मैदानी राज्यों में आसमान से बरस रही आग, राहत के लिए पहाड़ों की ओर दौड़ रहे सैलानी, ठंडी वादियों में उठा रहे आनंद
हिमाचल में यदि मौसम इसी तरह सुहावना बना रहा तो आने वाले दिनों में पर्यटकों की संख्या और बढ़ सकती है.

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team
Published : May 21, 2026 at 3:21 PM IST
कुल्लू: देश के मैदानी राज्यों में इन दिनों भीषण गर्मी लोगों का जीना मुश्किल कर रही है. दिल्ली, राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र, हरियाणा और पंजाब के कई हिस्सों में तापमान 40 से 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है. गर्म हवाओं और चिलचिलाती धूप से परेशान लोग अब राहत की तलाश में पहाड़ों का रुख कर रहे हैं. हिमाचल प्रदेश के पर्यटन स्थलों, खासकर कुल्लू-मनाली में इन दिनों पर्यटकों की अच्छी खासी भीड़ देखने को मिल रही है. ठंडी वादियां, हरियाली और बर्फीली चोटियों के बीच सैलानी सुकून के पल बिता रहे हैं.
ब्यास नदी में राफ्टिंग का बढ़ा क्रेज
गर्मी से राहत पाने के लिए कुल्लू पहुंच रहे पर्यटक केवल प्राकृतिक सुंदरता का आनंद ही नहीं ले रहे, बल्कि साहसिक गतिविधियों में भी बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं. ब्यास नदी की ठंडी धारा इन दिनों पर्यटकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनी हुई है. रामशिला सहित विभिन्न रिवर राफ्टिंग प्वाइंट्स पर सैलानियों की भारी भीड़ उमड़ रही है.

पर्यटक राफ्टिंग के दौरान ब्यास नदी के ठंडे पानी का आनंद ले रहे हैं. कई लोग नदी किनारे समय बिताकर और ठंडे पानी में डुबकी लगाकर गर्मी से राहत महसूस कर रहे हैं. स्थानीय पर्यटन कारोबारियों के अनुसार पिछले कुछ दिनों में पर्यटकों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई है.
रिवर राफ्टिंग संचालक सुरेश शर्मा ने बताया कि मैदानी राज्यों में भीषण गर्मी पड़ने के कारण बड़ी संख्या में लोग कुल्लू पहुंच रहे हैं. इसका सीधा फायदा पर्यटन कारोबार और रिवर राफ्टिंग गतिविधियों को मिल रहा है. उन्होंने कहा कि सभी राफ्टिंग प्वाइंट्स पर पर्यटकों की अच्छी भीड़ है और सैलानी ब्यास नदी की ठंडी धाराओं के बीच रोमांच का आनंद ले रहे हैं. साथ ही पर्यटकों की सुरक्षा के लिए लाइफ जैकेट, प्रशिक्षित गाइड और अन्य सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखा जा रहा है.

सुहावना मौसम पर्यटकों को दे रहा राहत
महाराष्ट्र से आई पर्यटक स्वाति ने बताया कि उनके राज्य में इस समय भीषण गर्मी पड़ रही है और कई क्षेत्रों में तापमान 40 डिग्री से ऊपर पहुंच चुका है. ऐसे में कुल्लू-मनाली का सुहावना मौसम उन्हें काफी राहत दे रहा है. उन्होंने कहा कि यहां गर्मियों में भी ठंडक का एहसास होता है, जो मैदानी इलाकों में संभव नहीं है.
गुजरात से आए जयदीप ने बताया कि उन्होंने पहली बार रिवर राफ्टिंग का अनुभव लिया और ब्यास नदी के ठंडे पानी में यह रोमांच उन्हें हमेशा याद रहेगा. उन्होंने कहा कि कुल्लू का मौसम बेहद सुखद है और यहां की प्राकृतिक सुंदरता मन मोह लेती है.

लाहौल से मणिकर्ण तक घूम रहे पर्यटक
पुणे से आए पर्यटक नीलेश ने बताया कि महाराष्ट्र में इन दिनों घर से बाहर निकलना भी मुश्किल हो गया है. इसी कारण उन्होंने परिवार के साथ कुल्लू-मनाली आने का फैसला लिया. उन्होंने मनाली, लाहौल और मणिकर्ण जैसे पर्यटन स्थलों का भ्रमण किया और यहां का मौसम उन्हें बेहद पसंद आया. वहीं, मुंबई से आई प्रियंका ने कहा कि ब्यास नदी का ठंडा पानी और आसपास की हरियाली किसी स्वर्ग से कम नहीं लगती. रिवर राफ्टिंग का अनुभव रोमांचक होने के साथ-साथ गर्मी से राहत देने वाला भी रहा. उन्होंने कहा कि मैदानी इलाकों की तपती गर्मी से दूर यहां का वातावरण काफी सुकून देने वाला है.
पर्यटन कारोबार को भी मिल रहा सहारा
पर्यटकों की बढ़ती संख्या का असर स्थानीय पर्यटन कारोबार पर भी दिखाई देने लगा है. होटल, होमस्टे, टैक्सी संचालक, रेस्टोरेंट और एडवेंचर गतिविधियों से जुड़े लोगों के कारोबार में तेजी आई है. पर्यटन सीजन के चलते कुल्लू-मनाली के बाजारों में भी रौनक लौट आई है. होटल संचालक दिनेश शर्मा ने बताया कि मई महीने के दूसरे सप्ताह से पर्यटकों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिल रही है. बड़ी संख्या में पर्यटक मनाली के साथ-साथ लाहौल और रोहतांग दर्रा का भी रुख कर रहे हैं. शाम के समय मनाली का माल रोड पर्यटकों से पूरी तरह गुलजार नजर आता है. उन्होंने कहा कि यदि मौसम इसी तरह सुहावना बना रहा तो आने वाले दिनों में पर्यटकों की संख्या और बढ़ सकती है. इससे पर्यटन उद्योग को नई मजबूती मिलेगी और स्थानीय लोगों की आय में भी बढ़ोतरी होगी.

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