निजी बसों की छत से कैरियर-सीढ़ियां हटाने का आज अंतिम दिन, कल से होगी कार्रवाई
सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और यात्री सुरक्षा बढ़ाने के लिए यह आदेश जारी किए गए हैं.

Published : December 31, 2025 at 10:45 AM IST
भरतपुरः सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण और सुरक्षित यात्री परिवहन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से निजी बसों की छतों पर लगे कैरियर (लगेज रैक) और छत पर चढ़ने के लिए लगी सीढ़ियों को हटाने के आदेशों की समय-सीमा आज समाप्त हो रही है. परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि बुधवार को बसों से कैरियर और सीढ़ियां नहीं हटाई गईं, तो 1 जनवरी 2026 से नियमों की पालना नहीं करने वाली सभी बसों के चालान काटने के साथ-साथ सीज करने की कार्रवाई की जाएगी.
प्रादेशिक परिवहन अधिकारी (आरटीओ) इन्दू मीणा ने बताया कि विभाग द्वारा सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और यात्री सुरक्षा बढ़ाने के लिए यह आदेश जारी किए गए हैं. बसों की छतों पर सामान ढोने और छत पर यात्रियों या स्टाफ के चढ़ने की प्रवृत्ति न केवल मोटर वाहन नियमों का उल्लंघन है, बल्कि गंभीर हादसों का कारण भी बनती है. उन्होंने कहा कि आदेश जारी होने के बावजूद कई बस ऑपरेटरों द्वारा अब तक इसकी समुचित पालना नहीं की गई है, जिसे विभाग गंभीरता से ले रहा है.
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जांच अभियान चलाया जाएगाः आरटीओ ने स्पष्ट किया कि आज आदेश की पालना का अंतिम दिन है. इसके बाद परिवहन विभाग द्वारा जिलेभर में सघन जांच अभियान चलाया जाएगा. अभियान के दौरान नियमों का उल्लंघन करने वाली बसों के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम के तहत चालान, परमिट संबंधी कार्रवाई और आवश्यकता पड़ने पर वाहन सीज करने की कार्रवाई की जाएगी.
जिला परिवहन अधिकारी (डीटीओ) अभय मुद्गल ने बताया कि जिले के सभी बस ऑपरेटरों, वाहन स्वामियों और चालकों को आदेशों की जानकारी पहले ही दे दी गई है. उन्होंने कहा कि सुरक्षित परिवहन व्यवस्था में विभाग का सहयोग करना सभी ऑपरेटरों की जिम्मेदारी है. यात्रियों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. डीटीओ ने यह भी बताया कि बसों की छतों पर कैरियर और सीढ़ियां होने से ओवरलोडिंग, ऊंचाई सीमा का उल्लंघन और असंतुलन जैसी समस्याएं पैदा होती हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है. इसी कारण परिवहन विभाग ने ऐसे सभी ढांचों को हटाने के निर्देश दिए हैं. नियमों की पालना नहीं करने पर ऐसी बसों के 1 जनवरी 2026 से चालान और सीज करने की कार्रवाई की जाएगी.

