभ मिल सकेगा.
जेंडर सर्टिफिकेशन के आधार पर होगी परीक्षा
थर्ड जेंडर अभ्यर्थियों को सामान्य अभ्यर्थियों की तरह पूरी परीक्षा प्रक्रिया से गुजरना होगा. थर्ड जेंडर के अभ्यर्थियों को पहले लिखित परीक्षा देनी होगी. इसके बाद मेडिकल सर्टिफिकेशन के आधार पर उन्हें महिला और पुरूष वर्ग में से किसी एक वर्ग में शारीरिक दक्षता परीक्षा में शामिल किया जाएगा. उन्हें प्रमाण पत्र के आधार पर महिला और पुरूष वर्ग में शारीरिक मानकों का पालन करना होगा. यही प्रक्रिया भर्ती के बाद ट्रेनिंग में भी लागू होगी.
पहली थर्ड जेंडर कर्मचारी ने जताई खुशी
उधर मध्य प्रदेश सरकार में 2019 में पहली बार सरकारी नौकरी पाने वाली थर्ड जेंडर संजना सिंह ने इसका स्वागत किया है. उन्होंने कहा, पुलिस विभाग में थर्ड जेंडर के लिए रास्ता सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद खुला था. खुशी है कि आरक्षक के बाद बड़े पदों पर भी थर्ड जेंडर के प्रतिभागी हिस्सा ले सकते हैं. समाज को भी खुले दिल से थर्ड जेंडर को स्वीकार करना चाहिए और अपने बीच स्थान देना चाहिए.
मैंने भी जब पहली बार नौकरी ज्वाइन की थी, तब मेरे समकक्षों के बीच यह असमंजस थी कि कैसे आखिर वे एक ट्रांसजेंडर के साथ एडजस्ट करेंगे, क्योंकि समाज में किन्नरों की नेगेटिव छवि बनाई हुई है, जबकि पांचों उंगलियां एक जैसी नहीं होती.

