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अंश-अंशिका बचाओ संघर्ष समिति की बैठक में चरणबद्ध आंदोलन की रूपरेखा तय, रांची में 10 जनवरी को मशाल जुलूस

रांची में लापता भाई-बहन का अब तक कुछ पता नहीं चला है. इसे लेकर अंश-अंशिका बचाओ संघर्ष समिति ने चरणबद्ध आंदोलन का निर्णय लिया है.

Ansh Anshika Bachao Sangrash Samiti
अंश अंशिका बचाओ संघर्ष समिति की बैठक में मौजूद सदस्य. (फोटो-ईटीवी भारत)
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By ETV Bharat Jharkhand Team

Published : January 8, 2026 at 8:10 PM IST

3 Min Read
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रांची: राजधानी रांची के HEC क्षेत्र में मौसीबाड़ी के पास से गुम हुए भाई-बहन अंश-अंशिका का सातवें दिन भी सुराग नहीं मिल पाया है. इस कारण स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ रही है. गुरुवार को स्थानीय लोगों ने "अंश-अंशिका बचाओ संघर्ष समिति" बनाकर दोनों मासूम की सकुशल वापसी तक लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन शुरू करने के निर्णय लिया है. इसके लिए एक संयोजक मंडली का भी गठन किया गया है. राजद नेता कैलाश यादव को संयोजक मंडली का संयोजक बनाया गया है. गुरुवार को कैलाश यादव की अध्यक्षता में मौसीबाड़ी इलाके में बैठक कर अपहृत 5 वर्षीय अंश और 4 वर्षीय अंशिका का 7वें दिन सुराग नहीं मिलने से चिंता व्यक्त की गई.

बैठक के दौरान अपहृत अंश-अंशिका के पिता सुनील यादव, मिंटू पासवान, नंदन यादव, बबन यादव, पूर्व पार्षद उर्मिला देवी, पूर्व पार्षद मंजू देवी, नीलम चौधरी, अनीता यादव, संजीत यादव, पिंकी देवी, स्नेहलता, संतोष सिंह, मुन्ना सिंह, मनीष सिंह, रामकुमार यादव, ओमप्रकाश यादव, ओम तिवारी, कुंदन यादव, ओम तिवारी, उदय यादव, राहुल कुमार, अभिषेक सिंह, राजेश यादव सहित कई लोगों ने अपने-अपने विचार व्यक्त किए. इस दौरान सभी लोगों ने कहा कि बच्चों की सकुशल वापसी तक अंश-अंशिका बचाओ संघर्ष समिति की सभी निर्णयों पर सहमति जताई जाएगी.

पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर उठाए सवाल

बैठक के दौरान संयोजक कैलाश यादव ने कहा कि 7 दिन के बाद भी प्रशासन अंश-अंशिका को सकुशल वापसी में सफल नहीं हो सका है. उन्होंने कहा कि शहीद मैदान स्थित शेख भिखारी चौक पर महाधरना के दौरान धरना स्थल पर आकर रांची के सीनियर एसपी राकेश रंजन ने आश्वस्त किया था कि उच्च स्तरीय विशेष जांच कमेटी (SIT) गठित की गई है और बहुत जल्द बच्चों को बरामदगी कर खुशखबरी देने का काम करेंगे, लेकिन आज 7 दिन हो गए और परिजन की स्थिति बेहद चिंताजनक हो चली है. इससे समाज और क्षेत्र में जनाक्रोश व्याप्त है. इसलिए जनसमूह की भावनाओं के साथ चलना अंश-अंशिका बचाओ संघर्ष समिति की मजबूरी है. अंश-अंशिका की वापसी तक आंदोलन करना उनकी लाचारी और सामाजिक जरूरत भी है.

चरणबद्ध आंदोलन की बनी रूपरेखा

अंश-अंशिका बचाओ संघर्ष समिति के सदस्यों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि मानवता, मानवीय संवेदना, परिजन के आह्वान और समाज एवं क्षेत्र के लोगों की भावनाओं का सम्मान करते हुए 10 जनवरी को शाम 4 बजे से मशाल जुलूस लेकर पुराना विधानसभा तक पद मार्च कर भगवान बिरसा चौक तक जाएंगे और विरोध प्रदर्शन किया जाएगा. वहीं 11 जनवरी को संपूर्ण एचईसी क्षेत्र बंद रहेगा, जिसमें सभी बाजार, आवासीय क्षेत्र का बाजार, हाट, दुकानें स्वतः बंद कर क्षेत्र के लोग मानवीय संवेदना व्यक्त करेंगे. अंश-अंशिका के सकुशल वापसी तक चरणबद्ध रणनीति के तहत प्रतिदिन कार्यक्रम घोषित किए जाएंगे.

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