करनाल की सड़कों पर रेंगती "जिंदगी", जाम से बेहाल शहर, निर्माणाधीन फ्लाईओवर ने बढ़ाई टेंशन
हरियाणा के करनाल में लोग ट्रैफिक जाम से परेशान हैं. हालात ये है कि शहर की सड़कों पर ट्रैफिक रेंगता हुआ नज़र आता है.

Published : May 24, 2026 at 4:30 PM IST
करनाल : हरियाणा के करनाल में इन दिनों विकास की तस्वीर तो बन रही है, लेकिन फिलहाल उसी विकास कार्य ने लोगों की रफ्तार थाम दी है. सुबह दफ्तर जाने वालों की जल्दबाज़ी हो या स्कूल पहुंचने की चिंता, बाजार जाने वाले लोग हों या अस्पताल की तरफ भागती एंबुलेंस, शहर की सड़कों पर हर कोई जाम की मार झेल रहा है.
शहर की रफ्तार पर ब्रेक : बस स्टैंड, पुराना जीटी रोड, रेलवे रोड, सेक्टर एरिया, कर्ण गेट और शहर के मुख्य चौक दिनभर वाहनों के दबाव से कराहते नजर आते हैं. लगातार बढ़ते ट्रैफिक, अधूरे फ्लाईओवर, अतिक्रमण और अव्यवस्थित पार्किंग ने शहर की यातायात व्यवस्था को चुनौती बना दिया है. करनाल में इन दिनों ट्रैफिक जाम केवल असुविधा नहीं बल्कि रोजमर्रा की जिंदगी की सबसे बड़ी समस्या बन चुका है. कई किलोमीटर लंबे जाम में लोग घंटों फंसे रहते हैं. स्कूल बसें देर से पहुंचती हैं, नौकरीपेशा लोगों को कार्यालय पहुंचने में परेशानी होती है और मरीजों को अस्पताल ले जाने में भी मुश्किलें सामने आती हैं. शहर के कुंजपुरा रोड और रेलवे रोड जैसे इलाकों में हालात सबसे ज्यादा गंभीर हैं. सड़कों के दोनों ओर खड़े वाहन और अतिक्रमण के कारण कई बार दो गाड़ियों का निकलना भी मुश्किल हो जाता है. वहीं महर्षि वाल्मीकि चौक, घंटाघर चौक, कमेटी चौक, अस्पताल चौक और पुरानी सब्जी मंडी चौक पर दिनभर भारी ट्रैफिक दबाव बना रहता है.
विकास कार्य बना परेशानी की वजह : प्रशासन शहर को जाम से राहत दिलाने के लिए करीब 150 करोड़ रुपये की लागत से सिंगल पिलर फ्लाईओवर प्रोजेक्ट पर काम कर रहा है. दावा किया जा रहा है कि इन पुलों के बनने के बाद ट्रैफिक व्यवस्था काफी हद तक सुधर जाएगी. लेकिन फिलहाल इन निर्माण कार्यों ने लोगों की परेशानियां बढ़ा दी हैं. कई रास्तों को बंद या डायवर्ट किए जाने से पूरा ट्रैफिक मुख्य सड़कों पर आ गया है. जगह-जगह धूल, मिट्टी और उबड़-खाबड़ रास्तों के कारण लोगों को रोजाना दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.

दुकानदारों का दर्द : घंटाघर चौक पर पिछले चार दशक से दुकान चला रहे मदनलाल और अन्य दुकानदारों का कहना है कि पिछले दो वर्षों से फ्लाईओवर निर्माण का काम चल रहा है और अभी इसे पूरा होने में लंबा समय लग सकता है. दुकानदारों का कहना है कि धूल और मिट्टी के कारण व्यापार पूरी तरह प्रभावित हुआ है. कई लोगों को सांस संबंधी बीमारियां होने लगी हैं. उनका कहना है कि रास्ते बंद होने से ग्राहकों की आवाजाही लगभग खत्म हो गई है. कुछ दुकानदारों का मानना है कि सड़क पहले से चौड़ी थी, लेकिन अतिक्रमण और अव्यवस्थित रेहड़ियों के कारण सड़कें संकरी हुईं. उनका कहना है कि यदि प्रशासन समय रहते अतिक्रमण हटाता तो शायद फ्लाईओवर की जरूरत ही नहीं पड़ती. हालांकि अब दुकानदार यही मांग कर रहे हैं कि निर्माण कार्य जल्द पूरा किया जाए ताकि शहर की रफ्तार दोबारा पटरी पर लौट सके

ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह बिगड़ी : शहर की निवासी कल्पना का कहना है कि करनाल में वाहनों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जबकि सड़कों पर दबाव पहले से ज्यादा हो चुका है. उन्होंने कहा कि जिन रास्तों पर फ्लाईओवर बन रहे हैं, वहां का पूरा ट्रैफिक दूसरी सड़कों पर डाल दिया गया है, जिससे जाम और बढ़ गया है. कई रास्ते संकरे और टूटे हुए हैं. कल्पना ने ट्रैफिक लाइटों की खराब व्यवस्था को भी बड़ी समस्या बताया. उनका कहना है कि कई बार सिग्नल खराब होने से दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है और लोग समय पर अपने गंतव्य तक नहीं पहुंच पाते. उन्होंने सरकार से मांग करते हुए कहा कि फ्लाईओवर का काम तेजी से पूरा किया जाए और अतिक्रमण के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो.

