बलौदाबाजार में दर्दनाक सड़क हादसा, ट्रेलर की टक्कर से दो आरक्षकों की मौत
बलौदाबाजार में बुधवार को बड़ा सड़क हादसा हो गया. इस दुर्घटना में दो लोगों की मौत हो गई.

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : February 25, 2026 at 10:54 PM IST
बलौदाबाजार: छत्तीसगढ़ में रफ्तार का कहर एक बार फिर देखने को मिला. बुधवार को बलौदाबाजार में एक सड़क दुर्घटना में दो आरक्षकों की मौत हो गई. दोनों आरक्षक ड्यूटी पर जा रहे थे. इर दौरान ट्रेलर ने उन्हें टक्कर मार दी. एक आरक्षक ने मौके पर दम तोड़ दिया. दूसरे आरक्षक को इलाज के लिए रायपुर ले जाया जा रहा था. इस दौरान उसकी मौत हो गई. यह हादसा उडेला–पौसरी मार्ग पर हुआ.
कैसे हुआ हादसा जानिए ?
जानकारी के अनुसार आरक्षक क्रमांक 377 धर्मेंद्र यादव, जो साइबर सेल में पदस्थ थे और ग्राम परसबोड़ थाना साजा जिला बेमेतरा के निवासी थे, अपने साथी आरक्षक क्रमांक 809 प्रशांतधर दीवान के साथ मोटरसाइकिल से बलौदाबाजार की ओर जा रहे थे. प्रशांतधर दीवान थाना हथबंद में पदस्थ थे और नवागढ़ थाना नवागढ़ जिला बेमेतरा के रहने वाले थे. दोनों जवान ड्यूटी के सिलसिले में निकले थे. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक उडेला–पौसरी मार्ग पर पीछे से आ रहे ट्रेलर ने तेज रफ्तार में बाइक को जोरदार टक्कर मार दी. टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक के परखच्चे उड़ गए और दोनों जवान सड़क पर दूर जा गिरे. आसपास मौजूद लोग कुछ समझ पाते, उससे पहले ही सड़क पर अफरा-तफरी मच गई.

एक आरक्षक की मौके पर हुई मौत
स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी. लेकिन तब तक धर्मेंद्र यादव ने मौके पर ही दम तोड़ दिया. उनका शरीर सड़क पर लहूलुहान पड़ा था. वहीं गंभीर रूप से घायल प्रशांतधर दीवान को तत्काल अस्पताल ले जाया गया. प्राथमिक उपचार के बाद हालत नाजुक देखते हुए उन्हें रायपुर रेफर किया गया. एंबुलेंस तेजी से रायपुर की ओर बढ़ रही थी, लेकिन धरसीवा के पास रास्ते में ही उन्होंने भी अंतिम सांस ले ली. एक ही दिन में, एक ही हादसे में, पुलिस विभाग ने अपने दो जवान खो दिए. यह खबर जैसे ही फैली, महकमे में शोक की लहर दौड़ गई. साथी जवानों की आंखें नम हो गईं। कई अधिकारी मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया.
ट्रेलर ड्राइवर के खिलाफ केस दर्ज
ट्रेलर चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर वाहन जब्त कर लिया गया है. पुलिस यह जांच कर रही है कि हादसा केवल तेज रफ्तार का नतीजा था या चालक की लापरवाही और भी गंभीर थी. उडेला–पौसरी मार्ग पर भारी वाहनों की आवाजाही पहले भी चिंता का विषय रही है. स्थानीय लोग लंबे समय से इस मार्ग पर स्पीड कंट्रोल और सख्त निगरानी की मांग करते रहे हैं. धर्मेंद्र यादव और प्रशांतधर दीवान दोनों ही अपने-अपने क्षेत्र में कर्तव्यनिष्ठ और शांत स्वभाव के लिए जाने जाते थे. धर्मेंद्र यादव साइबर सेल में सक्रिय भूमिका निभा रहे थे और कई मामलों में तकनीकी सहयोग दे चुके थे. वहीं प्रशांतधर दीवान थाना हथबंद में तैनात रहते हुए कानून व्यवस्था बनाए रखने में सक्रिय थे.
आरक्षकों के परिवार पर टूटा दुख का पहाड़
दोनों जवानों के परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है. एक ओर घर में रोज की तरह ड्यूटी पर निकले बेटे और भाई, दूसरी ओर कुछ ही घंटों बाद आई मौत की खबर। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों और साथियों ने दिवंगत आरक्षकों को श्रद्धांजलि दी और परिवारों को हर संभव सहायता का भरोसा दिलाया. जनप्रतिनिधियों और स्थानीय नागरिकों ने भी घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है. सोशल मीडिया पर लोगों ने इसे बड़ी क्षति बताया और भारी वाहनों की बेलगाम रफ्तार पर सख्त कार्रवाई की मांग की है. अब देखना होगा कि भारी वाहनों पर कब तक लगाम लग पाती है.

