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हिमाचल में जनगणना का बिगुल, मास्टर ट्रेनर का प्रशिक्षण हुआ पूरा

जनगणना के लिए मास्टर ट्रेनरों की एक विशेष टीम बनेगी. इनका शिमला में चार दिवसीय राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनर का प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न हुआ.

मास्टर ट्रेनर का प्रशिक्षण पूरा
मास्टर ट्रेनर का प्रशिक्षण पूरा (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Himachal Pradesh Team

Published : February 28, 2026 at 3:01 PM IST

2 Min Read
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शिमला: हिमाचल में जनगणना–2027 के पहले चरण को लेकर तैयारियां तेज़ हो गई हैं. पहाड़ों की भौगोलिक चुनौतियों और दूरदराज़ बस्तियों तक सटीक आंकड़े पहुंचाने के लक्ष्य के साथ प्रशासन ने मास्टर ट्रेनरों की विशेष टीम तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है.

जनगणना के प्रथम चरण, जिसमें मकान सूचीकरण और आवास संबंधी आंकड़ों का संकलन किया जाएगा. इस काम को सफल बनाने के लिए मास्टर ट्रेनरों की भूमिका बेहद अहम मानी जा रही है. ऐसे में जनगणना-2027 के प्रथम चरण-मकान सूचीकरण और मकानों की गणना के लिए डॉ. मनमोहन सिंह, हिमाचल लोक प्रशासन संस्थान शिमला में चार दिवसीय राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनर का प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न हुआ.

इस प्रशिक्षण में प्रदेश सरकार के 20 मास्टर ट्रेनर और जनगणना कार्य निदेशालय, हिमाचल प्रदेश के 6 मास्टर ट्रेनर सम्मिलित हुए. ये प्रशिक्षण निदेशालय के नेशनल ट्रेनर पंकज कुमार सिन्हा और संयुक्त निदेशक आशीष चौहान द्वारा दिया गया. प्रशिक्षण के दौरान जनगणना के विभिन्न पहलुओं के साथ इसके कानूनी प्रावधानों से भी अवगत करवाया गया. जनगणना के दौरान पूछे जाने वाले प्रश्नों के बारे में विस्तृत रूप से जानकारी दी गई. डिजिटल मोड में होने वाली जनगणना के लिए विशेष रुप से तैयार किए गए मोबाइल ऐप का विशेष प्रशिक्षण दिया गया और इसका प्रयोगात्मक अभ्यास भी करवाया गया. प्रशिक्षण के अंतिम दिन समस्त मास्टर ट्रेनर को फील्ड में वास्तविक रूप से ऐप द्वारा आंकड़ों के संग्रहण की विधि में मास्टर ट्रेनर को पारंगत किया गया.

जनगणना कार्य निदेशालय की निदेशक दीप शिखा शर्मा ने कहा कि जनगणना केवल जनसंख्या की गणना नहीं बल्कि राष्ट्र निर्माण की आधारशिला और एक महत्त्वपूर्ण प्रशासनिक प्रक्रिया है, जिसमें तथ्यों का व्यवस्थित एवं प्रामाणिक संकलन किया जाता है. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जनगणना प्रशासन की विश्वसनीयता और शासन की पारदर्शिता की परीक्षा है. यदि आंकड़े अधूरे और त्रुटिपूर्ण होंगे तो विकास योजनाओं का लक्ष्य प्रभावित हो सकता है. उन्होंने सभी अधिकारियों से निर्धारित कार्यों को तय सीमा के अनुरूप पूर्ण करने का आग्रह किया.

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