आम नागरिकों की अपील : शहर के युवाओं और बुजुर्गों का कहना है कि केवल प्रशासन ही नहीं बल्कि आम लोगों को भी ट्रैफिक नियमों का पालन करना होगा. लोगों का कहना है कि कई बार वाहन चालक जल्दबाजी में गलत दिशा से वाहन निकालने लगते हैं, जिससे जाम और दुर्घटनाओं की स्थिति पैदा हो जाती है. नागरिकों ने मांग करते हुए कहा कि सड़कों से अतिक्रमण हटाया जाए, पार्किंग व्यवस्था सुधारी जाए और निर्माणाधीन पुलों का काम तेजी से पूरा किया जाए ताकि लोगों को राहत मिल सके.

ट्रैफिक पुलिस की चुनौती : अस्पताल चौक पर तैनात ट्रैफिक पुलिस कर्मचारी नरसिंह का कहना है कि सुबह 9 बजे से लेकर रात तक इस सड़क पर लगातार भारी भीड़ रहती है. उन्होंने बताया कि दोपहर करीब ढाई बजे स्कूलों की छुट्टी के समय ट्रैफिक का दबाव कई गुना बढ़ जाता है. ऐसे समय में पुलिस कर्मचारियों को काफी सतर्कता के साथ यातायात नियंत्रित करना पड़ता है. नरसिंह ने बताया कि कई अन्य सड़कों पर फ्लाईओवर निर्माण होने के कारण उनका ट्रैफिक भी अस्पताल चौक की तरफ मोड़ दिया गया है. इसके अलावा गलत दिशा से वाहन निकालने वाले लोग जाम और हादसों की बड़ी वजह बनते हैं. उन्होंने लोगों से ट्रैफिक नियमों का पालन करने की अपील की.

प्रशासन का पक्ष : ट्रैफिक प्रभारी रोशनलाल का कहना है कि शहर के मुख्य मार्गों पर ट्रैफिक का दबाव फिलहाल ज्यादा है क्योंकि रेलवे रोड और बस स्टैंड रोड पर सिंगल पिलर फ्लाईओवर का निर्माण चल रहा है. उन्होंने बताया कि इन मार्गों का ट्रैफिक अस्पताल चौक, अग्रसेन चौक और माल रोड की तरफ डायवर्ट किया गया है, जहां पुलिस लगातार यातायात व्यवस्था संभाल रही है. रोशनलाल ने कहा कि पुलिस और नगर निगम समय-समय पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई भी करते हैं. इसके अलावा मुख्य चौक-चौराहों पर लगे कैमरों के जरिए ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों पर नजर रखी जाती है और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाती है. उन्होंने दावा किया कि निर्माण कार्य पूरा होने के बाद शहर की ट्रैफिक व्यवस्था पहले से बेहतर होगी.
कब मिलेगी ट्रैफिक जाम से राहत ? : बहरहाल करनाल की सड़कों पर आज विकास और परेशानी दोनों साथ-साथ चलते नजर आ रहे हैं. एक तरफ भविष्य में बेहतर ट्रैफिक व्यवस्था की उम्मीद है, तो दूसरी तरफ वर्तमान में लोग जाम, धूल और अव्यवस्था से जूझ रहे हैं. अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या प्रशासन तय समय में इन परियोजनाओं को पूरा कर पाएगा और क्या करनाल को सचमुच ट्रैफिक जाम से राहत मिल पाएगी या फिर शहर की रफ्तार यूं ही जाम में फंसी रहेगी.
हरियाणा समेत देश की ताजा ख़बरें पढ़ने के लिए ईटीवी भारत ऐप डाउनलोड करें. यहां आपको मिलेंगी तमाम बड़ी ख़बरें, लोकसभा चुनाव से जुड़ी हर ख़बर, हर बड़ा अपडेट, वो भी सबसे सटीक और डिटेल एनालिसिस के साथ - Download App
ये भी पढ़ें : टूटी सड़कें...लंबा ट्रैफिक जाम: पंचकूला में लोग बोले- 'ना पार्किंग की व्यवस्था, ना सिग्नल की, पुलिस सिर्फ चालान काटने के लिए'
ये भी पढ़ें : 5 मिनट का रास्ता और घंटों लंबा जाम, फरीदाबाद में ट्रैफिक से लोग परेशान, देखें ग्राउंड रिपोर्ट
ये भी पढ़ें : नूंह में सड़क जाम से परेशान लोग, रेहड़ी, अवैध पार्किंग और कब्जों के कारण जूझ रहा पूरा शहर

