पेंशन पाने के लिए महिलाओं ने अपने पति को बताया मृत, 10 साल से चल रहा घोटाला
दुमका में विधवा पेंशन घोटाला सामने आया है. यहां जीवित पति के साथ रहते हुए महिलाएं 10 साल से पेंशन ले रही थीं.


Published : February 18, 2026 at 2:54 PM IST
दुमका: पैसे के लालच में लोग अब सरकारी योजनाओं का भी दुरुपयोग करने से नहीं चूकते. झारखंड के दुमका जिले में ऐसा ही एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां कई महिलाओं ने अपने जीवित पतियों को मृत बताकर विधवा पेंशन का लाभ उठाया. प्रशासन की जांच में अब तक 14 ऐसी महिलाएं चिह्नित की गई हैं, जो पिछले 10 वर्षों से फर्जीवाड़े से पेंशन प्राप्त कर रही थीं.
जांच टीम के सामने निकला पति के साथ विधवा
रानीश्वर प्रखंड के बीडीओ राजेश कुमार सिन्हा ने अपनी जांच टीम के साथ मोहलबना पंचायत के कदमा गांव में छापेमारी की. जब टीम उन महिलाओं के घर पहुंची, जो सरकारी रिकॉर्ड में विधवा बताई जा रही थीं, तो वे अपने पतियों के साथ घर से बाहर निकलीं. यह देख जांच टीम हैरान रह गई. फाइलों में इन महिलाओं को विधवा दिखाया गया था, लेकिन हकीकत में उनके पति जिंदा थे और उनके साथ रह रहे थे.
बिचौलियों का खेल, रुपये लेकर कराई स्वीकृति
पूछताछ में महिलाओं ने बताया कि दो बिचौलियों ने उनके लिए पेंशन स्वीकृत कराई थी. इसके बदले उन्होंने मोटी रकम ली थी. बीडीओ राजेश कुमार सिन्हा ने बताया कि अब तक 14 महिलाओं को चिह्नित किया गया है, जिनमें से छह का भौतिक सत्यापन पूरा हो चुका है. इनमें शामिल हैं बुलुबाला दासी, चुड़की मुर्मू, मालती मुर्मू, रेखा गोराई, सुकुरमुनि सोरेन और सामदी दत्ता.

विधवा पेंशन योजना के तहत पात्र महिलाओं को प्रतिमाह 1,000 रुपये दिए जाते हैं. इन महिलाओं ने पिछले 10 वर्षों में लाखों रुपये गलत तरीके से प्राप्त किए हैं.
राशि की वसूली और कार्रवाई का ऐलान
बीडीओ राजेश कुमार सिन्हा ने कहा कि मामला सामने आते ही कार्रवाई शुरू कर दी गई है. गलत तरीके से प्राप्त पेंशन राशि की पूरी वसूली कराई जाएगी. बुधवार को इन महिलाओं को नोटिस जारी किया जा रहा है. साथ ही, जिन दो बिचौलियों ने यह फर्जीवाड़ा करवाया, उनकी भी जांच की जाएगी और उचित कार्रवाई अमल में लाई जाएगी.

यह घटना सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता और सत्यापन की प्रक्रिया पर सवाल खड़े करती है. प्रशासन अब ऐसे मामलों पर सख्त निगरानी रखने की तैयारी में है, ताकि पात्र लोगों तक ही लाभ पहुंचे.
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