झारखंड के 28 FPO के बीच 03 करोड़ रुपए की सहायता अनुदान राशि का हस्तांतरण, कृषि मंत्री ने कहा- अन्नदाताओं को सरकारी योजना से जुड़ना होगा
झारखंड के 28 FPO के बीच 03 करोड़ रुपए की सहायता अनुदान राशि का हस्तांतरण किया गया.

Published : February 27, 2026 at 5:00 PM IST
रिपोर्ट- उपेंद्र कुमार.
रांची: राज्य की कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने आज शुक्रवार को राज्य के 28 FPO को 03 करोड़ की राशि हस्तांतरित की. बिरसा कृषि विश्वविद्यालय सभागार में कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग (कृषि प्रभाग) के द्वारा किसान उत्पादक संगठन (FPO) को वित्तीय वर्ष 2025-26 के सहायता अनुदान राशि हस्तांतरण का शुभारंभ सह कार्यशाला का आयोजन किया गया.
इस कार्यशाला का उद्घाटन कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया. इस मौके पर राज्य भर के 28 FPO के बीच करीब 3 करोड़ रुपए की राशि DBT के माध्यम से हस्तांतरित की गई. इस मौके पर मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि ये राशि किसानों के जीवन में बदलाव की एक महत्वपूर्ण कड़ी साबित होगी. लेकिन इसके लिए राज्य के FPO को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी.

मंत्री ने कहा कि FPO को एक लीडर के तौर पर राज्य के किसानों के लिए काम करना होगा. कृषि के क्षेत्र में सही दिशा, नई तकनीक, फसल के चयन में FPO को किसानों का सही मार्ग दर्शन करना होगा. किसानों को आधुनिक खेती से जुड़ने और अपनी आय को दोगुना करने के लिए सरकार की योजनाओं से जुड़ना ही होगा. सरकार के सहयोग से ही प्रगतिशील और सफल किसानों की संख्या में इजाफा संभव है.

मंत्री ने कृषि निदेशक को निर्देशित करते हुए कहा कि सहायता अनुदान राशि को प्राप्त करने के लिए तैयार किए गए वेबसाइट पर योजनाओं की सूची उपलब्ध करने की जरूरत है. ऐसा होने से किसान योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ ले सकेंगे. इसके साथ ही किसानों से जुड़ी सफलता की कहानियों को भी इसमें समाहित करना होगा.

इस कार्यशाला के दौरान इटकी प्रखंड के ठाकुरगांव निवासी विमला देवी का उल्लेख करते हुए कृषि मंत्री ने कहा कि आज राष्ट्रीय स्तर पर दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में इनका नाम स्थापित हो चुका है. एक छोटी सी शुरुआत से 80 हजार लीटर दुग्ध कलेक्शन तक का सफर कबीले तारीफ है. समाज में ऐसी और सफलता की कहानियां हैं जिसे किसानों के बीच साझा करना होगा. अनुभव के आदान प्रदान से किसानों को कृषि के क्षेत्र में नई प्रेरणा मिलेगी.

मंत्री ने कहा कि झारखंड में 50 प्रतिशत रोजगार का क्षेत्र कृषि से जुड़ा है. ये आंकड़ा कृषि के क्षेत्र में रोजगार और व्यवसाय की संभावना मजबूती से दर्शाता है. किसानों को आधुनिक और अपने आय को दोगुना करने के लिहाज से अगर कृषि के क्षेत्र से जुड़ना है तो उन्हें सरकार की योजनाओं से जुड़ना ही होगा. सरकार के सहयोग से ही प्रगतिशील और सफल किसानों की संख्या में इजाफा संभव है. इस मौके पर बीएयू के वीसी डॉ. एससी दुबे, कृषि निदेशक भोर सिंह यादव, नाबार्ड के जीएम आरएस भागवानी, SLBC के DGM संतोष कुमार सिन्हा सहित अन्य मुख्य रूप से मौजूद रहे.


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