दिल्ली की 'घुटन' से राहत के लिए पहाड़ों का रुख कर रहे पर्यटक, कुल्लू-मनाली में बढ़ी भीड़
कुल्लू-मनाली में पर्यटन कारोबार पटरी पर लौट रहा है. उत्तर भारत समेत देश के कई हिस्सों से पर्यटक हिमाचल पहुंच रहे हैं.

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team
Published : December 20, 2025 at 5:00 PM IST
|Updated : December 20, 2025 at 5:29 PM IST
कुल्लू: देश की राजधानी दिल्ली समेत उत्तर भारत के कई हिस्सों में बढ़ते वायु प्रदूषण से परेशान पर्यटक अब राहत की तलाश में हिमाचल प्रदेश का रुख कर रहे हैं. साफ हवा, ठंडा मौसम और बर्फ से ढकी वादियों के कारण कुल्लू जिले के प्रमुख पर्यटन स्थलों में सैलानियों की संख्या तेजी से बढ़ने लगी है. इसका सीधा असर होटल कारोबार और पर्यटन गतिविधियों पर दिख रहा है.
पर्यटन स्थलों पर बढ़ी रौनक
कुल्लू, मनाली, कसोल, मणिकर्ण और जिभी जैसे पर्यटन स्थलों में बीते कुछ दिनों में पर्यटकों की आमद लगातार बढ़ी है. होटल कारोबारियों के अनुसार पहले जहां कमरों की बुकिंग 40 से 45 फीसदी तक सिमटी हुई थी, अब यह बढ़कर 60 से 80 फीसदी तक पहुंच गई है. रोजाना नए पर्यटक घाटी में पहुंच रहे हैं, जिससे बाजारों और पर्यटन स्थलों में रौनक लौटने लगी है.
वाहनों की संख्या में लगातार इजाफा
शनिवार को कुल्लू जिले में दूसरे राज्यों से करीब 1500 से अधिक पर्यटक वाहन पहुंचे. एक दिसंबर से अब तक कुल 15 हजार से ज्यादा वाहन जिले में प्रवेश कर चुके हैं. प्रशासन के आंकड़ों के अनुसार हर दिन पर्यटकों की संख्या में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है. इससे आने वाले दिनों में पर्यटन कारोबार के और तेज होने की उम्मीद जताई जा रही है.
28 दिसंबर तक खुला रहेगा रोहतांग दर्रा
पर्यटकों के बढ़ते रुझान की एक बड़ी वजह रोहतांग दर्रा भी है. जिला प्रशासन ने सैलानियों के लिए 4×4 वाहनों के जरिए रोहतांग दर्रे को 28 दिसंबर तक खुला रखने की अनुमति दी है. बर्फ से ढकी वादियां, अटल टनल रोहतांग और कोकसर जैसे इलाके पर्यटकों को खूब लुभा रहे हैं. मनाली पहुंचे सैलानी रोहतांग, शिंकुला, कोकसर के साथ-साथ कसोल, मणिकर्ण और जिभी की ओर भी रुख कर रहे हैं.
क्रिसमस और न्यू ईयर के लिए मनाली तैयार
क्रिसमस और न्यू ईयर को लेकर कुल्लू-मनाली के पर्यटन स्थलों में तैयारियां शुरू हो चुकी हैं. होटलों में सांस्कृतिक कार्यक्रम, कुल्लवी नाटी, डीजे नाइट और विशेष पैकेज तैयार किए जा रहे हैं. होटल कारोबारी सैलानियों से एडवांस बुकिंग कराने की अपील कर रहे हैं, ताकि त्योहारों के दौरान उन्हें किसी तरह की परेशानी न हो.
त्योहारों से पर्यटन कारोबार को राहत की उम्मीद
पर्यटन कारोबारी मुकेश ठाकुर का कहना है कि घाटी में अभी बर्फबारी का इंतजार है. बर्फ गिरते ही सैलानियों की संख्या दोगुनी हो सकती है. उन्होंने कहा कि इस साल प्राकृतिक आपदा के कारण पर्यटन कारोबार को भारी नुकसान झेलना पड़ा. जहां पिछले वर्ष कुल्लू जिले में 35 लाख से अधिक सैलानी पहुंचे थे, वहीं इस साल यह आंकड़ा घटकर करीब 23 लाख रह गया. ऐसे में क्रिसमस और न्यू ईयर से कारोबारियों को काफी उम्मीदें हैं.
जिला पर्यटन अधिकारी रोहित शर्मा ने बताया, "कुल्लू जिले के पर्यटन स्थलों में रोजाना पर्यटकों की आमद बढ़ रही है. क्रिसमस और न्यू ईयर पर यह संख्या और बढ़ने की संभावना है. अधिक से अधिक पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए पर्यटन विभाग लगातार प्रयास कर रहा है."
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