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मुस्कुराइए आप बिहार में हैं..! जाम का मजा तो उठाना पड़ेगा.. गर्मी हो या सर्दी रफ्तार तो 'कछुए' की ही रखनी पड़ेगी

बिहार के कई शहर पिछले कुछ वर्षों से जाम की समस्या से जूझ रहे हैं. मुजफ्फरपुर के लोग भी इससे काफी परेशान हैं. पढ़ें रिपोर्ट

TRAFFIC JAM IN MUZAFFARPUR
मुजफ्फरपुर में जाम (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Bihar Team

Published : February 8, 2026 at 10:12 AM IST

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मुजफ्फरपुर : बाइक पर सवार भोगेंद्र प्रसाद कहते हैं, ''जुड़न छपरा चौक से अखाड़ा घाट जाना है. काफी पहले निकले हुए हैं. सामने देखिए लंबा जाम लगा हुआ है. यह स्पष्ट नहीं है कि जाम कब खुलेगा.''

जाम में फंसते मुजफ्फरपुर के लोग : ये दर्द सिर्फ भोगेंद्र प्रसाद का नहीं है. मुजफ्फरपुर के ही महेश कुमार ने कहा कि प्रतिदिन जाम के कारण उनका कीमती समय बर्बाद हो जाता है. विवेक कुमार ने बताया कि वह एक घंटे से जाम में फंसे हैं और शहर में ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है.

लोगों की जाम पर प्रतिक्रिया (ETV Bharat)

दुकानदार भी परेशान : टावर चौक के दुकानदार मोहम्मद गुड्डु ने कहा कि जाम की वजह से पैदल चलना तक मुश्किल हो गया है. ग्राहक दुकान तक नहीं पहुंच पा रहे हैं. काफी बुरी स्थिति है. लोग जहां रहते हैं वहां घंटों-घंटों खड़े रहते हैं.

स्मार्ट सिटी का दर्जा : उत्तर बिहार की आर्थिक राजधानी के रूप में पहचाने जाने वाला मुजफ्फरपुर स्मार्ट सिटी का दर्जा हासिल करने और बड़े बजट के बावजूद ट्रैफिक जाम की समस्या से लंबे समय से जूझ रहा है. यही समस्या शहर के जनजीवन, आर्थिक गतिविधियों और दैनिक आवागमन को प्रभावित कर रही है.

TRAFFIC JAM IN MUZAFFARPUR
मुजफ्फरपुर में जाम देखिए (ETV Bharat)

ट्रैफिक संकट के समाधान के लिए ठोस योजना नहीं : मुजफ्फरपुर नगर निगम ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए कुल ₹801.01 करोड़ का बजट पास किया. जिसमें शहर की आधारभूत सुविधाओं, सड़क, स्वच्छता, मनोरंजन जैसी योजनाओं के लिए धन आवंटित किया गया. इस बजट के तहत कई प्रोजेक्ट शामिल हैं, लेकिन ट्रैफिक संकट को प्रभावी रूप से हल करने के लिए अभी तक ठोस योजना नहीं बन पाई है.

शहर में वाहन संख्या और जनसंख्या बढ़ने के बावजूद ट्रैफिक व्यवस्था सुचारु नहीं है. ट्रैफिक पुलिस के विशेष डीएसपी (Traffic) समेत शहर पुलिस द्वारा ट्रैफिक नियंत्रण के प्रयास किए जाते हैं, लेकिन सड़कें अक्सर जाम रहती हैं. प्रमुख चौक-चौराहों और बाजार क्षेत्रों में सुबह और शाम को जाम की स्थिति गंभीर हो जाती है, जिससे लोग समय पर अपने गंतव्य तक नहीं पहुंच पाते.

TRAFFIC JAM IN MUZAFFARPUR
हर दिन मुजफ्फरपुर में लगता है लंबा जाम (ETV Bharat)

नए नियम से भी असर नहीं : मुजफ्फरपुर में ट्रैफिक सुधार के लिए 2025 के अंत में ऑटो-ई-रिक्शा परिचालन को तीन जोन में बांटा गया था और नए नियम लागू किए गए थे, ताकि शहर में वाहन परिचालन थोड़ा व्यवस्थित हो सके. हालांकि, जाम की समस्या में अब तक कोई बड़ी कमी नहीं आई है.

कहां लगता है सबसे ज्यादा जाम? : स्मार्ट सिटी का दर्जा मिलने के बावजूद शहर के मोतीझील, कल्याणी चौक, जुड़न छपरा और टावर चौक जैसे प्रमुख इलाकों में दिनभर जाम की स्थिति बनी रहती है. सुबह और शाम के समय हालात और बदतर हो जाते हैं, जिससे आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

ऑफिस जाने वाले कर्मचारियों और स्कूल जाने वाले बच्चों का कहना है कि रोजाना आधे घंटे से एक घंटे तक जाम में फंसना पड़ता है, जिससे समय और मानसिक शांति दोनों प्रभावित हो रहे हैं. बाजार क्षेत्रों में जाम का असर कारोबार पर भी साफ दिख रहा है.

TRAFFIC JAM IN MUZAFFARPUR
जाम से लोग होते हैं परेशान (ETV Bharat)

क्या है मुख्य कारण? : स्थानीय लोगों ने अतिक्रमण, अव्यवस्थित पार्किंग और ट्रैफिक पुलिस की कमी को जाम की मुख्य वजह बताते हुए जिला प्रशासन से ठोस कदम उठाने की मांग की है. जिले के उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि आपातकालीन स्थितियों में निगरानी और नियंत्रण बेहतर किया जाए तथा ट्रैफिक पुलिस को आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाएं.

''ट्रैफिक सुधार के लिए कई योजनाएं बनाई जा रही हैं. सरकारी अधिकारियों ने रोड विस्तार, पुलों के निर्माण और कुछ सड़कों के चौड़ीकरण पर जोर दिया है.''- निर्मला साहू, मेयर, मुजफ्फरपुर

TRAFFIC JAM IN MUZAFFARPUR
सड़कों पर यूं हीं कीचड़ फेंक दिया जाता (ETV Bharat)

मुजफ्फरपुर स्मार्ट सिटी मिशन के तहत शामिल शहरों में से एक है. इस परियोजना के लिए प्रारंभ में लगभग ₹1,580 करोड़ आवंटित किए गए थे, जिन्हें बाद में संशोधित कर लगभग ₹982 करोड़ कर दिया गया. स्मार्ट सिटी परियोजना के लक्ष्य में सड़क, जलवायु, स्मार्ट निगरानी और अन्य बुनियादी ढांचे का विकास शामिल है, लेकिन ट्रैफिक प्रबंधन अब भी एक बड़ा चैलेंज बना हुआ है.

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