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जयपुर: स्वच्छ सर्वेक्षण-2025 में टॉप रैंकिंग के लिए सख्त मॉनिटरिंग, उपायुक्तों को दो बार रोज निरीक्षण के निर्देश

जयपुर नगर निगम स्वच्छ सर्वेक्षण-2025 में शीर्ष रैंकिंग लाने के लिए उपायुक्तों को रोजाना दो बार वार्ड निरीक्षण के निर्देश दिए गए हैं.

जयपुर में सफाई के लिए सख्त निर्देश
जयपुर में सफाई के लिए सख्त निर्देश (ETV Bharat Jaipur)
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By ETV Bharat Rajasthan Team

Published : January 4, 2026 at 1:32 PM IST

3 Min Read
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जयपुर: स्वच्छ सर्वेक्षण-2025 में शीर्ष रैंकिंग सुनिश्चित करने के लिए स्वायत्त शासन विभाग ने जयपुर नगर निगम में सख्त मॉनिटरिंग सिस्टम लागू करने का फैसला किया है. अब शहर की सफाई व्यवस्था पर दिन में दो बार सीधे उपायुक्तों की ओर से निरीक्षण किया जाएगा. सभी उपायुक्त (DC) सुबह 7:30 बजे और दोपहर 2:30 बजे अपने-अपने जोन के प्रत्येक वार्ड का निरीक्षण करेंगे. निरीक्षण के दौरान साफ-सफाई, कचरा उठान, विज़िबल क्लीनलिनेस और फील्ड लेवल पर कार्य की स्थिति की रिपोर्ट भी तैयार की जाएगी.

जोन स्तर पर सघन निगरानी: टूरिज्म सीजन के दौरान जयपुर शहर की सफाई व्यवस्था मिश्रित तस्वीर सामने आई. मुख्य सड़कों और वीआईपी इलाकों में नियमित सफाई, मशीनों से रोड स्वीपिंग और समय पर कचरा उठान दिखाई दिया, लेकिन अंदरूनी कॉलोनियों, परकोटा क्षेत्र और कई वार्डों में अव्यवस्थित कचरा निस्तारण, खुले में डंपिंग और अनियमित सफाई अब भी बड़ी चुनौती बनी हुई है. सुबह के समय सफाई के बाद दोपहर तक कई स्थानों पर फिर से गंदगी नजर आने लगती है, जिससे 'विज़िबल क्लीनलिनेस' प्रभावित हो रही है. गीला-सूखा कचरा सेग्रीगेशन, डोर-टू-डोर कलेक्शन और सार्वजनिक शौचालयों के रखरखाव में कमी देखी जा सकती है.

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ऐसे में स्वायत्त शासन सचिव रवि जैन ने निर्देश दिए हैं कि स्वच्छता कार्यों की जोनवार सघन मॉनिटरिंग की जाएगी और प्रगति की मासिक समीक्षा होगी. इससे लापरवाह क्षेत्रों और जिम्मेदार अधिकारियों की पहचान सीधे तौर पर की जा सकेगी. खुद उपायुक्त सुबह 7:30 बजे और दोपहर 2:30 बजे अपने-अपने जोन के प्रत्येक वार्ड का निरीक्षण कर ग्राउंड रिपोर्ट तैयार करेंगे.

अच्छा काम करने वालों को मिलेगा सम्मान: मॉनिटरिंग रिपोर्ट के आधार पर श्रेष्ठ कार्य करने वाले मुख्य निरीक्षक (CI) और उप निरीक्षक (SI) को सम्मानित किया जाएगा. इसका उद्देश्य फील्ड स्टाफ में प्रतिस्पर्धा और जवाबदेही बढ़ाना है. साथ ही स्वायत्त शासन सचिव रवि जैन ने यह भी स्पष्ट किया कि स्वच्छ सर्वेक्षण केवल निगम तक सीमित नहीं रहेगा. आम नागरिकों, व्यापारिक संगठनों और सामाजिक संस्थाओं की भागीदारी के साथ स्वच्छता अभियान को जन-आंदोलन के रूप में आगे बढ़ाया जाएगा.

शीर्ष रैंकिंग का लक्ष्य: स्वच्छ सर्वेक्षण 2024-25 के नतीजों में जयपुर ने स्वच्छता के मोर्चे पर बड़ी और ऐतिहासिक छलांग लगाई थी. जयपुर ग्रेटर नगर निगम को देशभर में 16वीं रैंक और हेरिटेज नगर निगम को 20वीं रैंक हासिल हुई. ये उपलब्धि इसलिए भी उल्लेखनीय रही, क्योंकि हेरिटेज नगर निगम इससे पहले 171वें स्थान पर था, जबकि जयपुर ग्रेटर नगर निगम 173वें पायदान पर था. अब जब जयपुर में निगम फिर एक हुआ है और सेंट्रलाइज्ड मॉनिटरिंग शुरू की जा रही है, ऐसे में स्वायत्त शासन विभाग ने साफ संदेश दिया है कि जयपुर नगर निगम को स्वच्छ सर्वेक्षण-2025 में शीर्ष स्थान दिलाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी. इसके लिए फील्ड लेवल से लेकर उच्च स्तर तक जवाबदेही तय की जाएगी और परिणाम आधारित कार्य प्रणाली अपनाई जाएगी.

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