'रैली ऑफ हिमालयाज' के दौरान 3 दिन तक बंद रहेंगे ये मार्ग, यातायात रहेगा पूरी तरह बैन
ये मार्ग निर्धारित समय में बंद रहेंगे, इस दौरान आम जनता से प्रशासन ने निर्देशों का पालन करने की अपील की है.

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team
Published : August 14, 2026 at 6:04 PM IST
लाहौल-स्पीति: 'रैली ऑफ हिमालयाज' के मद्देनजर लाहौल-स्पीति में तीन दिनों तक विभिन्न मार्गों पर यातायात रहेगा प्रतिबंधित. लाहौल-स्पीति में 27 से 29 सितंबर तक ग्राम्फू-काजा, काजा-जिस्पा और दारचा-शिंकुला मार्ग निर्धारित समय में बंद रहेंगे. डीसी लाहौल-स्पीति किरण भड़ाना ने मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 115 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए इन मार्गों को निर्धारित समय के दौरान रैली वाहनों एवं आपातकालीन सेवाओं से जुड़े वाहनों को छोड़कर अन्य सभी वाहनों के लिए बंद रखने के आदेश जारी किए हैं.
"6वीं रैली ऑफ हिमालयाज-2026 के आयोजन को लेकर जिले में यातायात व्यवस्था, सड़क सुरक्षा एवं पर्यावरण संरक्षण के दृष्टिगत जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए हैं. रैली का आयोजन 27 से 29 सितंबर, 2026 तक किया जाएगा." - किरण भड़ाना, डीसी लाहौल-स्पीति
इस दिन ये मार्ग तक रहेगा बंद
डीसी लाहौल-स्पीति के जारी आदेश के अनुसार रैली के दौरान निर्धारित मार्गों पर आम गाड़ियों की आवाजाही निर्धारित समयावधि में प्रतिबंधित रहेगी. इस दौरान रैली वाहनों एवं आपातकालीन वाहनों को आवागमन की अनुमति रहेगी.
- 27 सितंबर को ग्राम्फू जंक्शन से काजा तक सुबह 3:00 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक मार्ग बैन रहेगा.
- 28 सितंबर को काजा जंक्शन से जिस्पा तक सुबह 3:00 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक मार्ग बैन रहेगा.
- 29 सितंबर को दारचा जंक्शन से शिंकुला की ओर सुबह 4:00 बजे से 6:00 बजे तक मार्ग बंद रहेगा.
'रैली के दौरान प्रेशर हॉर्न का प्रयोग पूरी तरह बैन'
वहीं, डीसी लाहौल-स्पीति किरण भड़ाना ने रैली के सफल एवं सुरक्षित आयोजन के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए प्रतिभागियों एवं सहयोगी दलों के लिए विशेष दिशा-निर्देश जारी किए हैं. रैली के दौरान प्रेशर हॉर्न का प्रयोग पूरी तरह बैन रहेगा. अस्पतालों, सरकारी कार्यालयों, शैक्षणिक संस्थानों और घोषित शांत क्षेत्रों के पास किसी भी तरह के अनावश्यक हॉर्न का प्रयोग नहीं किया जाएगा. सभी प्रतिभागियों एवं सहयोगी दलों को न्यूनतम संभव ध्वनि प्रदूषण सुनिश्चित करने और मार्ग में अनावश्यक हॉर्न बजाने से बचने के निर्देश दिए गए हैं.
ऑफ-रोड ड्राइविंग नहीं होगी
डीसी लाहौल-स्पीति ने कहा कि सभी प्रतिभागियों एवं सहयोगी दलों को लागू वन एवं वन्यजीव संरक्षण संबंधी कानूनों एवं नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करना होगा. रैली वाहनों को केवल मौजूदा सड़कों एवं निर्धारित मार्गों पर ही चलाया जाएगा और वन क्षेत्रों में ऑफ-रोड ड्राइविंग से पूरी तरह बचना होगा. जिला प्रशासन ने रैली मार्ग एवं आसपास के वन क्षेत्रों में प्लास्टिक, कूड़ा-कचरा या अन्य अपशिष्ट पदार्थ न फेंकने के निर्देश दिए हैं. साथ ही, सक्षम प्राधिकारी की पूर्व अनुमति के बिना वन क्षेत्रों में टेंट लगाने या किसी भी प्रकार की ऐसी गतिविधि करने की अनुमति नहीं होगी.
'जिम्मेदारी एवं अनुशासन के साथ लें रैली में भाग'
जिला प्रशासन ने सभी प्रतिभागियों एवं सहयोगी दलों से अपील की है कि रैली के दौरान वन्यजीवों को किसी भी तरह की परेशानी या व्यवधान न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाए. पर्यावरण की संवेदनशीलता को देखते हुए सभी प्रतिभागियों से जिम्मेदारी एवं अनुशासन के साथ रैली में भाग लेने का आह्वान किया गया है. उन्होंने संबंधित विभागों को भी रैली के दौरान सुरक्षा एवं सुचारू यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं, ताकि प्रतिभागियों, दर्शकों और आम जनता की सुरक्षा बनी रहे और रैली का आयोजन सुरक्षित, व्यवस्थित एवं पर्यावरण-अनुकूल तरीके से संपन्न हो सके.

