गुड़ की मिठास में रची-बसी हरियाणा की परंपरा...गांव अराइंयावाला में खट्टर ने बनाया गुड़, कंवरपाल गुर्जर ने चखा स्वाद
यमुनानगर के गांव अराइंयावाला में मनोहर लाल खट्टर ने पारंपरिक गुड़ बनाया.

Published : February 7, 2026 at 5:17 PM IST
यमुनानगर: हरियाणा की मिट्टी, संस्कृति और अपनत्व की अनोखी झलक उस समय देखने को मिली जब जिला यमुनानगर के जगाधरी विधानसभा क्षेत्र के गांव अराइंयावाला में पारंपरिक गुड़ निर्माण की खुशबू ने माहौल को मिठास से भर दिया. दरअसल, एक शादी समारोह से लौटते समय केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर और हरियाणा के पूर्व कैबिनेट मंत्री श्री कंवरपाल गुर्जर गांव पहुंचे, जहां उन्हें पारंपरिक तरीके से तैयार हो रहा ताज़ा गुड़ दिखाया गया. इस दृश्य ने न सिर्फ़ नेताओं का ध्यान खींचा, बल्कि गांव में उत्साह का माहौल भी बना दिया.
खट्टर ने खुद बनाई गुड़ की डली: गांव में पहुंचने पर केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने गुड़ बनाने की पूरी पारंपरिक प्रक्रिया को बड़े ध्यान से देखा. उन्होंने कढ़ाही में उबलते गन्ने के रस से गुड़ तैयार करने की विधि को समझा और स्वयं भी गुड़ बनाने में हाथ आज़माया. इस दौरान ग्रामीणों से आत्मीय संवाद करते हुए खट्टर ने कहा कि, "गुड़ हमारी भारतीय संस्कृति और ग्रामीण जीवनशैली की पहचान है, जो पीढ़ियों से हमारी थाली का अहम हिस्सा रहा है."
सेहत और संस्कृति का खजाना: केंद्रीय मंत्री ने कहा, “गुड़ केवल मिठास नहीं, बल्कि सेहत का खजाना है. गुड़ में आयरन, मिनरल्स और प्राकृतिक ऊर्जा भरपूर मात्रा में होती है, जो शरीर को ताकत देती है और कई रोगों से बचाव में सहायक है." वहीं, पूर्व कैबिनेट मंत्री श्री कंवरपाल गुर्जर ने ताज़ा बने गुड़ का स्वाद चखते हुए इसे शुद्ध और पारंपरिक बताया तथा गांवों में ऐसी परंपराओं को संरक्षित रखने पर जोर दिया.
ग्रामीणों में दिखा उत्साह: इस दौरान गांव अराइंयावाला में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला. ग्रामीणों ने नेताओं के साथ इस मुलाकात को अपने लिए गर्व का क्षण बताया. उनका कहना था कि ऐसे पल न केवल हमारी सांस्कृतिक विरासत को जीवंत रखते हैं, बल्कि नई पीढ़ी को भी अपनी जड़ों से जोड़ने का काम करते हैं.
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